एयरबस के साथ देश में एक मज़बूत एयरोस्पेस इकोसिस्टम का सहनिर्माण
'एयरबस-जीएसवी की अनूठी उद्योग अकादमिक साझेदारी एक मिसाल है'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 5 February 2026 02:43:33 PM
वडोदरा। एयरबस ने गति शक्ति विश्वविद्यालय वडोदरा में एयरोस्पेस अध्ययन केलिए एक उत्कृष्टता केंद्र का उद्घाटन किया है। गौरतलब हैकि गति शक्ति विश्वविद्यालय परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में भारत का अद्वितीय उद्योग संचालित केंद्रीय विश्वविद्यालय है। एयरोस्पेस अध्ययन केंद्र भारत के एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को सुदृढ़ करने केलिए एयरबस और जीएसवी केबीच दीर्घकालिक सहयोग में उल्लेखनीय उपलब्धि है। इसका उद्देश्य अनुसंधान, नवाचार और प्रतिभा विकास से देश के एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना है। इसका एक प्रमुख केंद्र सतत विमानन ईंधन पर अनुसंधान एवं विकास करना और भविष्य की एयरोस्पेस प्रौद्योगिकियों में छात्र नेतृत्व वाले नवाचारों को समर्थन देना होगा। वर्ष 2024 में घोषित एयरोस्पेस अध्ययन प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन एयरबस इंडिया और दक्षिण एशिया के अध्यक्ष व प्रबंध निदेशक जुर्गन वेस्टरमेयर ने जीएसवी की सदस्य राजमाता शुभांगिनीराजे गायकवाड़ और गति शक्ति विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर मनोज चौधरी की उपस्थिति में किया।
प्रोफेसर मनोज चौधरी ने इस अवसर पर कहाकि यह उत्कृष्टता केंद्र भारत में सशक्त एयरोस्पेस पारिस्थितिकी तंत्र के सहनिर्माण के हमारे मिशन में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहाकि यह केंद्र अनुसंधान एवं विकास तथा नवाचार केप्रति एयरबस की प्रतिबद्धता का स्पष्ट प्रमाण है, जो नगरपालिका ठोस अपशिष्ट को सतत विमानन ईंधन में परिवर्तित करने जैसी अभूतपूर्व तकनीकों पर केंद्रित है। एयरबस इंडिया के जुर्गन वेस्टरमेयर ने कहाकि हमें खुशी हैकि एयरबस और जीएसवी केबीच सहयोग छात्रों को समग्र पारिस्थितिकी तंत्र विकास का नेतृत्व करने, भारत के भविष्य के विमानन परिदृश्य को आकार देने और भारत सरकार के आत्मनिर्भर भारत के दृष्टिकोण का समर्थन करने केलिए आवश्यक कौशल प्रदान करेगा। जीएसवी के कुलपति ने कहाकि कुलाधिपति अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में गति शक्ति विश्वविद्यालय परिवहन और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र केलिए उच्चकुशल मानव संसाधन और नई प्रौद्योगिकियों के निर्माण हेतु उद्योग प्रेरित नवाचार दृष्टिकोण को वास्तविकता में बदल रहा है।
जीएसवी के कुलपति ने कहाकि एयरबस और जीएसवी की अनूठी उद्योग-अकादमिक साझेदारी देश केलिए एक मिसाल है। उन्होंने कहाकि एयरबस चेयर प्रोफेसरशिप और एयरबस छात्रवृत्ति की स्थापना केलिए पहले भी कई कदम उठाए जा चुके हैं। कुलपति ने विश्वास व्यक्त करते हुए कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का परिकल्पित दृष्टिकोण 2047 तक विकसित भारत केलिए सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहाकि वर्ष 2024 से एयरबस और जीएसवी ने भारत में एकीकृत एयरोस्पेस इकोसिस्टम के आधारभूत तत्वों को परिपक्व करने के उद्देश्य से यह समग्र साझेदारी की थी। उन्होंने कहाकि इसमें मेधावी और वंचित 45 छात्रों केलिए पूर्ण छात्रवृत्ति कार्यक्रम से मानव पूंजी विकास केलिए महत्वपूर्ण प्रतिबद्धता शामिल है, जिसमें एक तिहाई छात्रवृत्तियां महिलाओं केलिए आरक्षित हैं। उन्होंने कहाकि शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देने केलिए एयरबस ने स्नातक, स्नातकोत्तर और अल्पकालिक कार्यकारी कार्यक्रमों के विकास में सहयोग हेतु जीएसवी में एयरोस्पेस अध्ययन केलिए एक चेयर प्रोफेसर का पद भी स्थापित किया है।
सतत विमानन समाधान विकसित करने के संयुक्त अध्ययन समझौते केसाथ साझेदारी का विस्तार उच्चप्रभाव वाले अनुसंधान में भी हुआ है। यह पहल नगरपालिका ठोस अपशिष्ट को सतत विमानन ईंधन में परिवर्तित करने पर केंद्रित अनुसंधान एवं विकास केलिए अनुदान प्रदान करती है, जिसमें भारत में विमानन ईंधन केलिए स्थानीय स्तरपर उत्पादित, चक्रीय अर्थव्यवस्था बनाने हेतु जीएसवी की अनुसंधान क्षमताओं और एयरबस की औद्योगिक विशेषज्ञता का लाभ उठाया जाता है। ज्ञातव्य हैकि गति शक्ति विश्वविद्यालय परिवहन और रसद क्षेत्रमें भारत का एकमात्र विश्वविद्यालय है, जिसे संसद के अधिनियम के जरिए 2022 में एक केंद्रीय विश्वविद्यालय के रूपमें स्थापित किया गया था। मांग आधारित पाठ्यक्रम का अनुसरण करते हुए विश्वविद्यालय को रेलवे, विमानन, राजमार्ग, बंदरगाह, समुद्री परिवहन, जहाजरानी, अंतर्देशीय जलमार्ग, शहरी परिवहन, संपूर्ण रसद एवं आपूर्ति श्रृंखला नेटवर्क सहित संपूर्ण परिवहन क्षेत्र को कवर करने का दायित्व सौंपा गया है। विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अश्विनी वैष्णव (रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री) हैं।