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बीएसएफ एक अभेद्य दीवार है-गृहमंत्री

गृहमंत्री ने गुरनाम और बोबिया चौकियों का दौरा किया

'अजेय प्रहरी' स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 7 February 2026 12:39:17 PM

the home minister visited gurnam and bobia outposts

जम्मू। गृहमंत्री अमित शाह ने जम्मू दौरे पर भारत-पाकिस्तान की सीमा पर बॉर्डर आउट पोस्ट ‘गुरनाम’ और 'बोबिया' पर सुरक्षा प्रबंधों का जायजा लिया। गृहमंत्री ने ‘अजेय प्रहरी’ स्मारक पर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और बोबिया परिसर में पौधारोपण भी किया। अमित शाह ने सीमा प्रहरियों के कल्याण केलिए 7 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का उद्घाटन किया, इनमें नवनिर्मित सोलर वॉटर हीटर, सोलर पावर प्लांट और ऑफिसर्स मेस प्रमुख हैं। उन्होंने सीमा सुरक्षा बल की 242 करोड़ रुपये की बुनियादी ढांचे से जुड़ी परियोजनाओं का शिलान्यास भी किया। गृहमंत्री ने बीएसएफ जवानों को संबोधित करते हुए कहाकि वे जबभी कच्छ, राजस्थान या जम्मू-कश्मीर के दुर्गम स्थानों पर बीएसएफ की किसीभी चौकी पर जाते हैं, वहां तैनात बीएसएफ जवानों से हमेशा कर्तव्यबोध और कर्तव्य निर्वहन के गुण सीखकर लौटते हैं। अमित शाह ने कहाकि इन दुर्गम चौकियों के दौरे के समय वे यह देखते हैंकि कैसे सीमा पर बीएसएफ जवान गहरी लगन केसाथ अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हैं। गृहमंत्री ने कहाकि बीएसएफ के जवान कर्तव्यनिष्ठा और समर्पण का सर्वोत्तम उदाहरण हैं, जो दिनरात सीमा पर अडिग खड़े रहते हैं। उन्होंने कहाकि बीएसएफ जवानों के 60 वर्ष के पराक्रमपूर्ण इतिहास ने देश की जनता के मन में भी यही भावना पैदा की है।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि जब-जब देश की सीमाओं पर अतिक्रमण या घुसपैठ का खतरा मंडराया है, बीएसएफ हमेशा एक अभेद्य दीवार की तरह डटा रहा, अडिग रहा और देश को सुरक्षित रखने का दृढ़ संकल्प निभाता आ रहा है। गृहमंत्री ने कहाकि ऑपरेशन सिंदूर में बीएसएफ के शौर्य और वीरता ने इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय जोड़ा है, उस कठिन घड़ी में भी बीएसएफ जवानों ने ‘हम सीमा के प्रहरी हैं’ के भाव को हमेशा बुलंद रखा। उन्होंने कहाकि बीएसएफ के जम्मू-कश्मीर फ्रंटियर ने 118 पाकिस्तानी पोस्टों और तीन आतंकी लॉंच पैड को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। उन्होंने कहाकि इस कार्रवाई में सर्वोच्च बलिदान देनेवाले सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज़ अहमद और सिपाही दीपक चिंखाम को वीरचक्र से सम्मानित किया गया, यह अत्यंत गर्व का विषय हैकि इस दौरान बीएसएफ को 16 वीरता पदक और अनेक प्रशस्ति पत्र भी प्राप्त हुए। अमित शाह ने सीमा सुरक्षा बल के जवानों से कहाकि वे चाहे सीमा पर तैनात हों, मणिपुर के दुर्गम क्षेत्र या फिर ओडिशा छत्तीसगढ़ के माओवादी प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हों, बीएसएफ ने हर जगह अपनी वीरता का परचम लहराया है। उन्होंने कहाकि प्राकृतिक आपदाओं के समय खासकर पंजाब में बीएसएफ ने मानवता केप्रति गहरी संवेदना का अद्भुत प्रदर्शन किया।
गृहमंत्री अमित शाह ने जिक्र कियाकि पंजाब के मुख्यमंत्री ने उन्हें बताया हैकि यदि बीएसएफ नहीं होती तो बाढ़ के दौरान मुश्किलें कई गुना बढ़ जातीं, बीएसएफ ने संकट की घड़ी में पंजाब के नागरिकों की बहुत बड़ी सेवा की और उन्हें भरपूर मदद प्रदान की। गृहमंत्री ने कहाकि हमारा साझा दायित्व हैकि देश की सीमाओं को पूरी तरह चाक-चौबंद और सुरक्षित रखा जाए। उन्होंने कहाकि 60 साल पहले की सीमा संबंधी चुनौतियां पूरी तरह बदल चुकी हैं, जवानों का शौर्य, तत्परता और ड्यूटी केप्रति अटूट लगन अत्यंत आवश्यक है, लेकिन अब चुनौतियां मुख्यतः तकनीकी रूपसे उत्पन्न हो रही हैं, इसलिए इनका सामना करने केलिए हमें उन्नत तकनीकी समाधान भी खोजना और अपनाना होगा। गृहमंत्री ने कहाकि बीएसएफ के स्थापना दिवस कार्यक्रम में उन्होंने कहा थाकि बीएसएफ का 61वां वर्ष बल के आधुनिकीकरण का वर्ष होगा, साथही यह बीएसएफ जवानों और उनके परिजन के कल्याण का वर्ष भी होगा। अमित शाह ने कहाकि गृह मंत्रालय में एक समर्पित टीम दोनों पर लगातार काम कर रही है।
अमित शाह ने कहाकि मोदी सरकार सुरक्षा कर्मियों के कल्याण केलिए कटिबद्ध है, बीएसएफ जवानों केलिए हम बहुत जल्द एक विशेष योजना लेकर आ रहे हैं, सीमा सुरक्षा व्यवस्था को तकनीकी तौरपर आधुनिक बनाने केलिए भारत सरकार एक बड़ी राशि खर्च करेगी। यह आधुनिकीकरण बीएसएफ जवानों केलिए बेहतर बॉर्डर इंफ्रास्ट्रक्चर और उन्नत उपकरणों के रूपमें उपलब्ध होगा, जो ड्यूटी निभाने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने कहाकि ये सुविधाएं जवानों की कठिनाइयों को काफी हदतक कम करेंगी और उन्हें अपने कर्तव्य का औरभी प्रभावी ढंग से निर्वहन करने में सक्षम बनाएंगी। गृहमंत्री ने कहाकि सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों के अटूट कर्तव्यबोध, समर्पण और लगन के कारण ही पूरा देश चैन की नींद सो पाता है और सुरक्षित महसूस करता है। उन्होंने सीमा सुरक्षा में बीएसएफ की महिला कर्मियों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की और जवानों केसाथ दोपहर का भोजन भी किया। इस अवसर पर जम्मू कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, केंद्रीय गृह सचिव, आसूचना ब्यूरो के निदेशक और सीमा सुरक्षा बल के महानिदेशक भी उपस्थित थे।

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