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भारत यूएस समझौते में कई बाधाएं समाप्त हुईं

प्रधानमंत्री ने विकसित भारत की चुनौतियों को आसान बनाया

भारत-यूएस अंतरिम व्यापार समझौते के दूरगामी परिणाम

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 7 February 2026 02:28:18 PM

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नई दिल्ली। भारत यूएस समझौते में कई बाधाएं समाप्त हुई हैं। भारत-यूएस अंतरिम व्यापार समझौते की सफलता के दूरगामी परिणाम देखने को मिलेंगे। कहा जा रहा हैकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विकसित भारत की 2047 की चुनौतियों को आसान बनाया है। प्रधानमंत्री ने भारत-अमेरिका में अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति का स्वागत किया है। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने केलिए अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का आभार व्यक्त किया और कहाकि यह रूपरेखा भारत-अमेरिका साझेदारी की बढ़ती प्रगाढ़ता, विश्वास और गतिशीलता को दर्शाता है। प्रधानमंत्री ने कहाकि यह समझौता किसानों, उद्यमियों, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्टार्टअप नवप्रवर्तकों और मछुआरों केलिए नए अवसर खोलकर 'मेक इन इंडिया' की परिकल्पना को मजबूत करेगा, साथही महिलाओं और युवाओं केलिए बड़े पैमाने पर रोज़गार सृजित करेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि यह रूपरेखा निवेश और प्रौद्योगिकी साझेदारी को प्रगाढ़ करेगी, सुगम भरोसेमंद आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करेगी और वैश्विक विकास में योगदान देगी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत दृष्टिकोण की पुष्टि करते हुए कहाकि भारत भविष्य अनुकूल वैश्विक साझेदारियों केलिए प्रतिबद्ध है, जो लोगों को सशक्त बनाती हैं और साझा समृद्धि को प्रोत्साहन देती हैं। अमेरिका-भारत की ओर से संयुक्त वक्तव्य में कहा गया हैकि यूएस और भारत को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हैकि दोनों पारस्परिक रूपसे लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते के ढांचे पर सहमत हो गए हैं। यह ढांचा 13 फरवरी 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते वार्ता केप्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता है, इसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा मिलेगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि अमेरिका और भारत का यह अंतरिम समझौता दोनों देशों की साझेदारी में ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, यह समझौता पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित पारस्परिक व संतुलित व्यापार केप्रति साझा प्रतिबद्धता दर्शाता है। अमेरिका और भारत में इस अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तें ये होंगी-भारत अमेरिका केसभी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा, इसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स, पशु आहार केलिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं। अमेरिका 2 अप्रैल 2025 के कार्यकारी आदेश 14257 में बड़े और लगातार वार्षिक अमेरिकी माल व्यापार घाटे में योगदान देने वाली व्यापार प्रथाओं को सुधारने केलिए पारस्परिक टैरिफ केसाथ आयातों को विनियमित करना तथा यथा संशोधित केतहत भारत में निर्मित वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा, इसमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं।
अमेरिका और भारत के अंतरिम समझौते के सफल समापन के अधीन 5 सितंबर 2025 के कार्यकारी आदेश 14346 में पारस्परिक टैरिफ की सीमा को संशोधित करना, व्यापार और सुरक्षा समझौतों को लागू करने केलिए प्रक्रियाओं की स्थापना करना है, जैसेकि संशोधित किया गया हैकि भागीदारों केलिए संभावित टैरिफ समायोजन अनुबंध में पहचानी गईं वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर पारस्परिक टैरिफ हट जाएगा, इसमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जे शामिल हैं। अमेरिका, भारत के कुछ विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए उन टैरिफ को भी हटा देगा। यह टैरिफ 8 मार्च 2018 की उद्घोषणा 9704 (अमेरिका में एल्युमीनियम के आयात को समायोजित करना), संशोधित रूपमें 8 मार्च 2018 की उद्घोषणा 9705 (अमेरिका में इस्‍पात के आयात को समायोजित करना) य‍था संशोधित और 30 जुलाई 2025 की उद्घोषणा 10962 अमेरिका में तांबे के आयात को समायोजित करना है, में उल्लेखित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को समाप्त करने केलिए लगाए गए थे। इसी प्रकार अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप भारत को उन ऑटोमोबाइल पुर्जों केलिए अधिमान्य टैरिफ दर कोटा प्राप्त होगा, जिनपर 17 मई 2019 के उद्घोषणा 9888 अमेरिका में ऑटोमोबाइल और ऑटोमोबाइल पुर्जों के आयात को समायोजित करना है यथा संशोधित उल्लेखित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को समाप्त करने केलिए टैरिफ लागू था।
समझौते में फार्मास्यूटिकल्स और फार्मास्युटिकल अवयवों की अमेरिकी धारा 232 जांच के निष्कर्षों पर भारत को जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स और अवयवों के संबंध में बातचीत से समाधान प्राप्त होंगे। अमेरिका और भारत एकदूसरे को अपने-अपने हित के क्षेत्रों में निरंतर आधार पर वरीयता बाजार तक पहुंच प्रदान करने केलिए प्रतिबद्ध हैं। अमेरिका और भारत ऐसे निर्माण नियम बनाएंगे, जो सुनिश्चित करेंगेकि समझौते के लाभ मुख्य रूपसे अमेरिका और भारत को ही प्राप्त हों। अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर टैरिफ बाधाओं का समाधान करेंगे। भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने, अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी वस्तुओं केलिए बाजार पहुंच में देरी करने या उनपर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाने वाली प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को समाप्त करने और समझौते के लागू होने के छह महीने के भीतर सकारात्मक परिणाम की दिशा में यह निर्धारित करने पर सहमत हुए हैंकि क्या अमेरिकी-विकसित या अंतर्राष्ट्रीय मानक, जिनमें परीक्षण आवश्यकताएं भी शामिल हैं, भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेरिकी निर्यात केलिए चिन्हित क्षेत्रों में स्वीकार्य हैं? भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही गैर टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर भी सहमत हुए हैं।
भारत और अमेरिका लागू तकनीकी विनियमों के अनुपालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से पारस्परिक रूपसे सहमत क्षेत्रों केलिए अपने-अपने मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करेंगे। किसीभी देश के निर्धारित टैरिफ में किसीभी प्रकार की परिवर्तन की स्थिति में भारत यूएस इसबात पर सहमत हुएकि दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं में परिवर्तन कर सकता है। अमेरिका और भारत व्यापार समझौता ज्ञापन की वार्ता से बाजार पहुंच के अवसरों को और अधिक बढ़ाने की दिशामें काम करेंगे। अमेरिका ने इस बातकी पुष्टि की हैकि वह बीटीए की वार्ता के दौरान भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ कम करने के भारत के अनुरोध को ध्यान में रखेगा। अमेरिका और भारत आर्थिक सुरक्षा की रूपरेखा को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं, ताकि आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन और नवाचार को बढ़ाया जा सके, इसके लिए तीसरे पक्ष की गैर बाजार नीतियों से निपटने केलिए पूरक कार्रवाई की जाएगी, साथही आंतरिक और बाहरी निवेश समीक्षाओं और निर्यात नियंत्रणों पर एक-दूसरे का सहयोग किया जाएगा। भारत अगले 5 वर्ष में अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा।
भारत और अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित तकनीकी उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त तकनीकी सहयोग का विस्तार करेंगे। अमेरिका और भारत ने डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल व्‍यवस्‍थाओं और अन्य बाधाओं को दूर करने और बीटीए के हिस्से के रूपमें मजबूत, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों को प्राप्त करने केलिए एक स्पष्ट मार्ग निर्धारित करने की प्रतिबद्धता जताई है। अमेरिका और भारत इस ढांचे को तुरंत लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे, ताकि संदर्भ की शर्तों में सहमत रोडमैप के अनुरूप पारस्परिक लाभकारी बीटीए को संपन्न किया जा सके।

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