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मोदी सरकार में भारत मलेशिया संबंध और घनिष्ठ!

मलेशिया के प्रधानमंत्री के साथ महत्वपूर्ण बैठकें और रणनीतिक साझेदारियां

भारत में व्यावसायिकता बढ़ाने में मलेशियाई उद्योग जगत ने दिखाई गहरी रुचि

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Monday 9 February 2026 12:22:42 PM

pm narendra modi and prime minister of malaysia

कुआलालंपुर/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार में भारत और मलेशिया के ऐतिहासिक संबंध और ज्यादा घनिष्ठ हुए हैं। मलेशिया के प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम के आमंत्रण पर 7 और 8 फरवरी को मलेशिया की सफल यात्राकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वदेश वापस आ चुके हैं। वर्ष 2015 केबाद से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह तीसरी मलेशिया यात्रा थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर पहुंचने पर प्रधानमंत्री दातो सेरी अनवर इब्राहिम, मलेशिया के मानव संसाधन मंत्री दातो रामानन रामकृष्णन और मलेशिया के उपविदेश मंत्री दातो लुकानिस्मान बिन अवांग सौनी ने अगवानी करते हुए उनका पारंपरिक स्वागत किया। इसके बाद एक रंगारंग सांस्कृतिक स्वागत समारोह में कलाकारों ने भारत और मलेशिया की साझा विरासत को प्रस्‍तुतियों में दर्शाया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस यात्रा का उद्देश्य 2024 में स्थापित भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करना था, उनकी यात्रा भारत-मलेशिया संबंधों को मजबूत करने की भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जो भारत की एक्ट ईस्ट पॉलिसी, हिंद-प्रशांत विजन और विजन महासागर का एक प्रमुख स्तंभ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मलेशिया यात्रा दोनों देशों केबीच सभ्यतागत संबंधों पर आधारित गहरी मित्रता और अटूट जन संबंधों को दर्शाती है, इससे भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत एवं विस्तार करने की दोनों नेताओं की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि हुई है। गौरतलब हैकि वर्ष 1957 में राजनयिक संबंधों की स्थापना के बादसे मलेशिया और भारत ने आपसी सम्मान और साझा मूल्यों पर आधारित साझेदारी की है, इस साझेदारी को अगस्त 2024 में व्यापक रणनीतिक साझेदारी (सीएसपी) का दर्जा दिया गया था। दोनों प्रधानमंत्रियों ने व्यापक और सार्थक चर्चा की, जिसमें राजनीतिक जुड़ाव, रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग, समुद्री सहयोग, व्यापार एवं निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, संस्कृति, पर्यटन, युवा आदान प्रदान एवं जन-जन संपर्क सहित द्विपक्षीय संबंधों के सभी पहलू शामिल थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पुत्राजाया के पर्दाना पुत्रा परिसर में गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सम्मान में आधिकारिक भोज का भी आयोजन किया। वे दोनों दोनों देशों के मध्य संस्थागत सहयोग को और मजबूत करने के उद्देश्य से कई द्विपक्षीय दस्तावेजों के आदान प्रदान के साक्षी भी बने।
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि दोनों देशों केबीच ऐतिहासिक संबंध, साझा सांस्कृतिक विरासत, लोकतांत्रिक मूल्य, मलेशिया में जीवंत भारतीय समुदाय की उपस्थिति, द्विपक्षीय संबंधों केलिए अद्वितीय, मजबूत और स्थायी आधार का कार्य करते हैं, इसके बहुआयामी स्वरूप को समृद्ध करते हैं। दोनों प्रधानमंत्रियों ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे उभरते क्षेत्रोंमें सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की, द्विपक्षीय डिजिटल काउंसिल से दोनों देशों केबीच डिजिटल सहयोग में हुई निरंतर प्रगति की सराहना की और फिनटेक सहयोग को बढ़ाने केलिए यूपीआई और पे-नेट समझौते का स्वागत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसदीय और यूनिवर्सिटी एक्सचेंज के जरिए युवाओं केबीच जुड़ाव को मजबूत करने का आह्वान किया। उन्होंने भारत के नालंदा विश्वविद्यालय और यूनिवर्सिटी मलाया, आईआईटी मद्रास और मलेशिया की एडवांस्ड सेमीकंडक्टर एकेडमी केबीच सहयोग का स्वागत किया। उन्होंने कहाकि मलेशिया में भारत के पहले वाणिज्य दूतावास के खुलने से वाणिज्यिक और जनसंपर्क संबंधों को और मजबूती मिलेगी। दोनों नेताओं ने आपसी हितों के क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर अपने दृष्टिकोण साझा किए, जिनमें ग्लोबल गवर्नेंस सुधार, हिंद-प्रशांत क्षेत्र और बढ़ती भारत-आसियान साझेदारी शामिल रही। प्रधानमंत्री ने एआईटीआईजीए की समीक्षा को जल्द से जल्द पूरा करने का आह्वान किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2025 में आसियान की सफल अध्यक्षता केलिए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को बधाई दी। प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 2026 में भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता केलिए शुभकामनाएं दीं और समर्थन व्यक्त किया। प्रधानमंत्री ने पहलगाम आतंकी हमले और लालकिले के विस्फोट की कड़ी निंदा करने केलिए प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को धन्यवाद दिया और आतंकवाद के विरुद्ध निरंतर घनिष्ठ सहयोग का आह्वान किया। वार्ता के पश्चात कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय समझौतों का आदान-प्रदान किया गया, जिनमें डिजिटल भुगतान, सुरक्षा सहयोग, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य एवं औषधि, आपदा प्रबंधन, भ्रष्टाचार से निपटने में सहयोग, ऑडियो-विजुअल कोप्रोडक्शन, तकनीकी एवं व्यावसायिक शिक्षा, संयुक्त राष्ट्र शांति सेना सहयोग और भारतीय श्रमिकों केलिए सामाजिक सुरक्षा शामिल हैं। इस दौरान 10वें भारत-मलेशिया सीईओ फोरम का आयोजन किया गया, फोरम के आउटकम डॉक्यूमेंट को स्वीकार किया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम को उनके शानदार आतिथ्य केलिए धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया।
मलेशिया के उद्योगपतियों-पेट्रोनास के अध्यक्ष और समूह सीईओ तन तेंग्कू मुहम्मद तौफिक, बरजाया कॉर्पोरेशन बरहाद के संस्थापक तन दातो सेरी विंसेंट तन ची यिउन, खज़ानाह नेशनल बरहाद के प्रबंध निदेशक दातो अमीरुल फैसल वान ज़ाहिर और फ़िसन इलेक्ट्रॉनिक्स के संस्थापक दातो पुआ खेन सेंग ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। प्रधानमंत्री ने भारत मलेशिया केबीच बढ़ते व्यापार संबंधों और भारतीय विकास गाथा में मलेशियाई कंपनियों की गहरी रुचि की सराहना की। उन्होंने व्यापार सुगमता और स्थिर, कुशल व पूर्वानुमानित व्यापार एवं नीतिगत वातावरण केलिए हाल के वर्ष में भारत में की गई पहलों और सुधारों का उल्लेख किया। उन्होंने मलेशियाई व्यवसायों को विशेष रूपसे अवसंरचना, नवीकरणीय ऊर्जा, डिजिटल प्रौद्योगिकी, सेमीकंडक्टर, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और स्वास्थ्य सेवा आदि क्षेत्रोंमें भारत द्वारा प्रदत्त अवसरों का लाभ उठाने केलिए प्रोत्साहित किया। उद्योगपतियों ने भारत सरकार के विकसित भारत निर्माण के प्रयासों की प्रशंसा की और अपने निवेश पोर्टफोलियो का विस्तार करके और भारतीय समकक्षों केसाथ संयुक्त उद्यमों की संभावनाओं को तलाशकर भारत में अपनी व्यावसायिक उपस्थिति बढ़ाने में गहरी रुचि भी दिखाई।

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