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मराठी सिनेमा की यूरोपीय फिल्म मार्केट में एंट्री

बर्लिन में मराठी सिनेमा व वैश्विक सह निर्माण अवसरों का प्रदर्शन

वैश्विक फिल्म बाजारों में भारत की उपस्थिति और ज्यादा मजबूत

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 16 February 2026 01:07:38 PM

marathi cinema enters the european film market

बर्लिन/ नई दिल्ली। भारत के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन राष्ट्रीय फिल्म विकास निगम लिमिटेड (एनएफडीसी) ने बर्लिन में बर्लिन अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव केसाथ आयोजित यूरोपीय फिल्म बाजार-2026 में मराठी सिनेमा की भागीदारी एवं महाराष्ट्र के रणनीतिक उद्योग संपर्क को और सुगम बना दिया है। गौरतलब हैकि यूरोपीय फिल्म मार्केट फिल्म वित्तपोषण, बिक्री, वितरण और अंतर्राष्ट्रीय सह निर्माण केलिए दुनिया के सबसे प्रभावशाली मंचों में से एक है। यह दुनियाभर के फिल्म निर्माताओं, स्टूडियो, बिक्री एजेंटों और निर्णयकर्ताओं को एकसाथ लाता है। यह बाजार चुनिंदा राष्ट्रीय प्रदर्शनियों और रणनीतिक उद्योग संबंधी जुड़ाव का एक प्रभावशाली मंच प्रदान करता है, जिससे सार्थक सहयोग और वैश्विक बाजार तक पहुंच संभव हो पाती है।
बर्लिन फिल्म महोत्सव भारत पर्व में भारत के व्यापक सांस्कृतिक और औद्योगिक प्रचार अभियान का हिस्सा है। यह वेव्स बाजार का भारत की रचनात्मक शक्तियों को वैश्विक दर्शकों के सामने प्रदर्शित करने केलिए तैयार किया गया एक मंच है। महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल ने बर्लिन में फिल्म सिटी के बुनियादी ढांचे, मराठी सिनेमा और वैश्विक सह निर्माण के अवसरों का प्रदर्शन किया। महाराष्ट्र के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महाराष्ट्र सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं सांस्कृतिक मामलों के मंत्री आशीष शेलार ने किया। प्रतिनिधिमंडल में सांस्कृतिक मामलों के सचिव किरण कुलकर्णी, सांस्कृतिक मामलों के उप सचिव महेश वावल, महाराष्ट्र फिल्म स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की प्रबंध निदेशक स्वाति म्हासे पाटिल, संयुक्त प्रबंध निदेशक प्रशांत सजनिकर, विशेष कार्याधिकारी सुचित्रा देशपांडे, सांस्कृतिक समन्वय अधिकारी मंगेश राउल और फिल्म निर्माता मनोज कदम ने प्रमुख रूपसे शामिल थे।
महाराष्ट्र फिल्म स्टेज एंड कल्चरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड की ओर से राज्य के जीवंत फिल्म पारिस्थितिकी तंत्र और फिल्म निर्माण, सह निर्माण और सांस्कृतिक आदान प्रदान केलिए महाराष्ट्र को एक वैश्विक केंद्र के रूपमें स्थापित करने के दृष्टिकोण से रू-ब-रू कराया गया। मुंबई की दादासाहेब फाल्के चित्रनगरी यानी फिल्म सिटी में विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया गया है, यह एक एकीकृत फिल्म निर्माण केंद्र है, जिसे फिल्म निर्माण की हर प्रक्रिया में सहयोग देने केलिए डिजाइन किया गया है, इसमें विशेष रूपसे निर्मित स्टूडियो, आउटडोर सेट, पोस्ट प्रोडक्शन सुविधाएं और तकनीकी बुनियादी ढांचा एकही स्थान पर मौजूद हैं। प्रतिनिधिमंडल ने इस अवसर पर मराठी सिनेमा की रचनात्मक और व्यावसायिक क्षमता का प्रदर्शन किया और अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोहों में इसकी बढ़ती उपस्थिति को रेखांकित किया।
महाराष्ट्र की प्रगतिशील नीतिगत रूपरेखा, वित्तीय सहायता तंत्र और फिल्म निर्माता अनुकूल वातावरण को प्रतिनिधिमंडल ने अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के प्रमुख कारकों के रूपमें प्रस्तुत किया। चर्चा का केंद्रबिंदु वैश्विक सह निर्माण के अवसरों का विस्तार, प्रतिभाओं का आदान प्रदान और फिल्म पर्यटन था, साथही क्षेत्रीय कहानी कहने की कला को बदलते वैश्विक बाजार रुझानों के अनुरूप ढालना भी था। प्रतिनिधिमंडल ने मजबूत संस्थागत समर्थन और निर्माण केलिए तैयार बुनियादी ढांचे के बल पर वैश्विक हितधारकों केसाथ साझेदारी करने और विदेशी निवेश आकर्षित करने केलिए राज्य की तत्परता पर प्रकाश डाला। एनएफडीसी ने अंतर्राष्ट्रीय साझेदारी बनाने और प्रमुख वैश्विक फिल्म बाजारों में भारत की उपस्थिति को और ज्यादा मजबूत करने में देश की आर्थिक एवं फिल्म नगरी से मशहूर महाराष्ट्र का समर्थन करने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

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