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भारत फ्रांस पार्टनरशिप की कोई सीमा नहीं-मोदी

वेमेगल में टाटा एयरबस की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन

मोदी व इमैनुएल मैक्रॉन ने द्विपक्षीय संबंधों को अभूतपूर्व ऊर्जा दी

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 17 February 2026 06:29:03 PM

emmanuel macron and pm narendra modi

मुंबई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की मुंबई में गर्मजोशीभरी मुलाकात हुई। नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति ने इस मौके पर एक संयुक्त प्रेस वक्तव्य में भारत-फ्रांस के द्विपक्षीय संबंधों को और ज्यादा मजबूत करने वाले निर्णायक एवं ऐतिहासिक फैसलों से लोगों को रू-ब-रू कराया। नरेंद्र मोदी ने कहाकि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन का भारत में स्वागत करके उन्हें बहुत खुशी हुई है। उन्होंने जिक्र कियाकि पिछले वर्ष राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने उन्हें फ़्रांस में एआई एक्शन समिट में बुलाया था, उस समय उन्होंने मार्सेय की यात्रा की थी, जो फ़्रांस का सबसे बड़ा पोर्ट व फ़्रांस और यूरोप का एक प्रमुख गेटवे भी है, मार्सेय वही शहर है, जहां से पहले विश्वयुद्ध में भारतीय सैनिकों ने यूरोप में अपने कदम रखे थे, उनकी बहादुरी की गाथा यूरोप के कई भागों में आजभी याद की जाती है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन भारत में एआई इम्पैक्ट समिट केलिए आए हैं तो हमारा सौभाग्य हैकि हम उनका स्वागत भारत के गेटवे यानि मुंबई में कर रहे हैं। प्रधानमंत्री और इमैनुएल मैक्रॉन गेटवे ऑफ इंडिया में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष और सांस्कृतिक स्मरणोत्सव कार्यक्रम में शामिल हुए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत और फ़्रांस के संबंध बहुतही विशेष हैं, फ़्रांस भारत के सबसे पुराने स्ट्रटीजिक पार्टनर्स में से एक है और प्रेसीडेंट इमैनुएल मैक्रॉन केसाथ इस स्ट्रटीजिक पार्टनरशिप को अभूतपूर्व गहराई और ऊर्जा मिली है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि इसी विश्वास और साझा विजन पर आज हम अपने संबंधों को विशेष वैश्विक रणनीतिक साझेदारी के रूपमें स्थापित कर रहे हैं, यह पार्टनरशिप केवल स्ट्रैटेजिक नहीं है, आज के उथल पुथलभरे युग में यह वैश्विक स्थिरता और वैश्विक प्रगति की साझेदारी है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने मुंबई से वर्चुअली कर्नाटक के वेमेगल में टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स के एयरबस एच-125 लाइट यूटिलिटी हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का संयुक्त रूपसे उद्घाटन किया। उन्होंने कहाकि हम अपने संबंधों के एक नए अध्याय का शुभारंभ कर रहे हैं, यह पहल इसी गहरे विश्वास का एक और उज्ज्वल उदाहरण है, हमें गर्व हैकि भारत फ़्रांस माउंट एवरेस्ट की ऊंचाइयों तक उड़ान भरने वाला विश्व का एकमात्र हेलिकाप्टर भारत में बनाएंगे और यह विश्व को एक्सपोर्ट भी करेंगे यानि भारत-फ्रांस पार्टनरशिप की कोई सीमा नहीं है, यह गहरे समुद्र से लेकर सबसे ऊंचे पहाड़ तक पहुंच सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि वर्ष 2026 भारत और यूरोप के संबंधों केलिए भी महत्वपूर्ण है, कुछही दिन पहले यूरोपीय संघ केसाथ भारत के इतिहास का सबसे बड़ा और महत्वाकांक्षी फ्री ट्रेड एग्रीमेंट हुआ है, यह फ्री ट्रेड एग्रीमेंट भारत और फ़्रांस संबंधों में भी अभूतपूर्व गति लाएगा। उन्होंने कहाकि आपसी निवेश को बढ़ावा देने केलिए हमने एग्रीमेंट किया है, जिससे हमारे लोगों और कम्पनीस को डबल टैक्स न देना पड़े, इन पहलों से आपसी ट्रेड, इनवेस्टमेंट और मोबिलिटी को नई ऊर्जा मिलेगी और यही साझा समृद्धि का रोडमैप है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष के लॉंच से अब हम अपनी स्ट्रैटेजिक साझेदारी को लोगों की साझेदारी बनाने जा रहे हैं, क्योंकि इनोवेशन आइसोलेशन में नहीं, कोलेबोरेशन से होता है, इसलिए हमारा लक्ष्य लोगों केबीच संपर्क को मजबूत करने का है, डिफेंस हो या क्लीन एनर्जी, स्पेस हो या उभरती प्रौद्योगिकियां हर क्षेत्रमें हम अपनी इंडस्ट्रीज़, इनोवेटर्स को कनेक्ट करेंगे। नरेंद्र मोदी ने कहाकि स्टार्टअप और एमएसएमई केबीच मजबूत नेटवर्क बनाएंगे, हमारे स्टूडेंट्स, रिसर्चर्स के आदान प्रदान को और सुगम बनाएंगे और जॉइंट इनोवेशन के नए सेंटर भी तैयार करेंगे।
पीएम नरेंद्र मोदी ने कहाकि हम क्रिटिकल मिनेरल्स, बायोटेक्नॉलजी और एडवांस्ड सामग्री में अपना सहयोग और प्रबल कर रहें हैं, हम इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर एआई इन हेल्थ, इंडो-फ्रेंच सेंटर फॉर डिजिटल साइंस एंड टेक्नॉलजी और नैशनल सेंटर ऑफ एक्सलंस फॉर स्किलिंग वैमानिकी में लॉंच कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि आज दुनिया अनिश्चितता के दौर से गुजर रही है, ऐसे में भारत-फ्रांस साझेदारी एक वैश्विक स्थिरता बल है, हम फ्रांस की विशेषज्ञता और भारत के पैमाने को जोड़ रहे हैं, हम विश्वसनीय प्रौद्योगिकियां विकसित कर रहे हैं, इंटरनेशनल सोलर अलायंस, इंडिया मिडल ईस्ट यूरोप इकनॉमिक कॉरिडर यानि आईमेक और जॉइंट डेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स से ह्यूमन डेवलपमेंट सुनिश्चित करेंगे और बहुपक्षीय डायलॉग व डिप्लोमेसी से स्थिरता और समृद्धि के प्रयासों को बल देते रहेंगे। उन्होंने कहाकि भारत और फ्रांस दोनों लोकतांत्रिक मूल्यों, कानून का शासन और बहुध्रुवीय दुनिया में विश्वास रखते हैं और हम एकमत हैंकि वैश्विक संस्थाओं के रिफॉर्म से ही ग्लोबल चुनौतियों का समाधान निकलेगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि यूक्रेन, पश्चिमी एशिया या फिर इंडो-पेसिफिक हम हर क्षेत्रमें शांति के सभी प्रयासों का समर्थन करते रहेंगे, आतंकवाद के हर रूप और स्वरूप को जड़ से मिटाना हमारी साझी प्रतिबद्धता है।
उन्होंने कहाकि भारत और फ़्रांस दोनों ही प्राचीन और समृद्ध सभ्यताएं हैं, हम अपने कल्चरल और लोगों केबीच संबंध को बहुत महत्व देते हैं, हमें खुशी हैकि युगे युगीन भारत म्यूज़ीअम में हमारा सहयोग रहा है और अब लोथल के राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर में भी हम फ़्रांस केसाथ सहयोग करने जा रहे हैं। उन्होंने कहाकि भारतीय संस्कृति को फ़्रांस के लोगों के और समीप पहुंचाने हम जल्द ही फ़्रांस में स्वामी विवेकानंद कल्चरल सेंटर खोलने जा रहें हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने विश्वास व्यक्त कियाकि उनकी यह मुलाकात भारत-फ्रांस संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगी। नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन की भारत यात्रा के महत्व को रेखांकित करते हुए कहाकि पहले मुंबई और फिर दिल्ली में होने वाली बैठकों में दोनों देशों केबीच कार्यनीतिक साझेदारी को नई गति मिलेगी। उन्होंने कहाकि सहकार्य से न केवल दोनों देशों, बल्कि व्यापक वैश्विक समुदाय को भी लाभ मिलता रहेगा। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने इससे पहले मुंबई के ताज महल पैलेस में 2008 के पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवादी हमलों के शहीदों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहाकि आतंकवाद के खिलाफ एकता और दृढ़ निश्चय में फ्रांस भारत केसाथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

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