डीआरडीओ का पैराशूट क्वालिफिकेशन लेवल लोड टेस्ट सफल
भारत ने रिबन पैराशूट डिजाइन और निर्माण में सिद्ध की विशेषज्ञतास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 20 February 2026 11:30:55 AM
चंडीगढ़। भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम ने एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल कर ली है। रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की टर्मिनल बैलिस्टिक्स अनुसंधान प्रयोगशाला चंडीगढ़ के रेल ट्रेक रॉकेट स्लेड केंद्र में गगनयान कार्यक्रम केलिए पैराशूट का क्वालीफिकेशन लेवल लोड परिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया गया। आरटीआरएस एक विशिष्ट गतिशील परिक्षण सुविधा है, जिसका उपयोग उच्चगति वाले एरोडायनिमक और बैलस्टिक मूल्यांकन केलिए व्यापक रूपसे किया जाता है। यह परीक्षण विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, इसरो, एरियल डिलीवरी रिसर्च एंड डेवलपमेंट एस्टैब्लिशमेंट, डीआरडीओ और टीबीआरएल की विभिन्न समर्पित टीमों केसाथ मिलकर किया गया।
आरटीआरएस डायनिमिक परीक्षण के दौरान क्वालीफिकेशन स्तर के उन भारों (लोड) का अनुकरण किया गया, जो अधिकतम उड़ानभार से अधिक भी अधिक होते हैं। यह पैराशूट के अतिरिक्त डिजाइन सुरक्षा मार्जिन को प्रदर्शित करता है। यह परीक्षण उच्चशक्ति वाले ‘रिबन पैराशूट’ के डिजाइन और निर्माण में भारत की विशेषज्ञता को सिद्ध करता है। यह उपलब्धि एकबार फिर अंतरिक्ष और रक्षा कार्यक्रमों केलिए उन्नत परीक्षण सुविधाएं, उपकरण और तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान करने में टीबीआरएल के विशाल योगदान को रेखांकित करती है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने इस उपलब्धि पर गगनयान ड्रोग पैराशूट के सफल क्वालीफिकेशन परीक्षण पर डीआरडीओ, इसरो और उद्योग जगत को बधाई दी है। उन्होंने कहा हैकि यह परीक्षण आत्मनिर्भर भारत विजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ा कदम है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ समीर वी कामत ने भी इस सफलता पर क्वालीफिकेशन स्तरीय लोड परीक्षण से जुड़ी सभी टीमों को बधाई दी है।