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'सीआरपीएफ देश की आंतरिक सुरक्षा का स्तंभ'

नॉर्थईस्ट में पहलीबार हुई सीआरपीएफ की भव्य स्थापना दिवस परेड

गृहमंत्री ने स्थापना दिवस परेड में जवानों को वीरता पदक प्रदान किए

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Saturday 21 February 2026 04:52:01 PM

home minister presented gallantry medals to the soldiers

गुवाहाटी। गृहमंत्री अमित शाह ने आज नॉर्थईस्ट में पहलीबार आयोजित केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के 87वें स्थापना दिवस समारोह में सीआरपीएफ के 86 साल के उत्कृष्ट प्रदर्शन, शौर्य, धैर्य, वीरता और बलिदान का उल्लेख करते हुए कहा हैकि सीआरपीएफ भारत की आंतरिक सुरक्षा केलिए समर्पित है। उन्होंने कहाकि सीआरपीएफ के बिना देश की आंतरिक सुरक्षा की कल्पना ही नहीं की जा सकती। उन्होंने कहाकि अपनी स्थापना से लेकर आजतक 86 साल में सीआरपीएफ ने अपनी कर्तव्यपरायणता के कारण देश की आंतरिक सुरक्षा का मज़बूत स्तंभ बनकर परफॉर्म भी किया है और परिणाम भी दिए हैं। अमित शाह ने कहाकि देश को सुरक्षित रखने में सीआरपीएफ के 2270 जवान अपना सर्वोच्च बलिदान दे चुके हैं और देश उन्हें धन्यवाद और श्रद्धांजलि देता है। उन्होंने कहाकि कर्तव्यपरायणता और बलिदानी जज़्बे के कारण ही कई अवसरों पर देश को सुरक्षित रखने का काम सीआरपीएफ के जवानों ने किया है।
गृहमंत्री अमित शाह ने जिक्र कियाकि 11-12 साल पहले देश में 3 बड़े हॉटस्पॉट जम्मू कश्मीर, वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्र और नॉर्थईस्ट देश की आंतरिक सुरक्षा केलिए नासूर बने हुए थे। उन्होंने कहाकि आज इन तीनों जगह पर शांति स्थापित करने में हमें सफलता मिली है, इन हॉटस्पॉट में एक ज़माने में बम धमाके, गोलियां, बंद, ब्लॉकेड्स और विनाश का दृश्य दिखता था, वही तीनों क्षेत्र आज विकास का ग्रोथ इंजन बनकर पूरे देश के विकास को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि सीआरपीएफ के बलिदानियों के बिना इन तीनों हॉटस्पॉट को विकास के रास्ते पर ले जाना असंभव था। गृहमंत्री ने कहाकि आजका यह स्थापना दिवस एक और दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण हैकि सीआरपीएफ के 86 साल के इतिहास में पहलीबार बल का स्थापना दिवस समारोह नॉर्थईस्ट असम में मनाया जा रहा है, जो हम सबके और पूरे पूर्वोत्तर केलिए गर्व की बात है। उन्होंने कहाकि 2019 में निर्णय लिया गया थाकि केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की वार्षिक परेड देश के अलग अलग हिस्सों में मनाई जाएगी और आज देश के सबसे महत्वपूर्ण हिस्से, हमारे नॉर्थईस्ट में सीआरपीएफ की भव्य परेड हुई है।
अमित शाह ने कहाकि आज यहां 14 सीआरपीएफ के जवानों को वीरता का पुलिस पदक, 5 जवानों को विशिष्ट सेवा का राष्ट्रपति पुलिस पदक और सीआरपीएफ की 5 वाहिनियों को उत्कृष्ट प्रदर्शन केलिए पदक दिए गए हैं। उन्होंने कहाकि 1939 में सिर्फ 2 बटालियन केसाथ सीआरपीएफ का सफर शुरू हुआ था और आज 248 बटालियन और 3 लाख 25 हज़ार के संख्याबल केसाथ सीआरपीएफ विश्व का सबसे बड़ी सीआरपीएफ बन गया है। उन्होंने कहाकि सीआरपीएफ ने पूरे देश में आंतरिक सुरक्षा और सार्वभौमत्व की रक्षा करने का काम किया है। अमित शाह ने कहाकि 9 अप्रैल 1965 को कच्छ के रण में सीआरपीएफ ने सरदार पोस्ट पर बहादुरी दिखाते हुए पाकिस्तानी सेना का सामना किया था और इसी कारण हर वर्ष 9 अप्रैल को शौर्य दिवस के रूपमें मनाया जाता है। गृहमंत्री ने कहाकि जब वामपंथी उग्रवादियों के हमले में कोलकाता में पुलिस के 78 जवानों की हत्या की गई थी, तबभी हमारे सीआरपीएफ के जवानों ने मोर्चा संभाला था, संसद पर हुए आतंकी हमले को भी सीआरपीएफ ने नाकाम किया था और 2005 में श्रीरामजन्मभूमि पर हुए हमले को भी सीआरपीएफ ने नाकाम किया था।
उन्होंने कहाकि सीआरपीएफ के जवान कभी विफल नहीं होते हैं, कश्मीर से धारा 370 हटने केबाद वहां एकभी गोली नहीं चलानी पड़ी, इसमें भी सीआरपीएफ की बहुत महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहाकि जम्मू कश्मीर में पत्थरबाज़ी की घटनाएं शून्य हो गई हैं, उद्योग आ रहे हैं और विकास हो रहा है और इसमें सीआरपीएफ, बीएसएफ और विशेषकर जम्मू कश्मीर पुलिस का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहाकि पूर्वोत्तर के राज्यों में शांति बहाली में भी सीआरपीएफ की भूमिका रही। अमित शाह ने कहाकि देश के 12 राज्यों और अनगिनत ज़िलों में नक्सलवाद फैला हुआ था और जब भारत सरकार ने तय कियाकि इस नासूर को देश से उखाड़कर फेंक दिया जाएगा तो इसमें सीआरपीएफ और कोबरा फोर्स के जवानों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उन्होंने कहाकि इतना बड़ा, विकट और दुष्कर काम मात्र तीन साल में ही समाप्त कर दिया गया और सीआरपीएफ के जवानों के कारण ही हम यह कह सकते हैंकि 31 मार्च 2026 को देश नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त हो जाएगा। अमित शाह ने कहाकि नक्सलवादियों के खिलाफ ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट को विषम भौगोलिक परिस्थितियों में 45 डिग्री तापमान में 21 दिन तक कड़ी धूप में सीआरपीएफ जवानों ने अंजाम दिया और नक्सलियों के आश्रय स्थान को समाप्त कर दिया।
अमित शाह ने कहाकि सीआरपीएफ जवानों ने शानदार जज़्बा दिखाते हुए 21 दिन तक 45 डिग्री तापमान में गर्म हुई पत्थर वाली पहाड़ी पर एक इंच भी पीछे हटे बिना नक्सलियों के रणनीतिक स्थान को समाप्तकर दिया। उन्होंने कहाकि देश को लाल आतंक से मुक्त करने में हमारी सीआरपीएफ और कोबरा फोर्स का बहुत बड़ा योगदान है। गृहमंत्री ने कहाकि सीआरपीएफ के जवानों ने कई धार्मिक उत्सवों, महाकुंभ और अमरनाथ यात्रा के सफल आयोजन में बहुत बड़ा योगदान दिया है। उन्होंने कहाकि सीआरपीएफ ने देश की आंतरिक सुरक्षा को हमेशा बल दिया, मज़बूत किया और सुरक्षित रखने का अनुकरणीय कार्य किया है। इस अवसर पर असम के मुख्यमंत्री डॉ हिमंता बिस्वा सरमा और सीआरपीएफ के महानिदेशक भी उपस्थित थे।

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