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त्रिपुरा में रखी गई माताबारी पर्यटन सर्किट की नींव

पर्यटन सर्किट आध्यात्मिकता प्रकृति और आजीविका का संगम-सिंधिया

ज्योतिरादित्य ने त्रिपुरा को सौंपी 750 करोड़ की विकास परियोजनाएं

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 26 January 2026 01:52:40 PM

foundation stone for the matabari tourism circuit was laid in tripura

अगरतला। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास एवं संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा की डुम्बुर झील के नारकेल कुंजा में 450 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 'माताबारी पर्यटन सर्किट' की समारोहपूर्वक आधारशिला रखी। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि यह त्रिपुरा के इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत है, हमने भविष्य की आजीविका की नींव रखी है। केंद्रीय मंत्री ने त्रिपुरा केलिए 750 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं की घोषणा भी की। उन्होंने कहाकि माताबारी पर्यटन सर्किट आध्यात्मिकता, प्रकृति, आजीविका का संगम बनेगा और त्रिपुरा सुंदरी मंदिर, छबीमुरा व डुम्बुर झील को एकीकृत करेगा, जिससे त्रिपुरा आध्यात्मिक और पर्यावरण पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर प्रमुख स्थान प्राप्त करेगा। उन्होंने कहाकि परियोजना की कुल लागत में से 276 करोड़ रुपये पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय दे रहा है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुए, जबकि राज्य सरकार के पर्यटन मंत्री सुशांत चौधरी कार्यक्रम में उपस्थित थे। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि माताबारी पर्यटन सर्किट में तैरते हुए घाट, पर्यावरण अनुकूल रिसॉर्ट, आधुनिक पर्यटन सुविधाएं और स्थानीय संस्कृति में रचेबसे अनुभव शामिल होंगे, इससे दुंबूर क्षेत्र को विशिष्ट अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन पहचान मिलेगी। उन्होंने कहाकि माताबारी पर्यटन सर्किट से 4000-5000 प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोज़गार सृजित होंगे, इसमें 30 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी होगी, स्वयं सहायता समूहों और स्थानीय युवाओं को पर्यटन संबंधी गतिविधियों में सक्रिय रूपसे शामिल किया जाएगा। उन्होंने कहाकि परियोजना न केवल बुनियादी ढांचे के विकास, बल्कि मानव संसाधन विकास पर भी ध्यान केंद्रित करेगी, इसके अंतर्गत प्रमुख संस्थानों में टूर गाइडों को प्रशिक्षित किया जाएगा। केंद्रीय मंत्री ने दुंबुर झील की निर्मल सुंदरता, इसके शांत जल, हरेभरे द्वीपों और निर्मल वातावरण की प्रशंसा की।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने त्रिपुरा के लोगों के स्नेह, सादगी और आतिथ्य सत्कार को राज्य की सबसे बड़ी शक्ति बताते हुए कहाकि ये गुण त्रिपुरा को वैश्विक पर्यटन स्थल के रूपमें स्थापित करने में सहायक होंगे। उन्होंने कहाकि त्रिपुरा एक खजाना है, जिसे दुनिया के सामने प्रदर्शित किया जाना चाहिए। ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित पूर्वोत्तर, स्थानीय से वैश्विक और एक्ट ईस्ट पॉलिसी के दृष्टिकोण के अंतर्गत त्रिपुरा को दक्षिण-पूर्व एशिया के प्रवेश द्वार के रूपमें विकसित किया जा रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री माणिक साहा के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहाकि केंद्र और राज्य के मजबूत समन्वय ने त्रिपुरा को विकास की नई ऊंचाइयों को छूने में सक्षम बनाया है। उल्लेखनीय हैकि केंद्रीय मंत्री ने अपने दौरे के पहले दिन सड़क, स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सौर माइक्रोग्रिड जैसे विभिन्न क्षेत्रों में 220 करोड़ रुपये की परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। दूसरे दिन उन्होंने किसानों की आय बढ़ाने और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से सीधा संपर्क स्थापित करने के उद्देश्य से 80 करोड़ रुपये की अगरवुड मूल्य श्रृंखला परियोजना का शिलान्यास किया।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने विश्वास व्यक्त कियाकि आनेवाले वर्ष में त्रिपुरा पर्यटन, अगरवुड, बांस और अवसंरचना विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर राज्य के रूपमें उभरेगा और पूर्वोत्तर भारत के विकास का एक मजबूत स्तंभ बनेगा। केंद्रीय मंत्री ने यहभी बतायाकि पूर्वोत्तर में कृत्रिम बांस को बढ़ावा देने केलिए 22 परियोजनाओं को मंजूरी दे दी गई है। उन्होंने कहाकि 'ग्रीन गोल्ड' नामक यह पहल क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने केसाथ पर्यावरण अनुकूल टिकाऊ विकास को भी बढ़ावा देगी।

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