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'भारत को फुटबॉल में भी वैश्विक पहचान दिलाएं'

राष्ट्रपति ने डूरंड कप टूर्नामेंट-2026 की ट्रॉफियों का अनावरण किया

देश में फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रतिभा निखारने का बड़ा अवसर!

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Wednesday 8 July 2026 12:41:23 PM

president unveiled the trophies for the durand cup tournament 2026

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहा हैकि इन दिनों खेले जा रहे ऐतिहासिक और विश्व प्रसिद्ध फीफा वर्ल्‍ड कप में विश्व की श्रेष्ठ टीमें और खिलाड़ी अपने-अपने देशों के फुटबॉल की प्रतिष्ठा को बढ़ाने केलिए कड़ी प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं और उन टीमों एवं खिलाड़ियों के प्रशंसक विश्वभर में फैले हैं, जो उनके उत्‍कृष्‍ट प्रदर्शन की सराहना करते हैं। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने ये उद्गार राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में हएु समारोह में डूरंड कप टूर्नामेंट-2026 की ट्रॉफियों के अनावरण और उन्हें हरी झंडी दिखाने के दौरान व्यक्त किए। उन्होंने कहाकि फुटबॉल विश्व के सबसे लोकप्रिय खेलों में से एक है, यह खेल उत्कृष्टता, एकता और खेल भावना का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कहाकि फुटबॉल खेल लोगों को एकदूसरे से जोड़ता है और इसमें खिलाड़ियों का असाधारण प्रदर्शन विश्‍वभर के खेल प्रेमियों को प्रेरित करता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उल्लेख करते हुए प्रतिभागियों से कहाकि भारत को फुटबॉल में भी वैश्विक पहचान दिलाएं। उन्होंने उम्मीद जताईकि डूरंड कप टूर्नामेंट फुटबॉल खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने में उल्‍लेखनीय भूमिका निभाएगा। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर डूरंड कप से जुड़े पूर्व एवं वर्तमान अधिकारियों और खिलाड़ियों को बधाई दी और जिक्र कियाकि डूरंड कप टूर्नामेंट ने अनेक प्रतिभावान फुटबॉलर को मंच प्रदान किया है। राष्ट्रपति यह जानकर प्रसन्‍न हुईंकि डूरंड कप, प्रेसिडेंट्स कप और शिमला ट्रॉफी जीतने केलिए इसवर्ष कुछ नई टीमें भी प्रतिस्‍पर्धा करेंगी, जिनमें श्रीलंका की भी एक टीम शामिल है। उन्होंने विश्‍वास व्‍यक्‍त कियाकि नई टीमों के जुड़ने से यह ऐतिहासिक प्रतियोगिता और भी लोकप्रिय बनेगी। उन्होंने फुटबॉल प्रतिभागी टीमों और खिलाड़ियों को सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन केलिए शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने यहां यह भी कहाकि खेल भावना का महत्व केवल खेलों तक सीमित नहीं है, यह हमें समानता, सहयोग के जीवन मूल्‍यों और विपरीत परिस्थितियों में भी दृढ़ बने रहने की सीख देता है। उन्होंने कहाकि हम वर्ष 2047 तक भारत को ‘विकसित राष्ट्र’ बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने भरोसा जतायाकि जिस प्रकार फुटबॉल में खिलाड़ी एकदूसरे का सहयोग करते हुए टीम को विजेता बनाते हैं, उसी प्रकार हम सभी देशवासी एकदूसरे का साथ देते हुए विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने में सफल होंगे।

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