देश में रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका
भारत की स्वदेशी सुरक्षा प्रणालियों के विकास में उपलब्धियांस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Wednesday 3 June 2026 01:51:35 PM
भुवनेश्वर। भारतीय सुरक्षा प्रणालियों के विकास में उपलब्धियां अर्जित करते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) और भारतीय वायुसेना ने स्वदेशी रुद्रम-II वायु से सतह मिसाइल का हवाई प्लेटफॉर्म से सफल उड़ान परीक्षण किया। अत्यंत चुनौतीपूर्ण परिचालन परिस्थितियों और महत्वपूर्ण प्रक्षेप पथ पर किए गए इन परीक्षणों ने मिसाइल की सटीकता, विश्वसनीयता एवं इसकी सभी प्रमुख उपप्रणालियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रमाणित किया। प्रक्षेपित की गईं मिसाइलों ने पूर्वनिर्धारित लक्ष्यों पर अत्यंत सटीकता केसाथ प्रहार किया। चांदीपुर एकीकृत परीक्षण रेंज में तैनात उन्नत ट्रैकिंग एवं रेंज उपकरणों से प्राप्त उड़ान आंकड़ों ने पुष्टि हुईकि परीक्षण के निर्धारित उद्देश्य सफलतापूर्वक और पूर्ण रूपसे हासिल कर लिए गए।
रुद्रम-II को स्वदेशी रूपसे हैदराबाद के इमारत अनुसंधान केंद्र में विकसित किया गया है, जो डीआरडीओ की नोडल प्रयोगशाला है। इसने रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला, उच्च ऊर्जा सामग्री अनुसंधान प्रयोगशाला, शस्त्र अनुसंधान एवं विकास प्रतिष्ठान और आईटीआर जैसी अन्य सहयोगी प्रयोगशालाओं के सहयोग से यह कार्य किया है। विकास सह उत्पादन साझेदारों केसाथ हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, क्षेत्रीय सैन्य विमानन योग्यता केंद्र, मिसाइल प्रणाली गुणवत्ता आश्वासन एजेंसी और कई अन्य उद्योगों ने भी इस लक्ष्य को प्राप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रुद्रम-II के सफल परीक्षण पर डीआरडीओ, भारतीय वायुसेना, रक्षा सार्वजनिक उपक्रमों और उद्योग जगत के सहयोगियों को बधाई दी।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने कहाकि इन परीक्षणों ने भारत की स्वदेशी रक्षा प्रौद्योगिकियों की बढ़ती परिपक्वता, विश्वसनीयता और क्षमता को प्रदर्शित किया है। उन्होंने कहाकि यह उपलब्धि उन्नत हथियार प्रणालियों के क्षेत्रमें आत्मनिर्भरता को बढ़ाएगी और हमारी रक्षा तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। रक्षा अनुसंधान एवं विकास विभाग के सचिव और डीआरडीओ के अध्यक्ष ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर परीक्षण से जुड़ी सभी वैज्ञानिक, तकनीकी एवं परिचालन टीमों को बधाई दी।