ऑपरेशन रेंडर सेफ 2026 में भारत की पहलीबार भागीदारी का स्वागत!
भारत-ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रियों की नई दिल्ली में दूसरी संवाद बैठकस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 1 June 2026 06:07:44 PM
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और ऑस्ट्रेलिया के उपप्रधानमंत्री एवं रक्षामंत्री रिचर्ड मार्ल्स ने आज मानेकशॉ सेंटर नई दिल्ली में भारत-ऑस्ट्रेलिया रक्षामंत्रियों की दूसरी संवाद बैठक की सहअध्यक्षता करते हुए द्विपक्षीय संबंधों में हुई प्रगति का स्वागत किया और 9 अक्टूबर 2025 को हुई पहली संवाद बैठक केबाद से बढ़े परामर्श और सहयोग पर विचार विमर्श भी किया। दोनों रक्षा मंत्रियों ने अपने प्रधानमंत्रियों के दीर्घकालिक दृष्टिकोण को आगे बढ़ाया, इसमें सामूहिक शक्ति बढ़ाने, दोनों देशों की सुरक्षा में योगदान देने और क्षेत्रीय शांति एवं सुरक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देने केलिए सहयोग शामिल है। उन्होंने रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा को नवीनीकृत और सुदृढ़ करने केलिए अपने प्रधानमंत्रियों की प्रतिबद्धता को साकार करने की दिशामें हुई प्रगति का स्वागत किया।
भारत-ऑस्ट्रेलिया के रक्षा मंत्रियों ने द्विपक्षीय समुद्री सुरक्षा सहयोग में हुई प्रगति और संयुक्त समुद्री सुरक्षा सहयोग की रूपरेखा को अंतिम रूप देने के प्रयासों पर चर्चा की। उन्होंने समुद्री गश्ती विमानों से सहयोगात्मक समुद्री क्षेत्र जागरुकता गतिविधियों को आगे बढ़ाने और पनडुब्बी क्षेत्र में अवसरों का पता लगाने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों ने भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमान केबीच और अधिक सहयोग को प्रोत्साहित किया। उन्होंने एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण, स्थिर और समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्रमें क्षेत्रीय साझेदारों केसाथ सहयोग बढ़ाने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने नौवहन और हवाई उड़ान की स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया और क्षेत्रमें निर्बाध व्यापार तथा अंतर्राष्ट्रीय कानून विशेष रूपसे 1982 के संयुक्तराष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन के अनुरूप समुद्र के अन्य वैध उपयोगों केलिए अपना दृढ़ समर्थन व्यक्त किया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया हिंद महासागर क्षेत्रमें समुद्री सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने केलिए हिंद महासागर रिम एसोसिएशन के समुद्री सुरक्षा एवं संरक्षा कार्य समूह के सहप्रमुख के रूपमें जून 2026 में चेन्नई के समुद्री बचाव समन्वय केंद्र में संयुक्त रूपसे एक खोज एवं बचाव अभ्यास की मेजबानी करेंगे। दोनों ने वर्ष 2020 के पारस्परिक लॉजिस्टिक समझौते के आधार पर अभ्यासों और अभियानों केलिए प्रक्रियात्मक अंतर संचालनीयता बढ़ाने का संकल्प लिया। उन्होंने परिचालन संबंधी जानकारी बढ़ाने केलिए एक-दूसरे के क्षेत्रोंसे विमानों की तैनाती जारी रखने पर भी सहमति व्यक्त की। दोनों देशों के रक्षामंत्रियों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को और गहरा करने के अगले कदम के रूपमें भारत ऑस्ट्रेलिया रक्षा सामग्री और रक्षा सेवाओं के प्रावधान से संबंधित एक समझौता की घोषणा की। उन्होंने रक्षा औद्योगिक सहयोग और जुड़ाव के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया और द्विपक्षीय रक्षा उद्योग संबंधों में मजबूती के प्रतीक के रूपमें अक्टूबर 2025 में ऑस्ट्रेलिया के पहले रक्षा व्यापार मिशन और ऑस्ट्रेलिया-भारत रक्षा उद्योग गोलमेज सम्मेलन का स्वागत किया।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और रिचर्ड मार्ल्स ने रक्षा उद्योग, अनुसंधान और रक्षा सामग्री पर संयुक्त कार्यसमूह के माध्यम से आगे के आदान-प्रदान की संभावनाओं पर सहमति व्यक्त की। दोनों ने सेंसर प्रौद्योगिकी जैसे नए तकनीकी क्षेत्रों में भविष्य में रक्षा विज्ञान और प्रौद्योगिकी अनुसंधान सहयोग की संभावनाओं को तलाशने की इच्छा व्यक्त की। ऑस्ट्रेलिया के रक्षामंत्री ने इस मौके पर भारत को 2026 के रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और अनुसंधान शिखर सम्मेलन में भाग लेने केलिए आमंत्रित किया। दोनों ने अपने रक्षाबलों केबीच बढ़ते सहयोग की सराहना की और एक्सरसाइज टैलिस्मान सेबर 2027 में भारत की भागीदारी की उम्मीद जताई। उन्होंने फरवरी 2026 में भारत के एक्सरसाइज मिलान में ऑस्ट्रेलिया की भागीदारी और मार्च 2026 में ऑस्ट्रेलिया के एक्सरसाइज काकाडू में भारत की भागीदारी का स्वागत किया। उन्होंने 2026 में एकदूसरे के बहुराष्ट्रीय हवाई अभ्यासों में अपने देशों की भागीदारी की उम्मीद जताई, जिसमें एक्सरसाइज पिच ब्लैक में एयर-टू-एयर रिफ्यूलिंग पर द्विपक्षीय कार्यान्वयन व्यवस्था को लागू करना भी शामिल है।
दोनों पक्षों ने नए क्षेत्रों में सैन्य सहयोग के विस्तार पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने इसवर्ष के सेना अभ्यास ऑस्ट्राहिंद के विकास का स्वागत किया, इसमें अब उभयचर युद्ध और तटीय युद्धाभ्यास पर ध्यान केंद्रित किया गया है। ऑस्ट्रेलिया ने ऑपरेशन रेंडर सेफ 2026 में भारत की पहलीबार भागीदारी का स्वागत किया। भारत ने पनडुब्बी बचाव अभ्यास ब्लैक कैरिलॉन में भाग लेने केलिए ऑस्ट्रेलिया के निमंत्रण का स्वागत किया। दोनों ने परिचालन मुख्यालयों केबीच सूचना साझाकरण का स्वागत किया और इसवर्ष के अंतमें होनेवाली पहली संयुक्त स्टाफ वार्ता केप्रति आशा व्यक्त की। उन्होंने रणनीतिक, परिचालन और सामरिक स्तरों पर सुरक्षित द्विपक्षीय संचार के महत्व को स्वीकार किया और विषयवस्तु के आदान-प्रदान से इन प्रयासों को आगे बढ़ाने का स्वागत किया। दोनों नेताओं ने प्रशिक्षण सहयोग के विषय पर अपने अधिकारियों को वर्ष 2028-2029 में ऑस्ट्रेलियाई रक्षा महाविद्यालय में एक भारतीय अतिथि प्रशिक्षक की तैनाती की व्यवस्था को अंतिम रूप देने केलिए प्रोत्साहित किया, ताकि पेशेवर सैन्य सहयोग, ज्ञान का आदान प्रदान और रणनीतिक समन्वय को मजबूत किया जा सके। दोनों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में ऑस्ट्रेलिया, भारत, जापान और अमेरिका केबीच बढ़ते रणनीतिक समन्वय का स्वागत किया।
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने साझेदारों केबीच अंतरसंचालनीयता बढ़ाने केलिए समुद्री क्षेत्र में जागरुकता बढ़ाने पर सहयोग की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की। दोनों रक्षामंत्रियों ने क्वाड इंडो-पैसिफिक मैरीटाइम सर्विलांस कोलैबोरेशन पहल केलिए अपना मजबूत समर्थन व्यक्त किया, जिसे शुरुआत में हिंद महासागर क्षेत्रमें साथही विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान और टेबलटॉप अभ्यासों से लागू किया जाएगा। दोनों पक्षों ने गुरुग्राम में सूचना संलयन केंद्र-हिंद महासागर क्षेत्र के जरिए समुद्री क्षेत्र में जागरुकता केलिए क्वाड इंडो-पैसिफिक साझेदारी के हिंद महासागर क्षेत्र कार्यक्रम के भारत द्वारा संचालन का स्वागत किया। उन्होंने समुद्री क्षेत्र जागरुकता केलिए मौजूदा इंडो-पैसिफिक साझेदारी के प्रयासों का लाभ उठाते हुए पूरे इंडो-पैसिफिक क्षेत्रमें एक साझा परिचालन परिदृश्य विकसित करने केलिए मिलकर काम करने पर सहमति व्यक्त की।