उपराष्ट्रपति का नागालैंड विश्वविद्यालय में युवाओं को प्रोत्साहन व आह्वान
दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्र-छात्राओं को प्रदान कीं डिग्री और उपाधियांस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 6 March 2026 06:00:27 PM
लुमामी (नागालैंड)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन देश के उपराष्ट्रपति का पदभार संभालने केबाद आज पहलीबार भारत के अष्टलक्ष्मी राज्यों में से एक नागालैंड के अपने पहले दौरे पर लुमामी में नागालैंड विश्वविद्यालय के 8वें दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्र-छात्राओं को डिग्री और उपाधियां प्रदान कीं। उपराष्ट्रपति ने स्नातकों को बधाई देते हुए उनसे विकास और पर्यावरण संरक्षण केबीच सामंजस्य बनाते हुए उद्देश्यपूर्ण प्रगति वाले कार्य करने का आग्रह किया। उन्होंने युवाओं को जिम्मेदार जीवन जीने केलिए प्रोत्साहित करते हुए उनका एक मजबूत राष्ट्र निर्माण केलिए प्रतिबद्ध रहने और नशे को दृढ़ता से ना कहने का आह्वान किया। नागालैंड को प्रकृति, संस्कृति और साहस का संगम बताते हुए उन्होंने कहाकि यहां की वास्तविक शक्ति यहां के लोगों और उनकी जीवंत परंपराओं में निहित है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि भारत की विविधता में एकता दुनिया केलिए प्रेरणा है और किसीभी देश की शक्ति उसके मतभेदों में नहीं, बल्कि उसके लोगों को एकजुट करने वाली एकता में है। उपराष्ट्रपति ने 1994 में नॉर्थ ईस्टर्न हिल यूनिवर्सिटी से अलग होकर स्थापित नागालैंड विश्वविद्यालय के उच्चशिक्षा में किए गए महत्वपूर्ण योगदान की सराहना की। उन्होंने कहाकि विश्वविद्यालय ने अपने शैक्षणिक दायरे का विस्तार किया है और पूरे क्षेत्रमें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की पहुंच को और ज्यादा मजबूत किया है। उन्होंने कैंसर अनुसंधान प्रयोगशाला की स्थापना सहित विभिन्न क्षेत्रोंमें विश्वविद्यालय की उपलब्धियों, स्वदेशी नागा भाषाओं एवं पारंपरिक कानूनों के संरक्षण और दस्तावेजीकरण के प्रयासों की भी प्रशंसा की। उपराष्ट्रपति ने कहाकि दुनिया पहले से कहीं अधिक तेजीसे विकसित हो रही है। उन्होंने उभरती चुनौतियों व अवसरों के अनुकूल होने केलिए ज्ञान और कौशल को लगातार उन्नत करने के महत्व पर जोर दिया।
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास पर सरकार के फोकस को भी उजागर किया। उन्होंने उत्तर-पूर्वी क्षेत्र केलिए प्रधानमंत्री विकास पहल के बारेमें बताया, जो इस क्षेत्रमें इंफ्रास्ट्रक्चर, सामाजिक विकास और आजीविका संबंधी परियोजनाओं का समर्थन करती है। उन्होंने कहाकि ये पहल युवाओं केलिए अवसर और क्षेत्रमें समावेशी विकास को गति देने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी। गृहमंत्री अमित शाह के नेतृत्व में केंद्र सरकार नागालैंड सरकार और पूर्वी नागालैंड पीपुल्स ऑर्गनाइजेशन केबीच फरवरी 2026 में हस्ताक्षरित त्रिपक्षीय समझौते की चर्चा करते हुए उपराष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त कियाकि यह समझौता लंबे समय से चली आरही चिंताओं का समाधान करेगा और क्षेत्रमें शांति एवं विकास को बढ़ावा देगा। उपराष्ट्रपति ने नागालैंड के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और राज्य सरकार की राज्य में विकास और शांति संबंधी पहलों में निभाई गई भूमिका की प्रशंसा की।
उपराष्ट्रपति ने इस एक दशक में पूर्वोत्तर में हुए इंफ्रास्ट्रक्चर के अभूतपूर्व विकास कार्यों पर कहाकि इंफ्रास्ट्रक्चर भले ही क्षेत्रों को आपस में जोड़ता हो, लेकिन लोगों केबीच आपसी मेलजोल ही राष्ट्रीय एकता को मजबूत करता है। उपराष्ट्रपति ने इस दौरान नागालैंड विश्वविद्यालय में एचईएफए फेज II भवनों की आधारशिला भी रखी। इस अवसर पर नागालैंड के उपमुख्यमंत्री टीआर जेलियांग, नगालैंड विश्वविद्यालय के कुलाधिपति डॉ समुद्र गुप्ता कश्यप, कुलपति प्रोफेसर जगदीश कुमार पटनायक और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।