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हवाई यात्रा में 5 मिनट के योग से थकान मिटाएं!

अच्छी उड़ान भरें! योग से आराम से सांस लें और संतुलन बनाए रखें!

हवाई यात्रियों के लिए आयुष मंत्रालय का स्मार्ट योगाभ्यास रूटीन

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 20 March 2026 03:42:34 PM

the ministry of ayush's smart yoga routine for air travelers

नई दिल्ली। हवाई यात्रा में भूमि से 35,000 फीट ऊपर समय धीमा होता हुआ प्रतीत होता है और शरीर सुस्त पड़ जाता है। एक सीमित सीट पर घंटों बिताने से सबसे अनुभवी यात्री भी थका हुआ, तनावग्रस्त और मानसिक रूपसे निर्बल महसूस कर सकता है। हवाई यात्रा की इस आधुनिक चुनौती का समाधान करने केलिए एक सरल, लेकिन शक्तिशाली उपाय है-हवाई यात्रा केलिए योग। एक सोच समझकर तैयार किया गया 5 मिनट का इन फ्लाइट वेलनेस प्रोटोकॉल। केंद्रीय आयुष राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने योग महोत्सव 2026 में शुरू की थी, यह अभिनव पहल। योग का यह शाश्वत ज्ञान हवाई यात्री के केबिन के दायरे में है और यात्री की सीट को कायाकल्प के स्थान में बदल देता है। मोरारजी देसाई राष्ट्रीय योग संस्थान में विकसित यह प्रोटोकॉल आज के नियमित हवाई यात्रियों केलिए तैयार किया गया है। यह हवाई यात्रा के दौरान तरोताजा रहने का एक त्वरित, सुरक्षित और प्रभावी तरीका प्रदान करता है।
आयुष मंत्रालय में केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रतापराव जाधव ने इस पहल के पीछे की सोच को उजागर करते हुए कहाकि योग स्वास्थ्य का एक शक्तिशाली साधन है, इन-फ्लाइट योग प्रोटोकॉल हर परिस्थिति में योग को सुलभ बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, ताकि हवाई यात्रा के दौरान सक्रिय, तनावमुक्त और संतुलित रह सकें। हवाई यात्रा, विशेषकर लंबी दूरी की यात्राएं, अक्सर लंबे समय तक गतिहीनता का कारण बनती हैं, इससे मांसपेशियों में अकड़न, रक्तसंचार में कमी, थकान, जेट लैग और कुछ मामलों में डीप वेन थ्रोम्बोसिस (डीवीटी) जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं। यात्रा संबंधी तनाव और केबिन के दबाव में बदलाव के साथ एक सरल स्वास्थ्य उपाय की आवश्यकता स्पष्ट हो जाती है। पांच मिनट का योग प्रोटोकॉल हल्की चहलकदमियों, सचेत श्वास और कुछ समय के ध्यान के माध्यम से इन चुनौतियों का समाधान करता है, जिससे शरीर और मन दोनों में संतुलन बहाल करने में मदद मिलती है।
आयुष सचिव वैद्य राजेश कोटेचा ने वैज्ञानिक और निवारक पहलुओं पर बल देते हुए कहा हैकि दैनिक दिनचर्या में यहां तककि हवाई यात्रा जैसी सीमित परिस्थितियों में भी योग को शामिल करने से रक्तसंचार में अत्यधिक सुधार हो सकता है, तनाव कम हो सकता है और समग्र स्वास्थ्य को बढ़ावा मिल सकता है। उन्होंने कहाकि इस तरह के व्यावहारिक उपाय निवारक स्वास्थ्य देखभाल को सरल और सुलभ बनाते हैं। सीट पर ही एक स्वस्थ दिनचर्या सरलता और सुगमता को ध्यान में रखते हुए डिज़ाइन किए गए प्रोटोकॉल केलिए किसी विशेष उपकरण की आवश्यकता नहीं होती और इसे बैठकर भी किया जा सकता है। उन्होंने बतायाकि यह शारीरिक कार्यकलाप को श्वास जागरुकता और मानसिक विश्राम केसाथ सहजता से जोड़ता है, एकाग्रता (15 सेकंड) स्वयं को स्थिर करने केलिए मौन जागरुकता या मंतव्य के एक क्षण से शुरुआत करें।
जोड़ों में हल्की-फुल्की हरकतें (45 सेकंड) कंधे घुमाना, टखने में खिंचाव लाना, रक्तसंचार को बेहतर बनाने और अकड़न को कम करने के लिए यह सरल कार्यकलाप है। यह बैठकर किए जाने वाले योग आसन तनाव दूर करने और शारीरिक मुद्रा में सुधार लाने केलिए ताड़ासन (ताड़ का पेड़) मुद्रा, बैठकर की जाने वाली बिल्ली-गाय मुद्रा, रीढ़ की हड्डी को मोड़ने वाले आसन और पैरों की हल्की-फुल्की हरकतें जैसा संशोधित आसन है। प्राणायाम तंत्रिका तंत्र को शांत करने और ऑक्सीजन के प्रवाह को बढ़ाने केलिए है गहरी सांस लेना, अनुलोम विलोम, भ्रमरी और शीतली। ध्यान (30 सेकंड) मन को शांत करने और विश्राम को बढ़ावा देने केलिए एक संक्षिप्त विराम। आयुष मंत्रालय की संयुक्त सचिव मोनालिसा डैश ने व्यवहार परिवर्तन के व्यापक विजन को सुदृढ़ करने पर बल देते हुए कहा हैकि यह पहल दर्शाती हैकि योग को रोजमर्रा की स्थितियों में कितनी सहजता से एकीकृत किया जा सकता है, इस तरह के सरल अभ्यासों को बढ़ावा देकर, हमारा उद्देश्य एक ऐसी स्वास्थ्य संस्कृति का निर्माण करना है, जो व्यक्तियों के साथ हर स्थान पर जुड़ा रहे।
छोटा योगाभ्यास और बड़ा प्रभाव। रूटीन सिर्फ पांच मिनट में आपकी मदद कर सकता है-रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मांसपेशियों की अकड़न और थकान को कम करने में तनाव और चिंता को कम करने में बेहतर पाचन और शरीर में पानी की कमी न होने देने में सहयोग करने में। जेट लैग से निपटने में इसका बड़ा प्रभाव है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह हैकि यह यात्रियों को उड़ान के दौरान भी अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने में सक्षम बनाता है, इसलिए जहां भी रहें, सेहतमंद रहें। योग की सुंदरता इसकी अनुकूलनशीलता में निहित है, चाहे घर पर हों, काम पर हों या आसमान में हों, यह हर स्थिति में आपके साथ होता है। यह इन-फ्लाइट प्रोटोकॉल इस बात की याद दिलाता हैकि स्वस्थ रहने केलिए अतिरिक्त समय या स्थान की आवश्यकता नहीं होती बस इरादे की आवश्यकता होती है। अपनी अगली यात्रा पर सीट बेल्ट बांधते समय, अपने लिए कुछ पल शांतिपूर्वक बिताने पर विचार करें, क्योंकि कभी-कभी, लंबी यात्रा करने का सबसे अच्छा तरीका होता है... रुकना, गहरी सांस लेना और अपने भीतर से जुड़ना। अच्छी उड़ान भरें! आराम से सांस लें! संतुलन बनाए रखें!

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