देश की कई प्रख्यात हस्तियां आंध्र विश्वविद्यालय की देन-उपराष्ट्रपति
'आंध्र प्रदेश में अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों की रुचि और निवेश बढ़ा है'स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 28 April 2026 02:34:49 PM
विशाखापत्तनम। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आंध्र विश्वविद्यालय की उत्कृष्टता की शताब्दी के ऐतिहासिक अवसर का हिस्सा बनने पर खुशी व्यक्त की है। उन्होंने कहाकि यह एक ऐसा संस्थान है, जो न केवल इतिहास का साक्षी है, बल्कि उसे आकार देनेमें भी बड़ी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहाकि सौ वर्ष के दौरान यह विश्वविद्यालय विचारों का एक संगम स्थल रहा है, यहां राष्ट्र निर्माण में अनुकरणीय योगदान देनेवाले विद्यार्थियों की कई पीढ़ियों का निर्माण हुआ है। विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और भारत के सबसे प्रतिष्ठित दार्शनिकों एवं राजनीतिज्ञों में से एक डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन की विरासत को सम्मानपूर्वक याद करते हुए उपराष्ट्रपति ने शिक्षा को बुद्धि और चरित्र दोनों के विकास का साधन मानने के उनके दृष्टिकोण पर प्रकाश डाला, जो आजभी अत्यंत प्रासंगिक है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने नोबेल से सम्मानित सीवी रमन सहित विशाखापत्तनम से जुड़े कई प्रख्यात व्यक्तियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि सीवी रमन ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा इसी शहर में प्राप्त की और पूर्व उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू आंध्र विश्वविद्यालय के एक प्रतिष्ठित छात्र रहे हैं। उपराष्ट्रपति ने कहाकि शांतिस्वरूप भटनागर पुरस्कार, पद्मविभूषण, पद्मश्री और साहित्य अकादमी सम्मान प्राप्त करने वाली कई प्रख्यात हस्तियां आंध्र विश्वविद्यालय की देन हैं। तीसवें सीआईआई साझेदारी शिखर सम्मेलन में भाग लेने हेतु विशाखापत्तनम के अपने पूर्व दौरे का उल्लेख करते हुए उपराष्ट्रपति ने मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में आंध्र प्रदेश की तीव्र प्रगति पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहाकि इस राज्य ने अपने विकास की गति को तेज किया है, महत्वपूर्ण निवेश आकर्षित किए हैं और नवाचार एवं विकास केंद्र के रूपमें अपनी स्थिति को मजबूत किया है। उन्होंने राज्य के प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को बढ़ावा देने में सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री नारा लोकेश की भूमिका भी सराही।
आंध्र प्रदेश में बढ़ते वैश्विक विश्वास पर उपराष्ट्रपति ने गूगल जैसी अग्रणी प्रौद्योगिकी कंपनियों की रुचि और निवेश का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि विशाखापत्तनम विकास के प्रमुख केंद्र के रूपमें उभर रहा है, विशेष रूपसे डेटा सेंटर, आईटी, पर्यटन, इलेक्ट्रॉनिक्स और डिजिटल अवसंरचना जैसे क्षेत्रोंमें, जिसमें हाइपरस्केल डेटा सेंटर और आईटी निवेश प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। उपराष्ट्रपति ने अमरावती को राज्य की स्थायी राजधानी घोषित किए जाने पर आंध्र प्रदेश की जनता को बधाई दी। उन्होंने इस निर्णय को जनता की सामूहिक आकांक्षाओं का प्रतिबिंब बताया और कहाकि यह राज्य के प्रशासनिक भविष्य को स्पष्टता, स्थिरता और दिशा प्रदान करेगा। उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन को याद कियाकि विकसित भारत केवल विकसित राज्यों के जरिए ही साकार हो सकता है। उन्होंने कहाकि दूरदर्शी नेतृत्व, सशक्त शासन और प्रभावी क्रियांवयन के बलपर आंध्र प्रदेश सबसे तेजीसे विकास करने वाले राज्यों में से एक बनकर उभरा है।
उपराष्ट्रपति ने कहाकि आंध्र प्रदेश निवेश का एक प्रमुख गंतव्य बन गया है और इसने 2025-26 में देश के प्रस्तावित निवेशों के 25 प्रतिशत से अधिक का योगदान दिया है। उन्होंने समयबद्ध मंजूरी, पारदर्शी शासन और भूमि, बिजली, कनेक्टिविटी एवं कुशल कार्यबल तक निर्बाध पहुंच प्रदान करने वाली एक ठोस एकल खिड़की प्रणाली सहित निवेशकों के अनुकूल राज्य की नीतियों पर प्रकाश डाला। यह बताते हुएकि सफलता में समय लगता है उपराष्ट्रपति ने कहाकि सचिन तेंदुलकर, जिन्हें प्यार से क्रिकेट का भगवान कहा जाता है, को भी शतकों का शतक बनाने केलिए इंतजार करना पड़ा था। उन्होंने कहाकि सफलता प्राप्त करने केलिए धैर्य अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहाकि व्यक्ति को आंतरिक दबाव को संभालना सीखना चाहिए, असफलताएं मूल्यवान सबक सिखाती हैं और इससे मनोबल नहीं गिरने नहीं देना चाहिए। उन्होंने सभीसे आत्मविश्वास केसाथ जीवन का सामना करने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति ने एम वेंकैया नायडू, ओडिशा के राज्यपाल के हरिबाबू, जीएमआर समूह के संस्थापक एवं अध्यक्ष ग्रांधी मल्लिकार्जुन राव, पूर्व केंद्रीय गृह सचिव के पद्मनाभैया, साइएंट के संस्थापक एवं कार्यकारी अध्यक्ष बीवीआर मोहन रेड्डी, लॉरस लैब्स के संस्थापक एवं सीईओ सत्यनारायण चावा, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के पूर्व निदेशक वीएस राजू, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर के पूर्व प्रोफेसर एमआर माधव, प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया के सीईओ विजय जोशी और फिल्म निर्माता त्रिविक्रम श्रीनिवास को विशिष्ट पूर्व छात्र पुरस्कार से सम्मानित किया। उपराष्ट्रपति ने एक स्मारक सिक्का, डाक टिकट और कॉफी टेबल बुक का भी विमोचन किया। इस अवसर पर आंध्र विश्वविद्यालय और संयुक्तराज्य अमेरिका के फ्लोरिडा विश्वविद्यालय, ऑक्समिक लैब्स इंक और भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान केबीच समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान हुआ। उन्होंने आंध्र विश्वविद्यालय के इतिहास और उसके विकास को दर्शाने वाली एक फोटो प्रदर्शनी भी देखी। इससे पहले उपराष्ट्रपति ने श्रीकाकुलम जिले में श्रीकूर्मनाथ स्वामी मंदिर और अरासवल्ली श्रीसूर्यनारायण स्वामी मंदिर में पूजा-अर्चना की।