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रेल कनेक्टिविटी से देशभर से जुड़ी कश्मीर घाटी

श्रीनगर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा का विस्तार

रेलमंत्री ने जम्मू से वंदे भारत एक्सप्रेस को श्रीनगर केलिए झंडी दिखाई

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 1 May 2026 12:46:32 PM

rail connectivity connects kashmir valley with the rest of the country

जम्मू। दशकों से जम्मू में ट्रेन पर सवार होकर सीधे श्रीनगर पहुंचने की कल्पना वास्तविकता से दूर केवल एक सपना ही थी, लेकिन अब वह सपना इतिहास बन चुका है। रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कल श्रीनगर-श्रीमाता वैष्णो देवी कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा के जम्मू तवी रेलवे स्टेशन तक विस्तार को हरी झंडी दिखाते हुए यह बात कही। उन्होंने कहाकि जम्मू कश्मीर रेल कनेक्टिविटी से देशभर से सीधे जुड़ गया है। उन्होंने उल्लेख कियाकि एक सीधा और निर्बाध रेल कॉरिडोर इस क्षेत्रके दो सबसे प्रमुख केंद्रों को आपस में जोड़ता है, जो न केवल यात्रा को तेज बनाएगा, बल्कि इस सुंदर क्षेत्रमें व्यापार, पर्यटन और जनसंपर्क की तस्वीर भी बदल देगा। गौरतलब हैकि जम्मू तवी उत्तर भारत के सबसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशनों में से एक है, जो जम्मू कश्मीर को देश के शेष हिस्सों से जोड़ने वाले एक प्रमुख प्रवेश द्वार के रूपमें कार्य करता है। कन्याकुमारी, हावड़ा, मुंबई और अन्य बड़े शहरों जैसे प्रमुख गंतव्यों केलिए व्यापक रेल संपर्क केसाथ यह स्टेशन विभिन्न क्षेत्रों केबीच निर्बाध आवाजाही सुनिश्चित करने में बड़ी भूमिका निभाता है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि जम्मू-कश्मीर में रेल कनेक्टिविटी के विस्तार से एक बड़ी उपलब्धि को हासिल कर लिया गया है, अब ट्रेन के जम्मू तवी तक पहुंचने से देशभर के यात्रियों केलिए श्रीमाता वैष्णो देवी और श्रीअमरनाथ जैसे तीर्थस्थलों की यात्रा अधिक सुविधाजनक और सुगम हो जाएगी। रेलमंत्री ने कहाकि वंदे भारत सेवा की शुरुआत केबाद से ही इसमें यात्रियों की फुल ऑक्युपेंसी देखी गई है, जो यात्रियों केबीच इसकी बढ़ती लोकप्रियता को दर्शाता है। उन्होंने इसे जम्मू-कश्मीर केसाथ पूरे देश केलिए एक लाइफलाइन के रूपमें रेखांकित किया। उन्होंने कहाकि जम्मू और श्रीनगर केबीच 20 कोच वाली वंदे भारत एक्सप्रेस सेवा इस महत्वपूर्ण मार्ग पर यात्री क्षमता में एक बड़ी वृद्धि का प्रतीक है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि यह विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पिछले वर्ष 6 जून को जम्मू-श्रीनगर रेल लिंक के उद्घाटन के एकवर्ष से भी कम समय के भीतर हुआ है, जिसने इस क्षेत्रमें निर्बाध रेल संपर्क की आधारशिला रखी थी। उन्होंने कहाकि विस्तारित वंदे भारत सेवाइस ऐतिहासिक कॉरिडोर को और अधिक मजबूती प्रदान करती है, जो यात्रा को अधिक आरामदायक बनाने, यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने और जम्मू एवं श्रीनगर केबीच हर ऑलवेदर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने का कार्य करती है।
अश्विनी वैष्णव ने कहाकि इस ट्रेन को विशेष रूपसे इस क्षेत्रकी दुर्गम परिस्थितियों और प्रतिकूल मौसम, जिसमें शून्य से नीचे का तापमान भी शामिल है के अनुकूल डिजाइन किया गया है, इसमें ऐसी विशेष प्रणालियां लगाई गई हैं, जो अत्यधिक ठंड में भी ऑनबोर्ड उपकरणों की निर्बाध कार्यक्षमता सुनिश्चित करती हैं। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि इस ट्रेन में उन्नत इलेक्ट्रॉनिक्स और हाई एंड सेमीकंडक्टर सिस्टम लगे हैं, जो इसे परिवहन का एक अत्यंत आधुनिक और तकनीकी रूपसे उन्नत साधन बनाता है। उन्होंने बतायाकि यात्रा के दौरान यात्रियों को क्षेत्रीय संस्कृति से जोड़ने के प्रयास किए गए हैं, ट्रेन में डोगरी व्यंजन की शुरुआत की गई है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि इस मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों को जम्मू-कश्मीर की संस्कृति, वहां के सुंदर परिदृश्यों, भाषा, संगीत और खान-पान की परंपराओं का अनुभव मिलेगा, जो इस यात्रा को और भी यादगार और जीवंत बना देगा। उन्होंने कहाकि जम्मू कश्मीर को 'धरती का स्वर्ग' कहा जाता है, अपनी लुभावनी प्राकृतिक सुंदरता, बर्फ से ढकी पहाड़ियों, हरी-भरी घाटियों और शांत झीलों केलिए प्रसिद्ध है। यह क्षेत्र अपने मिलनसार और जीवंत समुदायों का घर है, जिनकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत इसकी विशिष्ट पहचान को और समृद्ध करती है।
रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहाकि बेहतर रेल इंफ्रास्ट्रक्चर स्थानीय उत्पादों के सुगम परिवहन को सक्षम बनाकर आर्थिक विकास को भी गति दे रहा है। उन्होंने कहाकि जम्मू-कश्मीर अपने प्रीमियम ड्राई फ्रूट्स, उत्कृष्ट पश्मीना शॉल, सेब और पारंपरिक हाथ से बुने हुए कालीनों केलिए जाना जाता है, जिनकी देशभर में भारी मांग रहती है। उन्होंने कहाकि बेहतर रेल संपर्क के साथ देशभर के बाजारों में इन सामानों की आवाजाही पहले से कहीं अधिक तेज और कुशल हो रही है, जिससे स्थानीय आजीविका को सहारा मिल रहा है और व्यापार के नए अवसरों का विस्तार हो रहा है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि इतनी अधिक ऊंचाई पर रेल परिचालन का भारत का यह पहला अनुभव है और इससे प्राप्त अनुभव भविष्य के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट में मार्गदर्शन करेंगे। उन्होंने कहाकि रेलवे लाइन ने इस क्षेत्रमें कार्गो की आवाजाही में काफी सुधार किया है, जिससे परिवहन लागत में कमी आई है और उर्वरक तथा दूध डेयरी उत्पादों जैसी आवश्यक वस्तुओं केलिए सुगम लॉजिस्टिक्स सुनिश्चित हुई है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि चेरी सहित कृषि उत्पादों को पार्सल सेवाओं से भेजा जा रहा है, जिससे स्थानीय किसानों केलिए बाजार तक पहुंच आसान हुई है।
अश्विनी वैष्णव ने कहाकि रेल नेटवर्क ने लॉजिस्टिक्स को सरल बनाया है और क्षेत्रमें आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दिया है। उन्होंने कहाकि भविष्य की ओर देखते हुए अब हिमालयी क्षेत्र की कठिन परिस्थितियों में सुरक्षा और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने केलिए रखरखाव प्रणालियों को मजबूत करने और पुलों एवं सुरंगों केलिए उन्नत तकनीकों को लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (यूएसबीआरएल) के पूर्ण होने से कश्मीर घाटी अब भारतीय रेल नेटवर्क के शेष हिस्सों केसाथ निर्बाध रूपसे जुड़ गई है, इसने न केवल यात्रियों को लाभांवित किया है, बल्कि क्षेत्रकी व्यावसायिक और आर्थिक गतिविधियों को भी नई गति दी है। अश्विनी वैष्णव ने जिक्र कियाकि दुनिया के सबसे ऊंचे रेलवे पुल 'चिनाब रेल ब्रिज' और 'अंजी खड्ढ ब्रिज' जैसे इंजीनियरिंग के कीर्तिमानों से इस क्षेत्रमें हर मौसम में निरंतर रेल कनेक्टिविटी संभव हो पाई है। उन्होंने कहाकि इस परिवर्तनकारी इंफ़्रास्ट्रक्चर ने नियमित माल ढुलाई का मार्ग प्रशस्त किया है, जिससे आवागमन समय में काफी कमी आई है, विश्वसनीयता बढ़ी है और घाटी को राष्ट्रीय सप्लाई चेन केसाथ और अधिक मजबूती से जोड़ा जा सका है।
रेलमंत्री ने जम्मू-श्रीनगर वंदे भारत एक्सप्रेस में सवार होकर कटरा तककी यात्रा की। अश्विनी वैष्णव ने अंजी खड्ढ पुल और चिनाब रेल ब्रिज का निरीक्षण भी किया। उन्होंने कहाकि जम्मू तवी स्टेशन का पुनर्विकास कार्य तीव्रगति से प्रगति पर है, जिसमें बढ़ते ट्रैफिक को संभालने केलिए प्लेटफार्मों का विस्तार अतिरिक्त प्रवेश द्वार और बेहतर यात्री सुविधाएं शामिल हैं। उन्होंने कहाकि मुख्य मार्गों पर रेल लाइनों के दोहरीकरण और क्षमता विस्तार सहित व्यापक बुनियादी ढांचागत पहलें, जम्मू-कश्मीर और देश के शेष हिस्सों केबीच कनेक्टिविटी को और अधिक मजबूत करेंगी। उन्होंने कहाकि जालंधर-जम्मू सेक्शन के दोहरीकरण का कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि दिल्ली-अंबाला सेक्शन को चार लाइनों में अपग्रेड किया जा रहा है, जिसे हालही में कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। रेलमंत्री ने बतायाकि काजीगुंड और बारामूला केबीच रेलवे लाइन के दोहरीकरण का कार्य चल रहा है। उन्होंने कहाकि पुंछ-राजौरी रेल लिंक और उरी-बारामूला विस्तार परियोजनाएं वर्तमान में योजना और विस्तृत परियोजना रिपोर्ट के चरणों में हैं। काजीगुंड-बारामूला लाइन को डबल करने से कश्मीर घाटी में माल ढुलाई और यात्री क्षमता में वृद्धि होगी, जिससे भीड़भाड़ कम होगी, यात्रा के समय में बचत होगी और वस्तुओं एवं पर्यटकों की सुगम आवाजाही संभव हो सकेगी।
अश्विनी वैष्णव ने कहाकि ये परियोजनाएं इस क्षेत्रकी सड़क परिवहन पर अत्यधिक निर्भरता को कम करेंगी, जो भूस्खलन, बर्फबारी और कड़ाके की ठंड जैसी मौसमी बाधाओं के कारण अक्सर बाधित रहता है। उन्होंने कहाकि ये पहलें निवेश को प्रोत्साहित करेंगी, रोज़गार के अवसर सृजित करेंगी और क्षेत्र के विभिन्न समुदायों, वर्गों में सामाजिक एवं आर्थिक समावेश केसाथ नागरिक सशक्तिकरण की भावना को और अधिक सुदृढ़ करेंगी। उन्होंने कहाकि श्रीनगर-कटरा वंदे भारत एक्सप्रेस पर्यटन को बढ़ावा देने, व्यापार को सुगम बनाने और समग्र कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने में सहायक होगी। जम्मू में सुविधाजनक इंटरचेंज केसाथ अब देशभर के यात्री निर्बाध रूपसे कश्मीर घाटी तक पहुंच सकते हैं, क्योंकि जम्मू देश के सभी प्रमुख केंद्रों से अच्छी तरह जुड़ चुका है। अश्विनी वैष्णव ने कहाकि यह प्रगति जन-जन के मध्य संपर्क को सुगम बनाने केसाथ राष्ट्र की आर्थिक मुख्यधारा केसाथ कश्मीर के गहरे जुड़ाव को सुनिश्चित कर रही है।

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