ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कॉफीज़ ऑफ़ नागालैंड मिशन शुरू किया
ब्रांड नॉर्थ ईस्ट के तहत नागालैंड की कॉफ़ी को बढ़ावा देने का मिशनस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 19 May 2026 12:56:04 PM
कोहिमा। केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य माधवराव सिंधिया ने नागालैंड केलिए क्लस्टर आधारित 'कॉफी मूल्य श्रृंखला विकास मिशन' की शुरूआत कर दी है। लगभग 175 करोड़ रुपये के परिव्यय केसाथ ‘कॉफीज़ ऑफ़ नागालैंड मिशन’ को संपूर्ण सरकार दृष्टिकोण से तैयार किया गया है। हितधारकों को ध्यान में रखते हुए इसमें शामिल उपाय ज़मीनी वास्तविकताओं और कॉफी उत्पादक समुदायों की आकांक्षाओं के अनुसार होंगे। गौरतलब हैकि कोहिमा ज़िले के तुओफेमा गांव को ‘अरेबिका’ कॉफी केलिए और न्यूलैंड ज़िले के घोटोवी गांव को ‘रोबस्टा’ कॉफी केलिए जाना जाता है। मिशन का उद्देश्य कॉफी मूल्य श्रृंखला में मौजूद कमियों को दूरकर, वृक्षारोपण विकास, कटाई केबाद प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रैसेबिलिटी (उत्पत्ति का पता लगाना), निर्यात, पर्यटन और क्षमता निर्माण को एकीकृत करके कॉफी मूल्य श्रृंखला की कमियों को दूर करना है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्री ने कहाकि ‘किसान पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में वास्तविक हितधारक बनें’ यह केवल संपूर्ण सरकार का दृष्टिकोण ही नहीं, बल्कि वास्तव में संपूर्ण भारत का दृष्टिकोण है, जो सरकारों, मंत्रालयों, कॉफी उत्पादकों, उद्यमियों, प्रसंस्करण कर्ताओं, ब्रांडिंग विशेषज्ञों, निर्यातकों और बाज़ार के अग्रणियों को एक मंच पर लाता है। उन्होंने बतायाकि कॉफ़ीज़ ऑफ़ नागालैंड मिशन एक पूर्ण मूल्यश्रृंखला विकास पहल के रूपमें नागालैंड को कच्चे कॉफ़ी उत्पादक क्षेत्रसे बदलकर एक प्रीमियम, उत्पत्ति का पता लगाने योग्य और एकल मूल कॉफ़ी अर्थव्यवस्था बनाएगा, घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय बाज़ारों में मज़बूत पहचान बनेगी। उन्होंने बतायाकि ब्रांड नॉर्थ ईस्ट केतहत नागालैंड की कॉफ़ी को बढ़ावा देने के लिए मीडिया अभियानों, व्यापार मेलों में भागीदारी और कॉफ़ी पर्यटन से जुड़े अनुभवों को बढ़ावा देने वाली पहलों का सहारा लिया जाएगा। उन्होंने कहाकि मिशन का लक्ष्य पायलट क्लस्टरों में कॉफ़ी बागानों में ठहरने की व्यवस्था और खेत से कॉफी के कप तक पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा देना भी है, ताकि पर्यटकों के सामने नागालैंड को विशेष प्रकार की कॉफ़ी केलिए एक खास और अनोखे उत्पादन गंतव्य के रूपमें स्थापित किया जा सके।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहाकि मिशन की असली सफलता तब दिखेगी, जब नागालैंड की कॉफी को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही बाजारों में खास जगह मिलेगी, साथही इससे राज्यभर में कॉफी उत्पादकों के समुदायों केलिए ज़्यादा और संवहनीय आय भी सुनिश्चित होगी। उन्होंने किसानों और संबंधित पक्षों को भरोसा दिलायाकि सरकार नागालैंड केलिए विश्वस्तरीय और प्रतिस्पर्धी स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम केलिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। राज्यमंत्री सुकांत मजूमदार भी इस मौके पर मौजूद थे। उन्होंने कहाकि जैविक प्रमाणीकरण, जीआई टैगिंग, डिजिटल ट्रैकिंग को एकीकृत करके यह मिशन किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा और छोटे किसान परिवारों को सशक्त बनाएगा। उन्होंने कहाकि यह रणनीतिक रोडमैप न केवल प्रीमियम अंतर्राष्ट्रीय बाजारों तक सीधी पहुंच सुनिश्चित करता है, बल्कि इस क्षेत्र को स्थानीय अनुभवात्मक पर्यटन से भी जोड़ता है, जिससे क्षेत्र केलिए दीर्घकालिक और संवहनीय विकास सुनिश्चित होता है। नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने 'कॉफी मूल्य श्रृंखला विकास परियोजना' की परिकल्पना और इसे समर्थन देने केलिए पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय की सराहना की। उन्होंने इसे राज्य की कृषि विविधीकरण और ग्रामीण विकास रणनीति में महत्वपूर्ण पड़ाव बताया।
नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो ने कहाकि कई जिलों में 'झूम खेती' के विकल्प के रूपमें कॉफी की बागवानी उभरी है और इसमें कॉफी उत्पादक समुदायों केलिए दीर्घकालिक आय के अवसर पैदा करने केसाथ पर्यावरण अनुकूल संवहनीय कृषि प्रणालियों को बढ़ावा देने की मजबूत क्षमता है। पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव संजय जाजू ने मिशन के कार्यांवयन ढांचे और प्रीमियम गुणवत्ता वाली 'अरेबिका' और 'रोबस्टा' कॉफी के उत्पादन केलिए नागालैंड की कृषि जलवायु स्थितियों की अपार क्षमता पर प्रकाश डाला। उन्होंने उल्लेख कियाकि एक दशक में नागालैंड में कॉफी की खेती का काफी विस्तार हुआ है, लेकिन अब गुणवत्ता, उत्पादकता, मूल्य संवर्धन और बाजार तक पहुंच में सुधार केलिए प्रयासों की आवश्यकता है। उन्होंने कहाकि क्लस्टर आधारित मॉडल छोटे किसानों को साझा अवसंरचना, तकनीकी सहायता और ब्रांडिंग पहलों से सामूहिक रूपसे लाभ उठाने में सक्षम बनाएगा। उन्होंने कहाकि इससे स्थायी आजीविका के अवसर पैदा होने, बागानों पर उत्पादकों को फसलों का बेहतर मूल्य मिलने और कॉफी अर्थव्यवस्था में ग्रामीण युवाओं की भागीदारी को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में नागालैंड सरकार के उपमुख्यमंत्री टीआर जेलियांग, नागालैंड सरकार के विधायक और सलाहकार (भूमि संसाधन) जी इकुतो झिमोमी और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय और नागालैंड सरकार के अधिकारी, कॉफी उत्पादक, उद्यमी, हितधारक उपस्थित थे।