ऐतिहासिक विवरण से परे वीर सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभव संकलित
रक्षामंत्री, सीडीएस और तीनों सेना प्रमुखों ने किया पुस्तक का विमोचनस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 29 May 2026 06:22:46 PM
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज ऑपरेशन सिंदूर पर स्मारक पुस्तक का विमोचन किया। यह पुस्तक ऑपरेशन सिंदूर में भाग लेने वाले 100 अधिकारियों, नौसैनिकों, वायुसैनिकों और सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों का संकलन है। रक्षामंत्री ने इस प्रकाशन को ऑपरेशन सिंदूर को अंजाम देने वालों को श्रद्धांजलि बताते हुए सैनिकों के समर्पण और साहस से जुड़ाव का प्रतीक बताया। उन्होंने कहाकि लोगों को इस पुस्तक से प्रेरणा लेकर राष्ट्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने और संप्रभुता बनाए रखने केलिए किए गए बलिदान को समझना चाहिए।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने ऑपरेशन सिंदूर को अभूतपूर्व सफलता बताया, जिसमें भारत ने पाकिस्तान को चार दिन के भीतर युद्धविराम केलिए बाध्य कर दिया। उन्होंने कहाकि यह भारत द्वारा अबतक लड़े गए सभी युद्धों से अलग था और यह स्मारक प्रकाशन ऐतिहासिक विवरण से परे बहादुर सैनिकों के व्यक्तिगत अनुभवों का संकलन है। रक्षामंत्री ने कहाकि यह आधुनिक युद्ध के मानवीय पहलू की भी जानकारी देता है, जहां नेतृत्व, साहस, दबाव में निर्णय लेने की क्षमता और प्रतिबद्धता ने रणनीति को सफलता में बदल दिया। यह पुस्तक आधिकारिक सैन्य इतिहास लेखन परंपराओं से हटकर लिखी गई है। युद्ध के अधिकांश वृत्तांत मुख्यालय और ऑपरेशन रूम के दृष्टिकोण को प्राथमिकता देते हैं, जहां कमांडरों के निर्णयों को दर्ज किया जाता है, उनका विश्लेषण किया जाता है और उनपर बहस की जाती है। फिरभी युद्ध का वास्तविक स्वरूप जैसाकि नियंत्रण रेखा पर दुश्मन के बंकरों को निशाना बनाते सैनिक, हवाई रक्षा संचालक जो आने वाले ड्रोनों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय कर रहा था, हथियार से मार करने के समय कॉकपिट में बैठा पायलट और बेड़े के उच्चतर स्थिति में आनेपर कार्रवाई स्टेशनों पर तैनात नौसैनिक के अनुभव लगभग अकथ्य रह जाते हैं।
ऑपरेशन सिंदूर स्मारक पुस्तक उसी स्वरूप को पुनः प्राप्त करने का प्रयास है। इसमें तीनों सेनाओं केसाथ मुख्यालय, एकीकृत रक्षा स्टाफ के वृत्तांत, युद्धक विमान चालक, नौसेना के चौकसकर्मी, सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल के दल, विशेष बल के संचालक, सिग्नलर, लॉजिस्टिक्स कर्मी, चिकित्सा अधिकारी, संयुक्त एवं एकीकृत संगठनकर्मी सम्मिलित हैं, जो इस अभियान में एकसाथ शामिल रहे हैं। सीडीएस जनरल अनिल चौहान के मार्गदर्शन में संकलित इस पुस्तक में सामरिक संचार महानिदेशालय, मीडिया एवं जन सूचना प्रकोष्ठ तथा मीडिया एवं जनसंपर्क निदेशालय के व्यक्तिगत अनुभव शामिल हैं, यूनाइटेड सर्विस इंस्टीट्यूशन ऑफ इंडिया ने इसके प्रकाशन में सहयोग किया है। विमोचन के दौरान सीडीएस जनरल अनिल चौहान, नौसेना प्रमुख एडमिरल दिनेश के त्रिपाठी, सेनाध्यक्ष जनरल उपेंद्र द्विवेदी और वायुसेनाध्यक्ष एयर मार्शल एपी सिंह उपस्थित थे।