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साफ और स्वच्छ यमुना हमारा संकल्प-शाह

सिर्फ संतोषजनक काम नहीं, सटीक परिणाम आने चाहिएं!

यमुना पुनर्जीवीकरण की कार्य प्रगति पर समीक्षा बैठक

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 9 June 2026 04:48:38 PM

review meeting on the progress of yamuna rejuvenation work

नई दिल्ली। गृहमंत्री अमित शाह ने दिल्ली में यमुना पुनर्जीवीकरण कार्य प्रगति की समीक्षा की। समीक्षा बैठक के दौरान केंद्रीय आवासन एवं शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल, केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सीआर पाटिल, दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधु, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, प्रवेश साहिब सिंह और वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि साफ और स्वच्छ यमुना हमारा संकल्प है और हम सभीको मिलकर इसे जल्दी ही पूरा करना है। उन्होंने कहाकि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकारें एवं सभी संबंधित मंत्रालय यमुना की स्वच्छता केलिए टुकड़ों में नहीं, बल्कि एक टीम भावना से एकीकृत कार्य योजना के तहत काम करें।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश तीनों राज्य मिलकर यमुना नदी में मानक ईको-फ्लो सुनिश्चित करें। उन्होंने कहाकि दिल्ली की डेयरियों के अपव्यय को यमुना में जाने से रोकने केलिए दिल्ली नगरनिगम और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड केबीच एमओयू साइन होगा, जो इसे गोबर गैस तथा खाद में तब्दील करेगा। अमित शाह ने कहाकि एनडीडीबी मॉडल केतहत डेयरी और गौशालाओं का गोबर सीधे गैस और खाद प्लांट तक पहुंचेगा, साथही यमुना किनारे के कचरे का वैज्ञानिक प्रबंधन होगा। गृहमंत्री ने कहाकि यमुना नदी में प्रवाहित नालों की डीसिल्टिंग का काम तेजीसे चल रहा है, इसवर्ष लक्षित 28.57 लाख एमटी में से 97 प्रतिशत गाद निकाली जा चुकी है और बाकी 15 जून तक निकाल ली जाएगी। उन्होंने निर्देश दियाकि गाद का इस्तेमाल विभिन्न विनिर्माण परियोजनाओं में किया जाए, जिससे बारिश में ये गाद बहकर वापस यमुना में न जाए। अमित शाह ने कहाकि दिल्ली, हरियाणा और उत्तर प्रदेश में अबतक 129 एसटीपी बन चुके हैं और 2027 के अंततक 59 नए एसटीपी और बनाए जाएंगे।
गृहमंत्री ने निर्देश दिएकि एसटीपी, औद्योगिक वेस्टेज और नालों के डिस्चार्ज को अच्छे से मॉनिटर करें। उन्होंने कहाकि सिर्फ संतोषजनक काम नहीं, बल्कि सटीक परिणाम आने चाहिएं। अमित शाह ने कहाकि औद्योगिक या डेयरी वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट्स का निर्माण भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही हो। गृहमंत्री ने कहाकि यमुना में जुड़ने वाले नालों और जल स्रोतों में शुद्धिकरण के विभिन्न पैमानों जैसे-बीओडी, सीओडी और टीएसएस के निरंतर निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित हो, साथ ही यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना के प्रोजेक्ट्स की विस्तृत कार्ययोजना एवं निष्पादन तिथि तय हो और इनके दीर्घकालिक रखरखाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित हो। गृहमंत्री ने यमुना पुनर्जीवीकरण परियोजना में कार्य प्रगति की हर 20 दिन में समीक्षा करने को कहा।

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