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भारत की विकास गाथा से दुनिया प्रेरित-मोदी

'युवाओं को भविष्य के अवसरों व चुनौतियों के लिए तैयार करें'

मुख्यमंत्रियों के साथ नीति आयोग की बैठक में बोले प्रधानमंत्री

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 12 June 2026 12:39:29 PM

11th governing council meeting of niti aayog

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश के 28 राज्यों और 5 केंद्रशासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने वाले मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों और प्रशासकों से नीति आयोग की 11वीं शासी परिषद की बैठक में विषय ‘विकसित भारत@2047 केलिए समावेशी मानव विकास’ पर व्यापक विचार विमर्श किया। यह पहला अवसर था, जब सभी 28 राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने नीति आयोग की शासी परिषद की बैठक में भाग लिया। यह बैठक राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र नई दिल्ली में हुई। प्रधानमंत्री ने कहाकि ऐसे समय में जब कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं अनिश्चितता और आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रही हैं, भारत की विकास गाथा दुनिया को प्रेरित कर रही है। उन्होंने आत्मनिर्भरता केप्रति राष्ट्र के संकल्प को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया और नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रमें विशेष रूपसे वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं को अपनाने और लागू करने के महत्व पर प्रकाश डाला।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारी संघवाद के महत्व को रेखांकित करते हुए कहाकि विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने केलिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने कहाकि विकसित भारत की परिकल्पना हर राज्य, जिले, प्रखंड और गांव का सामूहिक संकल्प बनना चाहिए। प्रधानमंत्री ने भारत की जनसांख्यिकीय शक्ति पर प्रकाश डालते हुए कहाकि देश के युवा इसकी सबसे बड़ी संपत्ति हैं, जिसमें लगभग 70 करोड़ भारतीय 25 वर्ष से कम आयु के हैं। इसे जनसांख्यिकीय लाभांश बताते हुए उन्होंने राज्यों से आग्रह कियाकि वे इसे शिक्षा, कौशल विकास और क्षमता निर्माण की पहल से विकास लाभांश में बदलने पर ध्यान केंद्रित करें, जो युवाओं को भविष्य के अवसरों और चुनौतियों केलिए तैयार करे। प्रधानमंत्री ने हालही में कई देशों केसाथ हुए भारत के मुक्त व्यापार समझौतों का जिक्र करते हुए राज्यों को युवाओं और सूक्ष्म लघु मध्यम उद्यम केलिए अवसर पैदा करने और हितधारकों को इन समझौतों से होनेवाले फायदों का प्रभावी ढंग से लाभ उठाने केलिए तैयार करने केलिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने राज्यों से सक्रिय रूपसे सहयोगी देशों से निवेश आकर्षित करने का भी आग्रह किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला नेतृत्व वाले विकास पर बल देते हुए राज्यों से लखपति दीदी की संख्या 3 करोड़ से बढ़ाकर 6 करोड़ करने का आह्वान किया और नारी शक्ति केलिए सुरक्षित व संरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के महत्व पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने राज्यों से एक ज़िला एक उत्पाद पहल पर ध्यान केंद्रित करने और इसके आसपास निर्यात के अनुकूल रणनीतियों को विकसित करने का आग्रह किया। उन्होंने रक्षा विनिर्माण का एक उभरते क्षेत्र के रूपमें उल्लेख किया, जहां भारत एक विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। नरेंद्र मोदी ने राज्यों को इसके विकास से उत्पन्न अवसरों का लाभ उठाने केलिए नीतियां तैयार करने केलिए प्रोत्साहित किया। प्रधानमंत्री ने निवारक उपायों, जागरुकता अभियानों, प्रभावी शासन से नशीली दवाओं के दुरुपयोग और साइबर धोखाधड़ी जैसी उभरती सामाजिक चुनौतियों के समाधान केलिए समन्वित प्रयासों की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने अल नीनो की स्थिति से उत्पन्न चिंताओं की ओरभी ध्यान आकर्षित किया और राज्यों से जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा प्राकृतिक और जैविक खेती की प्रथाओं को प्रोत्साहित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहाकि चालू खरीफ सीजन में किसानों द्वारा 11 लाख टन जैविक खाद की खरीद टिकाऊ कृषि में बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिला स्तरपर प्रगति का मूल्यांकन करने को कहा, विशेष रूपसे आकांक्षी जिला मानकों से सुझाव दियाकि इसी तरह कृषि क्षेत्रमें 100 जिलों की पहचान की जानी चाहिए, ताकि सकारात्मक परिणाम लाए जा सकें। उन्होंने राज्यों से इस प्रयास में आगे आने का आग्रह किया, ताकि महत्वाकांक्षी दृष्टिकोण से एक अभूतपूर्व परिवर्तन हासिल किया जा सके। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत@2047 की परिकल्पना साकार करने केलिए एक निगरानी ढांचे, लक्षित सौ दिवसीय व पांच वर्षीय लक्ष्यों की आवश्यकता पर बल दिया। निवेश आकर्षित करने केलिए सुशासन, पारदर्शिता और बुनियादी ढांचे पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने राज्यों से ब्रांडिंग, कारोबार करने में आसानी और डेटा केंद्रों तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसे क्षेत्रोंमें उभरते अवसरों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहाकि एआई को एक अवसर के रूपमें देखा जाना चाहिए और आवश्यक कौशल से लोगों को सुसज्जित करने के प्रयासों का आह्वान किया। मुख्यमंत्रियों, उपराज्यपालों एवं प्रशासकों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके कार्यालय में 12 वर्ष का कार्यकाल पूरा करने पर बधाई दी। उन्होंने वैश्विक भू-राजनीतिक संकट का सामना करने और ऊर्जा आवश्यकताओं के संबंध में भारत की क्षमता को मजबूत करने और इसकी विकास गति को बनाए रखने केलिए केंद्र केसाथ एकजुटता व्यक्त की। प्रधानमंत्री ने भरोसा जतायाकि सहयोग, नवाचार और विकास केप्रति साझा प्रतिबद्धता से भारत वर्ष 2047 तक विकसित भारत की ओर अपनी यात्रा को तेजगति दे सकता है।

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