पीएम नरेंद्र मोदी और इमैनुएल मैक्रों का इंडिया इनोवेट्स में संबोधन
वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में भारत-फ्रांस सहयोग बढ़ाने का लक्ष्य रखास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Sunday 14 June 2026 07:10:13 PM
नीस (फ्रांस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने आज पैलेस डेस एक्सपोजिशन्स नीस में संयुक्त रूपसे 'भारत इनोवेट्स 2026' का उद्घाटन किया। 'भारत इनोवेट्स' तीन दिन का एक कार्यक्रम है, जो भारतीय डीपटेक स्टार्टअप्स, इनोवेटर्स, शोधकर्ताओं और इन्वेस्टर्स को वैश्विक इनोवेशन फंड्स और फुटप्रिंट वाले लोगों केसाथ एक मंच पर लाता है। यह वैश्विक स्तरपर भारत की बेहतरीन डीप प्रौद्योगिकी को प्रदर्शित करता है, जिसमें वैश्विक महत्व के 13 अहम प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में 120 क्रांतिकारी स्टार्टअप्स और 20 से अधिक बेहतरीन संस्थान शामिल हैं। कार्यक्रम में दुनियाभर के 350 से अधिक प्रमुख निवेशक और वेंचर कैपिटलिस्ट भी हिस्सा ले रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने उपस्थित इनोवेट्स को संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का इस कार्यक्रम में उपस्थिति केलिए धन्यवाद किया और कहाकि भारत फ्रांस वैश्विक चुनौतियों से निपटने केलिए मिलकर काम करने वाले पुराने साझेदार रहे हैं। गौरतलब हैकि 'भारत इनोवेट्स' भारत सरकार के उस संकल्प को रेखांकित करता है, जिसके तहत 'विकसित भारत' विजन के अनुरूप भारत को एक वैश्विक इनोवेशन हब बनाने और वैश्विक तकनीक के क्षेत्रमें भारत-फ्रांस सहयोग के महत्व को आगे बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत फ्रांस केबीच का गहरे संबंध और मज़बूत विश्वास का उल्लेख करते हुए कहाकि दोनों देशों ने हाल के वर्षों में नई पहल शुरू की हैं, नए विचारों को दिशा दी है और वैश्विक चुनौतियों का समाधान खोजने केलिए मिलकर प्रयास किए हैं। उन्होंने कहाकि चाहे इंटरनेशनल सोलर एलायंस हो, एआई पर बातचीत हो या सुरक्षा से सस्टेनेबिलिटी तककी साझेदारी हो मानवता के सामने आनेवाली चुनौतियों से निपटने में दोनों देश साथ मिलकर आगे बढ़े हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि इसी साल फरवरी में भारत-फ्रांस नवाचार वर्ष की शुरुआत हुई है और आज हमें बहुत खुशी हैकि इंडिया इनोवेट्स की शुरुआत भी हम फ़्रांस केसाथ कर रहें हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिक्र कियाकि राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भारत यात्रा के दौरान कहा थाकि इस सदी की चुनौतियों के समाधान केलिए भारत और फ्रांस को एकसाथ आगे आना होगा, आज मैं गर्व से कह सकता हूंकि ये पहल उसी दिशा में एक कदम है। उन्होंने कहाकि भारत इनोवेट्स मंच भारत के टैलेंट और यूरोपियन कैपिटल केबीच एक ब्रिज बन रहा है, एक ऐसा प्लेटफॉर्म जहां भारत के यंग माइंड्स को यूरोपियन एक्स्पर्टीज़ से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि 21वीं सदी का भारत बदलाव के एक बहुत बड़े दौर से गुजर रहा है, भारत में स्टार्टअप रिवॉल्यूशन हो रहा है, भारत का नौजवान एक नए माइंडसेट केसाथ मानवता के हित में समस्याओं के समाधान ढूंढ रहा है और वर्ल्ड क्लास सोल्युशंस को ग्लोबल स्टेज पर लाने का माध्यम ही है भारत इनोवेट्स है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत इनोवेट्स में आईआईटी दिल्ली के बोर्ड के अध्यक्ष हरीश सलवे के योगदान को सराहा। प्रधानमंत्री ने कहाकि यहां इतनी बड़ी संख्या में यंग एंटरप्रेन्योर्स में भारत के भविष्य की झलक दिखाई देती है, नए भारत की ऊर्जा दिखाई देती है। उन्होंने कहाकि भारत अब सिर्फ़ समाधानों का इस्तेमाल करने वाला देश नहीं, बल्कि उनमें योगदान देने वाला देश बनकर उभर रहा है, यहां कुछ लोग एआई का इस्तेमाल करके ग्रामीण जीवन को बदलने का काम कर रहे हैं तो कुछ सैटेलाइट टेक्नोलॉजी के ज़रिए किसानों की मदद कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि युवा इनोवेटर स्मार्ट सिटी, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और नई सामग्रियों के ज़रिए भविष्य का निर्माण कर रहे हैं, कुछ लोग ग्रीन हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी और बैटरी टेक्नोलॉजी के ज़रिए टिकाऊ भविष्य सुनिश्चित कर रहे हैं, जबकि कुछ स्टार्टअप्स रक्षा और सुरक्षा के क्षेत्रमें अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी विकसित कर रहे हैं। उन्होंने कहाकि भारत बड़े पैमाने पर और तेज़ी से इनोवेशन करता है। उन्होंने कहाकि हर तकनीकी क्रांति मानवता को एक नया अवसर देती है और हर अवसर एक नई जिम्मेदारी भी लेकर आता है, आज दुनिया ऐसी तकनीकी की ओर देख रही है, जो विश्वसनीय हों, समावेशी हों, मानव केंद्रित हों, जिसका लक्ष्य ग्लोबल गुड का हो और ऐसे समय में भारत की प्रियॉरिटी है-मानवता केलिए तकनीक, ह्युमेन सेंट्रिक इनोवेशन।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि यही मंत्र हमारी डिजिटल रेवोल्यूशन का केंद्र है, यही भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर का भी सार है, हमारे एआई विजन का मूल तत्व है-सभी केलिए एआई ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, दिल्ली में आयोजित एआई प्रभाव शिखर सम्मेलन की थीम भी यही थी। उन्होंने कहाकि भारत ने दिखाया हैकि इनोवेशन और इंक्लूजन एकदूसरे के विरोधी नहीं हैं, बल्कि पूरक हैं। उन्होंने कहाकि इनोवेशन भारत के डीएनए में है हजारों वर्ष से भारत ने अपने ज्ञान और इनोवेशन से दुनिया को नई दिशा दी है, गणित से खगोल विज्ञान तक, चिकित्सा से योग तक भारत का योगदान सम्पूर्ण मानवता की प्रगति का आधार रहा है। उन्होंने उल्लेख कियाकि बीते 11-12 वर्ष में भारत ने नवाचार केलिए एक मजबूत ईकोसिस्टम तैयार किया है, पेटेंट फाइलिंग से इंक्यूबेशन नेटवर्क्स तक, स्टार्टअप इंडिया से पॉलिसी सपोर्ट तक ये पूरी जर्नी एक मिशन मोड में आगे बढ़ी है। उन्होंने कहाकि भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इकोसिस्टम है। प्रधानमंत्री ने कहाकि यह रिफॉर्म्स की एक्स्प्रेस रुकेगी नहीं, लगातार चलती रहेगी और भारत से निकलने वाले स्टार्टअप्स की संख्या भी कई गुना बढ़ती रहेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि एक दशक पहले तक दुनिया भारत को टेक्नॉलॉजी एडॉप्टर के रूपमें देखती थी, आज भारत टेक्नोलॉजी प्रोवाइडर के रूपमें परिवर्तित हो रहा है और भारत जोभी इनोवेट करता है, जोभी समाधान देता है, उसका फायदा मानवता के बहुत बड़े हिस्से को मिलता है, भारत इनोवेट्स का भी यही लक्ष्य है। उन्होंने कहाकि 'भारत इनोवेट्स' दुनिया केलिए एक निमंत्रण हैकि वे भारत केसाथ मिलकर ग्लोबल इनोवेशन के अगले अध्याय को तैयार करें। उन्होंने यहां मौजूद हर इनोवेट्स, हर विश्वविद्यालय, हर शोध संस्थान और हर उद्यमी को आग्रहपूर्वक आमंत्रित कियाकि आप भारत आइए, भारत में डिजाइन कीजिए, भारत में विकसित कीजिए और दुनिया केलिए समाधान तैयार कीजिए।