मजबूत रक्षा प्रणाली में सैन्य व नागरिक तालमेल बेहद जरूरी-रक्षामंत्री
नई दिल्ली में सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविलियन सेवा दिवस समारोहस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Monday 3 August 2026 05:56:30 PM
नई दिल्ली। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने रक्षा मंत्रालय के सैन्य और नागरिक घटकों केबीच सहयोग को और ज्यादा सुदृढ़ करने पर जोर दिया है। उन्होंने यह बात ऐसे समय में कही है, जब रक्षाबल उत्साह केसाथ बेहतर समन्वय की दिशा में अग्रसर हैं। रक्षामंत्री की इस अपील का उद्देश्य सुरक्षा और तकनीकी चुनौतियों से निपटने केलिए रक्षातंत्र में अधिक तालमेल स्थापित करना यानी उभरती चुनौतियों का सामना करने केलिए मजबूत रक्षा प्रणाली में सैन्य व नागरिक सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। नई दिल्ली में 85वें सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविलियन सेवा दिवस समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहाकि सैन्य और नागरिक सेवाएं दोनों ही 'राष्ट्र सर्वोपरि' केप्रति समान रूपसे प्रतिबद्ध हैं और जब उद्देश्य एकही होता है तो व्यवस्था का प्रत्येक तत्व राष्ट्रीय शक्ति में परिवर्तित हो जाता है। रक्षामंत्री ने कहाकि सैन्य और प्रशासनिक सहयोग अलग-अलग रास्तों पर नहीं चल सकते। उन्होंने कहाकि संयुक्त और एकीकृत संरचनाओं के विकास केसाथ नीति, प्रशासन, मानव संसाधन प्रबंधन, वित्तीय प्रक्रियाओं, रसद, संस्थागत ज्ञान जैसे क्षेत्रों में निरंतरता और विशेषज्ञता की आवश्यकता है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने नागरिक और सैन्य अधिकारियों केबीच आपसी संपर्क को और बढ़ाने एवं दोनों पक्षों केलिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम व विकासात्मक कार्यों का सुझाव दिया, ताकि वे एकदूसरे के अनुभवों से सीख सकें। राजनाथ सिंह ने कहाकि सैन्य अधिकारी परिचालन अनुभव, कमान का दृष्टिकोण और युद्ध की समझ लाते हैं, जबकि नागरिक अधिकारी प्रशासनिक निरंतरता, नीतिगत अनुभव, सरकारी प्रक्रियाओं की समझ और संस्थागत स्मृति से योगदान देते हैं। उन्होंने कहाकि जब ये शक्तियां आपस में मिलती हैं तो निर्णय लेना अधिक संतुलित और प्रभावी हो जाता है। रक्षामंत्री ने 'साइबर युद्ध' का उदाहरण देते हुए कहाकि अगर सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविलियन सेवा के अधिकारी अपनी विशेषज्ञता का उपयोग करते हुए रक्षा विशिष्ट साझा साइबर उपकरण विकसित करें तो यह रक्षाबलों केलिए लाभदायक सिद्ध हो सकता है। उन्होंने कहाकि भारतीय सैन्य इतिहास के अध्ययन केलिए एक मंच विकसित किया जा सकता है, जिसमें नागरिक परिप्रेक्ष्य से इसके विश्लेषण से नए विचार व दृष्टिकोण विकसित हो सकें। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि इन क्षेत्रोंमें विशेषज्ञता का लाभ उठाकर वायुसेना मुख्यालय के नागरिक सेवा अधिकारी रक्षाक्षेत्र में अधिक सार्थक योगदान दे सकेंगे।
राजनाथ सिंह ने रक्षाक्षेत्र की व्यापक समझ विकसित करके, संयुक्त वातावरण में प्रभावी ढंग से कार्य करके और उभरती चुनौतियों का सामना करने केलिए अपनी विशेषज्ञता को निरंतर बढ़ाकर भारत की रक्षा प्रबंधन संरचना के रणनीतिक केंद्र के रूपमें विकसित होने केलिए सशस्त्र बल मुख्यालय को आह्वान किया। राजनाथ सिंह ने सशस्त्र सेना मुख्यालय से आह्वान कियाकि वह भारत की रक्षा प्रबंधन संरचना के रणनीतिक केंद्र के रूपमें विकसित हों। इसके लिए उन्होंने रक्षा क्षेत्र की गहन समझ विकसित किए जाने, संयुक्त वातावरण में दक्षता से कार्य करने और उभरती चुनौतियों का सामना करने केलिए अपनी विशेषज्ञता को निरंतर बढ़ाए जाने पर बल दिया। उन्होंने बदलते समय केसाथ तालमेल बिठाते हुए कहाकि आधुनिक युद्ध के तकनीकी गतिशीलता से प्रेरित होने के समय में इस कैडर को सेवा नियमों, विनियमों और आदेशों के उचित कार्यांवयन के अपने विशिष्ट दायित्व से आगे बढ़कर कार्य करना होगा। रक्षामंत्री ने कहाकि सेना को अपनी शक्ति केवल हथियारों और गोला-बारूद से ही नहीं मिलती, बल्कि उन हजारों अदृश्य हाथों से भी मिलती है, जो हमेशा उनका समर्थन करते हैं। सशस्त्र सेना मुख्यालय सिविलियन सेवा इन्हीं अदृश्य लेकिन निर्णायक शक्तियों में से एक है।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने संयुक्त सचिव एवं मुख्य प्रशासनिक अधिकारी कार्यालय की कई डिजिटल पहलों और संशोधित विजन एवं मिशन वक्तव्य का शुभारंभ किया। इन पहलों में इंटरनेट आधारित आवास प्रबंधन प्रणाली rakshaawas.caomod.gov.in पोर्टल, दावों के प्रसंस्करण केलिए ईएचआरएमएस का टीयूएलआईपी 2.0 प्रणाली केसाथ एकीकरण, वेतन एवं भत्तों के प्रसंस्करण केलिए सीएओ कार्यालय का टीयूएलआईपी 2.0 केसाथ एकीकरण और स्मार्ट परफॉर्मेंस अप्रेजल रिपोर्ट रिकॉर्डिंग ऑनलाइन विंडो पोर्टल पर ऑनबोर्डिंग प्रमुख हैं। रक्षामंत्री ने 'संवाद' पत्रिका का 34वां अंक भी जारी किया, जिसमें सेवा मुख्यालयों और अंतर सेवा संगठनों में तैनात विभिन्न रैंकों के कर्मचारियों के लिखित यात्रा वृत्तांत, निबंध, लेख और कविताएं शामिल हैं। उन्होंने खेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियों केलिए एएफएचक्यू कर्मियों को पुरस्कार प्रदान किए और शिक्षा के क्षेत्रमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करनेवाले कर्मचारियों के बच्चों को भी सम्मानित किया।
गौरतलब हैकि रक्षा मंत्रालय के तीन एकीकृत सेवा मुख्यालयों, एकीकृत रक्षा स्टाफ मुख्यालय और 24 अंतर-सेवा संगठनों में सेवा कर्मियों केसाथ मिलकर काम करने वाले कर्मियों को सम्मानित करने केलिए प्रतिवर्ष अगस्त के पहले दिन सशत्र सेना मुख्यालय सिविलियन सेवा दिवस मनाया जाता है। सशस्त्र सेना मुख्यालय कैडर की स्थापना 1 अगस्त 1942 को हुई थी। उस समय विकेंद्रीकृत नागरिक पदों और कैडर संचालन को मुख्य प्रशासनिक अधिकारी की देखरेख में विभिन्न सेवा मुख्यालयों और रक्षा तथा वित्त मंत्रालय (रक्षा) के सचिवालय केतहत अलग-अलग इकाइयों के रूपमें संगठित किया गया था। समारोह में रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल एनएस राजा सुब्रमणि, नौसेना प्रमुख एडमिरल कृष्णा स्वामीनाथन, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह, सचिव (रक्षा उत्पादन) संजीव कुमार, सचिव (रक्षा वित्त) विश्वजीत सहाय, वायुसेना के वाइस चीफ एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, अपर सचिव मनीष त्रिपाठी, संयुक्त सचिव व सीएओ अमिताभ प्रसाद और वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।