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'भारत और उज्बेकिस्तान में अटूट मित्रता'

लोकसभा अध्यक्ष से मिले उज़्बेकिस्तान के विदेश मंत्री

संसदीय सहयोग के विस्तार और कई मुद्दों पर चर्चा

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 4 August 2026 06:48:01 PM

lok sabha speaker and uzbekistan's foreign minister

नई दिल्ली। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा हैकि भारत और उज्बेकिस्तान सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों से बंधे हुए हैं और ये संबंध उनकी अटूट मित्रता का मजबूत आधार हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त कियाकि बढ़ते राजनीतिक विश्वास, बढ़ते व्यापार और निवेश तथा जन-जन केबीच आदान-प्रदान में वृद्धि से आने वाले वर्षों में द्विपक्षीय साझेदारी और मजबूत होगी। ओम बिरला ने ये बातें संसद भवन में उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव से मुलाकात के दौरान कहीं। दोनों नेताओं ने भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों पर व्यापक चर्चा की, जिसमें संसदीय सहयोग, व्यापार और निवेश, शिक्षा, संस्कृति और पारस्परिक क्षेत्रीय और वैश्विक महत्व के मुद्दों पर विशेष बल दिया गया।
ओम बिरला ने विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव केसाथ भारत की लोकतांत्रिक परंपराओं की चर्चा करते हुए कहाकि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूपमें भारत में एक जीवंत संसदीय प्रणाली है, जो यहां के लोगों की आकांक्षाओं और विविधता को प्रभावी ढंग से प्रतिबिंबित करती है। उन्होंने कहाकि 543 सदस्यीय लोकसभा देशभर के लाखों नागरिकों का प्रतिनिधित्व करती है और भारत की बहुदलीय व्यवस्था विभिन्न दृष्टिकोणों और रचनात्मक बहस केलिए समान अवसर प्रदान करती है। ओम बिरला ने संसद के कामकाज का उल्‍लेख करते हुए विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव को बतायाकि संसद की बैठक प्रतिवर्ष तीन सत्रों में होती है और इस मानसून सत्र में राष्ट्रीय महत्व के कई मुद्दों पर गहन विचार विमर्श हो रहा है। ओम बिरला ने अवसंरचना विकास, डिजिटल नवाचार, प्रौद्योगिकी, कनेक्टिविटी, निवेश और व्यापार में भारत की महत्वपूर्ण उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि भारत के युवा वैश्विक स्तर पर नेतृत्व की भूमिकाएं तेजी से निभा रहे हैं और प्रमुख विश्वविद्यालयों एवं अंतर्राष्ट्रीय संस्थानों केसाथ सहयोग का विस्तार जारी है।
भारत-उज़्बेकिस्तान संसदीय मैत्री समूह का गठन मार्च 2026 में हुआ था, जिसका उल्‍लेख करते हुए ओम बिरला ने विश्वास व्यक्त कियाकि यह पहल विधायी कार्यकलापों को नई गति प्रदान करेगी और आर्थिक, शैक्षिक, सांस्कृतिक तथा दोनों देशों के लोगों केबीच परस्‍पर संबंधों को और गहरा करेगी। ओम बिरला ने अप्रैल 2025 में ताशकंद में अंतर-संसदीय संघ की 150वीं सभा में अपनी सहभागिता को याद करते हुए उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शावकत मिर्ज़ियोयेव, सीनेट की अध्यक्ष तंज़िला नरबायेवा और विधायी कक्ष के अध्यक्ष नुरिद्दीन इस्माइलोव केसाथ हुई मुलाकातों का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि इन उच्चस्तरीय यात्राओं ने संसदीय सहयोग की नींव मजबूत की है। द्विपक्षीय संबंधों की प्रगति पर संतोष व्यक्त करते हुए ओम बिरला ने विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव कहा और आशा व्यक्त कीकि उनकी यह भारत यात्रा दोनों देशों केबीच व्यापक साझेदारी को और मजबूत करेगी। बख्तियार सैदोव ने भारत केसाथ बहुआयामी साझेदारी को और मजबूत करने केप्रति उज्बेकिस्तान की दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराया और कहाकि ताशकंद राजनीतिक, आर्थिक और संसदीय सहयोग के विस्तार को अत्यधिक महत्व देता है।
उज्बेकिस्तान के विदेश मंत्री बख्तियार सैदोव ने भारत की सशक्त लोकतांत्रिक परंपराओं की सराहना करते हुए कहाकि विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के विधायी अनुभव से उज्बेकिस्तान को अत्‍यधिक लाभ होगा। बख्तियार सैदोव ने कहाकि संसदीय सहभागिता में वृद्धि व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी। उन्होंने व्यापार, निवेश, संयुक्त परियोजनाओं और उभरते सेक्‍टरों में सहयोग बढ़ाने केलिए एक साझा विज़न का आह्वान किया। इस अवसर पर बख्तियार सैदोव ने ओम बिरला को एक विशेष स्मारक प्रकाशन भेंट किया, जिसमें उज्बेकिस्तान में आयोजित अंतर-संसदीय संघ की 150वीं सभा का विस्तृत विवरण दिया गया है।

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