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अगले तीन वर्ष में देश के हर शहर में 'भारत टैक्सी'

भारत टैक्सी के चालक ड्राइवर नहीं, सम्मान से सारथी कहलाएंगे-शाह

देश की पहली सहकारी क्षेत्र की टैक्सी सर्विस के सारथियों से संवाद

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Monday 23 February 2026 04:52:41 PM

amit shah interacted with bharat taxi charioteer

नई दिल्ली। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज नई दिल्ली में देश की पहली सहकारी क्षेत्र की टैक्सी सर्विस भारत टैक्सी के सारथियों से संवाद किया। सहकारिता मंत्री ने कहाकि सारथियों को अपने आपको कभी ड्राइवर नहीं कहना चाहिए, बल्कि गर्व केसाथ स्वयं को सारथी कहना चाहिए। उन्होंने कहाकि सम्मान केसाथ इस भाव को सारथियों के मन में लाना ही भारत टैक्सी की जिम्मेदारी है, भारत टैक्सी सुधार की सभी संभावनाओं को तलाशेगी और आगे बढ़ने पर हर समस्या का समाधान भी हो जाएगा। अमित शाह ने कहाकि जो श्रम कर रहा है, उसेही मुनाफा मिलना चाहिए, हमारा उद्देश्य टैक्सी के मालिक को धनी बनाना है और सारथी ही मालिक हैं। अमित शाह ने कहाकि सारथी भारत टैक्सी के मालिक हैं और मुनाफे में भी उनका हिस्सा होगा। सहकारिता मंत्री ने कहाकि अगले तीन वर्ष में देश के प्रत्येक म्युनिसिपल कॉरपोरेशन में ‘भारत टैक्सी’ होगी।
सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी को देश की पांच बड़ी कोऑपरेटिव्स को मिलाकर खड़ा किया है, अब जैसे-जैसे सारथियों की संख्या बढ़ती जाएगी और जोभी सारथी इसमें पार्टनर बनना चाहेगा उसे 500 रूपए के शेयर लेने पर मालिकाना हक मिल जाएगा। अमित शाह ने कहाकि जब भारत टैक्सी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स का चुनाव होगा, तब इसमें कुछ स्थान सारथियों केलिए भी आरक्षित रखे जाएंगे, जब सारथी बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में आ जाएंगे, तब वे स्वयं सारथियों के सभी हितों की रक्षा और चिंता करेंगे। सहकारिता मंत्री ने कहाकि भारत टैक्सी का उद्देश्य किसी निजी कंपनी की तरह बड़ा मुनाफा कमाना नहीं है। उन्होंने कहाकि भारत टैक्सी का उद्देश्य हमारे सारथी भाइयों को मजबूत करना है, भारत टैक्सी के शेयर सारथियों के पास हैं और मालिक भी सारथी ही हैं, इसीलिए भारत टैक्सी की नीतियां भी सारथी ही बनाएंगे।
अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी सारथियों की अपनी कंपनी है और इसमें सहकार करना ही हमारा सिद्धांत होना चाहिए, भारत टैक्सी सारथियों की क्षमता का दोहन करेगी न कि उनका शोषण करेगी। अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी की कुल कमाई में से बीस प्रतिशत भारत टैक्सी के अकाउंट में सारथियों की पूंजी के रूपमें जमा हो जाएगा और अस्सी प्रतिशत पैसा टैक्सी कितने किलोमीटर चली है, उसके अनुसार वापस सारथियों के खाते में जाएगा। अमित शाह ने कहाकि शुरूआती 3 साल भारत टैक्सी के विस्तार में जाएंगे और उसके बाद जितना भी मुनाफा होगा, उसका बीस प्रतिशत भारत टैक्सी में रहेगा और अस्सी प्रतिशत सारथी भाइयों को वापस दे दिया जाएगा। अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी की शुरूआत एक कोऑपरेटिव आंदोलन है, इसके तहत भारत टैक्सी सारथियों की टैक्सी को मॉर्गेज करेगी और भारत टैक्सी ही उन्हें कोऑपरेटिव बैंक से कर्ज दिलाएगी। अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी में कुछभी छिपा नहीं होगा, सारथियों को हर जानकारी नोटिफिकेशन से उपलब्ध कराकर भारत टैक्सी दुनिया की सबसे पारदर्शी कैब सर्विस बनेगी।
भारत टैक्सी में सारथियों की मिनिमम वायबिलिटी पर किलोमीटर की दर की एक बेस लाइन बनाकर काम होगा, उन्होंने कहाकि भारत टैक्सी में ऑटो के मूल्य, पेट्रोल की खपत और मिनिमम मुनाफे को मिलाकर एक बेस रेट होगा, इससे नीचे यह ऑपरेट नहीं करेगी। अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी में सारथी दीदी की कल्पना की गई है, यह सुविधा, महिला सारथियों को स्वावलंबी बनाएगी और महिला यात्रियों व सारथियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेगी। उन्होंने कहाकि आनेवाले दिनों में भारत टैक्सी ऐप में सारथी दीदी के नाम से प्रावधान किए जाएंगेकि जबभी अकेली महिला यात्री होगी तो वह स्वाभाविक रूपसे सारथी दीदी को प्राथमिकता देगी। अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी की वेबसाइट पर सारथियों की तकलीफों केलिए एक विंडो खोली जाएगी, जिसपर मोबाइल नंबर से लॉगइन कर वे अपनी सारी समस्याएं बता सकेंगे और उनके आधार पर हम नीति को संशोधित कर सकेंगे। उन्होंने कहाकि जिस प्रकार भारत टैक्सी सारथियों की समस्याओं का निवारण करेगी, उसी प्रकार बाकी टैक्सी कंपनियों कोभी यह करना पड़ेगा।
अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी का लक्ष्य ग्राहक को खुश करने केसाथ सारथी काभी कल्याण करना होना चाहिए। अमित शाह ने यहभी कहाकि समाज में सारथी को देखने का नजरिया किस प्रकार बदले, यह सारथियों की भी ज़िम्मेदारी होनी चाहिए। अमित शाह ने कहाकि टैक्सी क्षेत्रमें जो समस्याएं हैं, उनका निवारण एक पद्धति विकसित करने से ही आ सकता है। उन्होंने कहाकि अभी जो कंपनियां अस्तित्व में हैं, उनका उद्देश्य सारथियों का कल्याण नहीं है। अमित शाह ने कहाकि भारत टैक्सी का उद्देश्य सारथियों का कल्याण भी है और ग्राहक केसाथ अच्छा व्यवहार करना भी है। उन्होंने कहाकि सारथियों केसाथ संवाद और उनकी तकलीफें सुनने का भारत टैक्सी का कार्यक्रम निरंतर चलता रहेगा और सारथियों केसाथ ऑनलाइन, फिजिकल और कॉल सेंटर से संवाद जारी होगा।

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