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ई-कॉमर्स पर जनजातीय उत्पादों को बढ़ावा

ऑर्डर प्रोसेसिंग एवं लॉजिस्टिक्स प्रबंधन और सुगम होगा

भारतीय डाक विभाग और ट्राइफेड ने किया समझौता

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Thursday 26 March 2026 12:38:17 PM

the department of posts and trifed have signed an agreement

नई दिल्ली। भारतीय डाक विभाग ने आदिवासी कारीगरों को सशक्त बनाने और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के एक कदम के रूपमें जनजातीय कार्य मंत्रालय के अधीन ट्राइबल कोऑपरेटिव मार्केटिंग डेवलपमेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (ट्राइफेड) केसाथ एक समझौता किया है। अपनी विशाल देशव्यापी नेटवर्क और अंतिम मील कनेक्टिविटी का लाभ उठाते हुए डाक विभाग आदिवासी उत्पादों की ग्राहकों तक निर्बाध उठान, पारगमन और डिलीवरी सुनिश्चित करेगा। यह साझेदारी ट्राइफेड के ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ट्राइब्स इंडिया ई-मार्केटप्लेस के माध्यम से बिकने वाले उत्पादों की डिलीवरी का समर्थन करने केलिए एक मजबूत, विश्वसनीय और लागत प्रभावी लॉजिस्टिक्स ढांचा स्थापित करने का उद्देश्य रखती है। एमओयू केतहत डाक विभाग ट्राइफेड के ऑनलाइन चैनलों पर ई-कॉमर्स ऑर्डरों केलिए एंड-टू-एंड लॉजिस्टिक्स समाधान प्रदान करेगा।
ट्राइफेड और डाक विभाग में यह सहयोग आदिवासी कारीगरों एवं उद्यमियों की बाजार पहुंच को मजबूत करने केलिए डिज़ाइन किया गया है, इसमें कुशल ऑर्डर पूर्ति को सक्षम बनाना और ग्राहक अनुभव को शामिल करना प्रमुख है। डाक विभाग ट्राइफेड के डिजिटल प्लेटफॉर्म केसाथ एपीआई एकीकरण, शिपमेंट ट्रैकिंग, नियमित एमआईएस रिपोर्टिंग भी प्रदान करेगा, ताकि ऑर्डर प्रोसेसिंग और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन सुगम हो सके। इसमें स्पीड पोस्ट से शिपमेंट्स केलिए स्ट्रीमलाइन बुकिंग और भुगतान प्रक्रियाओं को सक्षम बनाने हेतु ट्राइफेड केलिए नेशनल अकाउंट फैसिलिटी केतहत बुक नाउ पे लेटर (बीएनपीएल) खाता बनाया जाएगा। ट्राइफेड अपने भाग से कुशल लॉजिस्टिक्स संचालन को सुगम बनाने केलिए उचित पैकेजिंग, लेबलिंग और ऑर्डर संबंधित जानकारी साझा करना सुनिश्चित करेगा। यह पहल देशभर में कई क्षेत्रीय कार्यालयों से उठान को कवर करेगी, जिससे व्यापक भौगोलिक कवरेज और परिचालन दक्षता सुनिश्चित होगी।
यह साझेदारी आदिवासी आजीविका को डिजिटल अर्थव्यवस्था में एकीकृत करके उन्हें बढ़ावा देने की भारत सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। आदिवासी ई-कॉमर्स केलिए लॉजिस्टिक्स समर्थन को मजबूत करके यह पहल आदिवासी समुदायों केलिए आय के अवसरों को बढ़ाने, प्रामाणिक आदिवासी उत्पादों की पहुंच का विस्तार करने और समावेशी आर्थिक विकास में योगदान देने की उम्मीद है। ट्राइफेड और डाक विभाग केबीच यह एमओयू प्रारंभिक रूपसे दो वर्ष केलिए वैध होगा, जिसमें पारस्परिक सहमति के आधार पर आवधिक समीक्षा और विस्तार के भी प्रावधान हैं।

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