'सफलता उपलब्धियों से नहीं, बल्कि नैतिक मूल्यों से परिभाषित'
दीक्षांत समारोह में स्नातकों को प्रेरक संबोधन और उपाधियां दींस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Sunday 29 March 2026 05:38:35 PM
रांची। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारतीय प्रबंधन संस्थान रांची के 15वें दीक्षांत समारोह में झारखंड के राज्यपाल के रूपमें अपने जुड़ाव को याद करते हुए कहाकि वे इस संस्थान की प्रगति को बड़ी दिलचस्पी से देखते आए हैं और इस दौरान आईआईएम रांची की प्रगति वास्तव में उल्लेखनीय है। उपराष्ट्रपति ने कहाकि तीन साल के अंतराल केबाद संस्थान का दौरा करना उनके लिए खुशी की बात है। उन्होंने सामाजिक रूपसे उत्तरदायी शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहाकि प्रबंधन शिक्षा को बोर्डरूम और बैलेंस शीट से परे जाना चाहिए एवं समाज केसाथ जुड़ना चाहिए, वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का समाधान करना चाहिए और समावेशी विकास में योगदान देना चाहिए।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि अकादमिक केस स्टडी विश्लेषणात्मक कौशल का परीक्षण करती हैं, जबकि जीवन में ऐसे निर्णय लेने पड़ते हैं, जो लोगों की आजीविका, विश्वास और व्यापक सामाजिक हित को प्रभावित करते हैं। उन्होंने छात्रों से आग्रह कियाकि वे सफलता को केवल उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उन मूल्यों और नैतिकता से परिभाषित करें, जिनका अनुसरण करते हुए उन्होंने उपलब्धियां हासिल की हैं। उपराष्ट्रपति ने कहाकि नैतिक नेतृत्व, ईमानदारी और विश्वास ही स्थायी संस्थानों की नींव हैं। उन्होंने छात्रों को शॉर्टकट की बजाय चरित्र और लाभ की बजाय उद्देश्य को चुनने केलिए प्रोत्साहित किया। उपराष्ट्रपति ने युवाओं से 2047 में विकसित भारत के राष्ट्रीय दृष्टिकोण में योगदान देने का आह्वान करते हुए उनसे वैश्विक स्तरपर सोचने, स्थानीय स्तरपर कार्य करने और यह सुनिश्चित करने का आग्रह कियाकि उनके कार्यों का प्रभाव जमीनी स्तरपर दिखे।
सीपी राधाकृष्णन ने स्नातकों, उनके अभिभावकों और शिक्षकों को बधाई देते हुए उन्हें सफलता, पूर्णता और उद्देश्यपूर्ण जीवन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने उनसे कहाकि वे हमेशा याद रखेंकि सफलता का सच्चा मापदंड इस बातमें नहीं हैकि कोई क्या अर्जित करता है, बल्कि इस बातमें हैकि कोई समाज को क्या देता है। उन्होंने देश के उपराष्ट्रपति का पदभार ग्रहण करने केबाद राज्य की अपनी इस पहली यात्रा में खूंटी जिले के उलिहातु गांव में महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा के जन्मस्थान पर जाकर उनको श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहाकि उलिहातु की दोबारा यात्रा करके वे अत्यंत भावुक हैं। वे उलिहातु गांव में भगवान बिरसा मुंडा के वंशजों से मिले। उपराष्ट्रपति ने रांची के भगवान बिरसा चौक पर भी भगवान बिरसा मुंडा को पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, केंद्रीय रक्षा राज्यमंत्री संजय सेठ, झारखंड सरकार में मंत्री सुदिव्य कुमार और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।