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उत्तराखंड में पीएचडीसीसीआई की एडवेंचर राइड

'नागरिक सड़क सुरक्षा को सुदृढ़कर जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार करें'

सड़क सुरक्षा जागरुकता पहल एक राष्ट्रीय आंदोलन है-हर्ष मल्होत्रा

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 10 April 2026 11:30:18 AM

phdcci's adventure ride in uttarakhand

देहरादून। केंद्र सरकार में सड़क परिवहन राजमार्ग एवं कॉर्पोरेट कार्य राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने कहा हैकि सड़क सुरक्षा जागरुकता पहल केवल अलग-थलग घटनाएं नहीं हैं, बल्कि देशभर में जिम्मेदार सड़क उपयोग की संस्कृति को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चलाए जा रहे एक व्यापक राष्ट्रीय आंदोलन का अभिन्न अंग है। हर्ष मल्होत्रा ने पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के उत्तराखंड एडवेंचर राइड के तीसरे संस्करण को झंडी दिखाकर सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ करने और जिम्मेदार ड्राइविंग व्यवहार को बढ़ावा देने केप्रति अपनी अटूट प्रतिबद्धता की पुष्टि की। हर्ष मल्होत्रा ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के मार्गदर्शन में भारत में सड़क अवसंरचना का विस्तार और आधुनिकीकरण में उल्लेखनीय प्रगति हुई है। उन्होंने यहभी कहाकि सुरक्षा सुनिश्चित करना अंततः नागरिकों की सामूहिक जिम्मेदारी और आचरण पर निर्भर करता है।
राज्यमंत्री हर्ष मल्होत्रा ने उत्तराखंड एडवेंचर राइड के आयोजन और विभिन्न हितधारकों को एकसाथ लाने केलिए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री की सराहना की। उन्होंने कहाकि यह पहल साहसिक पर्यटन को जन जागरुकता केसाथ प्रभावी ढंग से जोड़ती है, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों केबीच सड़क सुरक्षा के महत्वपूर्ण संदेश को व्यापक रूपसे पहुंचाया जा सकता है। हर्ष मल्होत्रा ने इस चुनौती की गंभीरता को रेखांकित करते हुए बतायाकि भारत में सड़क दुर्घटनाएं सार्वजनिक सुरक्षा केलिए एक गंभीर खतरा बनी हुई हैं, जिनमें प्रतिवर्ष लगभग 1.8 लाख मौतें होती हैं। उन्होंने बतायाकि इन दुर्घटनाओं में से लगभग 45 प्रतिशत दोपहिया वाहनों से संबंधित होती हैं, जो चालकों केलिए सुरक्षित और जिम्मेदार व्यवहार अपनाने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है। उन्होंने नागरिकों विशेष रूपसे युवाओं से सड़क सुरक्षा के राजदूत के रूपमें कार्य करने और उदाहरण प्रस्तुत करने का आग्रह किया।
भारत सरकार के सक्रिय और व्यापक दृष्टिकोण को दोहराते हुए हर्ष मल्होत्रा ने सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की 4ई रणनीति-इंजीनियरिंग, प्रवर्तन, शिक्षा और आपातकालीन देखभाल के बारेमें विस्तार से बताया, जो भारत के सड़क सुरक्षा ढांचे की आधारशिला है। उन्होंने सड़क इंजीनियरिंग में सुधार, दुर्घटना संभावित क्षेत्रों को सुधारने, मोटर वाहन संशोधन अधिनियम-2019 जैसे विधायी उपायों से प्रवर्तन को सुदृढ़ करने और देशव्यापी आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र को बढ़ाने में हुई महत्वपूर्ण प्रगति पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में दुर्घटना पीड़ितों को समय पर सहायता पहुंचाने केलिए पीएम राहत योजना और राहवीर योजना जैसी कई नागरिककेंद्रित पहलें शुरू की गई हैं। उन्होंने कहाकि मृत्यु दर को कम करने और दुर्घटना केबाद देखभाल प्रणालियों को मजबूत करने केलिए संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण समाज का निर्माण करना बहुत आवश्यक है। युवाओं की सहभागिता पर हर्ष मल्होत्रा ने कहाकि संवादात्मक सत्रों और जागरुकता कार्यक्रमों से युवाओं को जागरुक किया जा रहा है।
हर्ष मल्होत्रा ने कहाकि देश में सड़क अनुशासन की दीर्घकालिक संस्कृति को बढ़ावा देने केलिए कम उम्र से ही जिम्मेदार ड्राइविंग की आदतें विकसित करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने सभी सड़क उपयोगकर्ताओं से यातायात नियमों का सख्ती से पालन करने और हेलमेट के बिना वाहन चलाना, तेज गति से वाहन चलाना, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का उपयोग करना और कम उम्र में वाहन चलाना जैसे जोखिमभरे व्यवहारों से बचने का आग्रह किया। हर्ष मल्होत्रा ने टिप्पणी कीकि हेलमेट पहनना कोई विकल्प नहीं है, यह सुरक्षा का साधन है, गति शक्ति नहीं, जोखिम है, जीवन महत्वपूर्ण है सुरक्षा से बढ़कर कोई और जरूरी पुकार नहीं है। उन्होंने सड़क सुरक्षा परिणामों में सुधार लाने में एआई आधारित यातायात निगरानी प्रणालियों, इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम, स्वचालित प्रवर्तन तंत्र और फास्टैग सक्षम निर्बाध गतिशीलता के उपयोग का उल्लेख किया। उन्होंने कहाकि सार्थक और स्थायी परिणाम प्राप्त करने केलिए प्रौद्योगिकीय प्रगति केसाथ-साथ जिम्मेदार मानवीय व्यवहार भी आवश्यक है।
पीएचडीसीसीआई के एडवेंचर राइड कार्यक्रम में सशस्त्र बलों, सरकारी मंत्रालयों, कंपनियों और मोटरसाइकिल समुदाय का प्रतिनिधित्व करने वाले 40 सवारों ने भाग लिया। हर्ष मल्होत्रा ने इनके समर्पण की सराहना करते हुए कहाकि इस तरह की बहुहितधारक भागीदारी सुरक्षित सड़कों के निर्माण की दिशामें एक एकीकृत राष्ट्रीय प्रयास को दर्शाती है। हर्ष मल्होत्रा ने सभी से यातायात नियमों का पालन करने, जिम्मेदारी से वाहन चलाने और अपने समुदायों में जागरुकता फैलाने का सामूहिक संकल्प लेने का आह्वान किया। उन्होंने दोहरायाकि सड़क सुरक्षा एक साझा जिम्मेदारी है, जिसके लिए सरकार, संस्थानों और नागरिकों के निरंतर एवं सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता है।

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