मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने मीडिया में दी जानकारी
उत्तर प्रदेश में 7 से 21 मई के बीच वैकल्पिक स्व-गणना का कार्य शुरूस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 2 May 2026 06:21:39 PM
लखनऊ। भारत के कई राज्यों में ‘जनगणना 2027’ स्वगणना केसाथ शुरू हो चुकी है और आज जनगणना कार्य निदेशालय उत्तर प्रदेश की निदेशक और मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने लखनऊ में ‘जनगणना 2027’ की तैयारियों एवं प्रक्रियाओं की मीडिया में जानकारियां साझा की। शीतल वर्मा ने कहाकि जनगणना का कार्य जनगणना अधिनियम-1948 और जनगणना नियमावली-1990 के प्रावधानों के अंतर्गत संपादित किया जाता है। उन्होंने कहाकि इन प्रावधानों के अनुसार जनगणना में संकलित समस्त व्यक्तिगत जानकारी पूर्णतः गोपनीय रखी जाती है तथा इसे किसी से भी साझा नहीं किया जाता है। उन्होंने कहाकि टैक्स, पुलिस विभाग आदि के जांच में भी इस जानकारी का उपयोग नहीं किया जा सकता है। मुख्य प्रधान जनगणना अधिकारी ने कहाकि इसका उपयोग किसीभी प्रकार के साक्ष्य के रूपमें नहीं किया जा सकता, इन आंकड़ों का उपयोग समेकित रूपसे केवल प्रदेश एवं देश के विकास की योजनाओं को बनाने हेतु किया जाता है। शीतल वर्मा ने कहाकि उत्तर प्रदेश में जनगणना 2027 का कार्य दो चरणों में सम्पन्न होगा, प्रथम चरण में मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 22 मई 2026 से 20 जून 2026 की अवधि में एवं द्वितीय चरण-जनसंख्या गणना का कार्य फरवरी 2027 में संपादित किया जाएगा।
जनगणना अधिकारी शीतल वर्मा ने कहाकि इससे पूर्व प्रदेश में 7 मई से 21 मई केबीच स्वगणना का कार्य होगा। उन्होंने कहाकि इसे एक अभियान बनाने केलिए जनगणना कार्य निदेशालय ने प्रत्येक दिन को एक विशेष दिवस के रूपमें चिन्हित किया है। उन्होंने कहाकि स्वगणना विकल्प के तहत व्यक्ति अपनी जानकारी ऑनलाइन (se.census.gov.in) स्वयं भर सकते हैं। शीतल वर्मा ने उल्लेख कियाकि जनगणना में भारत में निवासरत सभी व्यक्ति (नागरिक एवं गैर-नागरिक) की गणना की जाती है। उन्होंने कहाकि राज्य में इस कार्य हेतु लगभग 5.25 लाख अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिसमें 18 मंडल जनगणना अधिकारी (मंडलायुक्त), 75 प्रमुख जनगणना अधिकारी (जिलाधिकारी), 17 अपर प्रमुख जनगणना अधिकारी (नगर आयुक्त), 600 जिलास्तर के अधिकारी, 1195 चार्ज अधिकारी (तहसीलदार/ अधिशासी अधिकारी इत्यादि), 285 मास्टर ट्रेनर्स, 6939 फील्ड ट्रेनर्स तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों के अतिरिक्त लगभग 5 लाख प्रगणक या पर्यवेक्षक शामिल हैं। शीतल वर्मा ने कहाकि जनगणना-2027 का कार्य देश में पहलीबार डिजिटल रूपसे कराया जा रहा है, जिसमें स्व-गणना भी एक विकल्प है।
शीतल वर्मा ने कहाकि स्वगणना प्रक्रिया में जानकारी भरने के पश्चात SE ID जेनरेट होगा, जिसे 22 मई से 20 जून 2026 के दौरान जनगणना कार्य हेतु प्रगणक के घर आने पर SE ID को प्रगणक केसाथ साझा किया जाना होगा। शीतल वर्मा ने कहाकि प्रगणक के पुष्टि के उपरांत ही मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य पूर्ण होगा। शीतल वर्मा ने कहाकि स्वगणना अनिवार्य ना होकर ऐक्छिक है। प्रगणक 22 मई से 20 जून 2026 तक की अवधि में प्रत्येक घर जाकर जानकारी अवश्य दर्ज करेंगे। शीतल वर्मा ने कहाकि राज्य में जनगणना 2027 का कार्य 75 जिले, 783 नगरीय निकाय एवं 350 तहसीलों के अंतर्गत एक लाख चार हजार ग्रामों में संपादित कराया जाएगा। उन्होंने कहाकि जनगणना कार्य संपादित करने केलिए राज्य में 350 ग्रामीण चार्ज एवं 845 नगरीय चार्ज हैं। उन्होंने कहाकि इन चार्जों के अंतर्गत लगभग 390000 मकान सूचीकरण ब्लॉक बनाए गए हैं, इन मकानसूचीकरण ब्लॉकों में प्रगणकों के द्वारा घर-घर जाकर मकान सूचीकरण का कार्य संपादित किया जाएगा। उन्होंने मीडिया का जनगणना से संबंधित जानकारी जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहाकि प्रत्येक देशवासी का यह दायित्व हैकि वह जनगणना कर्मियों को सही-सही जानकारी साझा करें, जिससे सरकार जनकल्याण केलिए बेहतर नीतियों का निर्माण कर सके।