संघर्ष के दौर में भारत और इटली केबीच द्विपक्षीय संबंध निर्णायक
भारत और इटली केबीच कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समझौते हुएस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 21 May 2026 01:51:07 PM
रोम/ नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली गणराज्य की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की बड़ी गर्मजोशीभरी मुलाकात हुई। विश्व में संघर्ष के दौर केबीच भारत और इटली केबीच द्विपक्षीय संबंध एक निर्णायक चरण पर पहुंच गए हैं। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 19 और 20 मई 2026 को इटली की आधिकारिक यात्रा की। यह यात्रा जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन केलिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा और 2023 में जी20 शिखर सम्मेलन केलिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की भारत यात्रा केबाद हुई, जिसने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति प्रदान की। दोनों राजनेताओं ने भारत-इटली संबंधों को विशेष रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इटली आगमन पर प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने पारंपरिक रूपसे उनकी अगवानी की। नरेंद्र मोदी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने संयुक्तराष्ट्र को अधिक प्रतिनिधिक और वर्तमान वैश्विक वास्तविकताओं के अनुरूप बनाने केलिए उसमें तत्काल सुधार की आवश्यकता पर भी जोर दिया। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बहुपक्षवाद की रक्षा करने और नियम आधारित अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था केलिए संयुक्त राष्ट्र, जी20 सहित अन्य वैश्विक मंचों पर मिलकर काम करने के महत्व पर जोर दिया। अफ्रीका को दोनों देशों द्वारा दी जाने वाली रणनीतिक प्राथमिकता को स्वीकार करते हुए दोनों प्रधानमंत्रियों ने अफ्रीका में भारत की विकास साझेदारी और इटली की 'मैट्टेई योजना' के अनुरूप डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कनेक्टिविटी, बुनियादी ढांचे और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रोंमें अफ्रीकी भागीदारों केसाथ त्रिपक्षीय पहलों में मिलकर काम करने पर भी सहमति व्यक्त की। उन्होंने यूएनसीएलओएस अंतर्राष्ट्रीय कानून के अनुरूप एक स्वतंत्र, खुले, शांतिपूर्ण और समृद्ध भारत-प्रशांत क्षेत्र केप्रति अपनी साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की। उन्होंने भारत-प्रशांत महासागर पहल के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और शैक्षणिक सहयोग स्तंभ में निरंतर साझेदारी की उम्मीद जताई। दोनों राजनेताओं ने पश्चिम एशिया/ मध्य पूर्व की स्थिति और उसके क्षेत्र तथा विश्व पर पड़ने वाले प्रभावों पर गहरी चिंता व्यक्त की।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने 8 अप्रैल 2026 को घोषित युद्धविराम का स्वागत किया और पश्चिम एशिया/ मध्य पूर्व में स्थायी शांति केलिए तनाव कम करने, संवाद और कूटनीति के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए नौवहन की स्वतंत्रता और वैश्विक आपूर्ति के सामान्य प्रवाह को फिरसे शुरू करने का भी आह्वान किया। दोनों राजनेताओं ने यूक्रेन में जारी युद्ध पर भी चिंता व्यक्त की, जो लगातार अत्यधिक मानवीय पीड़ा और नकारात्मक वैश्विक परिणामों का कारण बना हुआ है। उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय कानून और संयुक्तराष्ट्र चार्टर के सिद्धांतों के अनुरूप संवाद और कूटनीति से यूक्रेन में व्यापक, न्यायपूर्ण और स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन जारी रखने पर सहमति जताई। दोनों राजनेताओं ने आतंकवाद के खतरे से निपटने केलिए अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए द्विपक्षीय और बहुपक्षीय स्तरों पर सहयोग जारी रखने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने नवंबर 2025 में अपनाई गई आतंकवाद के वित्तपोषण का मुकाबला करने की संयुक्त पहल के कार्यांवयन पर संतोष व्यक्त किया। दोनों राजनेताओं ने इटली में प्रवासी भारतीयों के बहुमूल्य योगदान को मान्यता प्रदान की और विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और शिक्षाविदों की आवाजाही को सुगम बनाने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने वर्ष 2027 को भारत और इटली केबीच संस्कृति और पर्यटन वर्ष के रूपमें मनाने पर सहमति व्यक्त की।
नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने गुजरात के लोथल में राष्ट्रीय समुद्री धरोहर परिसर के विकास और भारत से नर्सों की भर्ती पर सहयोग हेतु भारत और इटली केबीच हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापनों का स्वागत किया। इस अवसर पर भारत और इटली केबीच कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। नरेंद्र मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने ठोस परियोजनाओं के जरिए कनेक्टिविटी अवसंरचना के निर्माण की तीव्र इच्छा व्यक्त की और भारत-मध्य पूर्व-यूरोप आर्थिक गलियारे के कार्यांवयन केलिए अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। दोनों राजनेताओं ने पारस्परिक हित के वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों पर भी विचार विमर्श किया, जिनमें हिंद-प्रशांत क्षेत्रमें घटनाक्रम, भारत-यूरोपीय संघ संबंध और पश्चिम एशिया तथा यूरोप में चल रहे संघर्ष शामिल हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मौजूदा संघर्षों के शांतिपूर्ण समाधान केलिए संवाद और कूटनीति के महत्व पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने इटली की सरकार और जनता के हार्दिक आतिथ्य केलिए प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी को धन्यवाद दिया और उन्हें भारत आने का निमंत्रण भी दिया।