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भारत-वियतनाम के बीच रक्षा सहयोग गहराया

रक्षामंत्री राजनाथ सिंह और वियतनाम के रक्षामंत्री की द्विपक्षीय बैठक

पारस्परिक हित और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचार विमर्श किया

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Tuesday 19 May 2026 03:44:19 PM

india-vietnam defence cooperation deepens

हनोई। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने आज हनोई में वियतनाम के उप प्रधानमंत्री और रक्षामंत्री जनरल फान वान जियांग केसाथ द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों केबीच बढ़ती रक्षा साझेदारी की समीक्षा की और समुद्री सुरक्षा, रक्षा उद्योग, प्रशिक्षण एवं क्षेत्रीय स्थिरता में सहयोग को और गहरा करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों नेताओं ने पारस्परिक हित के क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और हिंद-प्रशांत क्षेत्रमें शांति, स्थिरता, सुरक्षा, संरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता बनाए रखने के महत्व पर बल दिया। उन्होंने सैन्य प्रशिक्षण, रक्षा उद्योग सहयोग, समुद्री सुरक्षा, क्षमता निर्माण, संयुक्त राष्ट्र शांतिरक्षा, साइबर सुरक्षा और उच्चस्तरीय आदान प्रदान सहित विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के अवसरों पर विमर्श किया। उन्होंने नियमित संवाद, संयुक्त अभ्यास और आदान प्रदान कार्यक्रमों से दोनों देशों के रक्षाबलों केबीच और ज्यादा सहयोग बढ़ाने पर भी सहमति व्यक्त की।
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने वियतनाम केसाथ भारत की उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने द्विपक्षीय रक्षा सहयोग के ढांचे के अंतर्गत वियतनाम के रक्षा आधुनिकीकरण और क्षमता संवर्धन पहलों का समर्थन करने के भारत के संकल्प को भी दोहराया। जनरल फान वान जियांग ने भारत के निरंतर समर्थन की सराहना की और दोनों देशों केबीच दीर्घकालिक मित्रता और बढ़ती रणनीतिक साझेदारी पर बल दिया। दोनों रक्षा मंत्रियों ने वियतनाम के वायुसेना अधिकारी महाविद्यालय में भाषा प्रयोगशाला का वर्चुअल रूपसे उद्घाटन किया, यह प्रयोगशाला भारतीय सहायता से स्थापित की गई है। रक्षामंत्री ने न्हा ट्रांग स्थित दूरसंचार विश्वविद्यालय में कृत्रिम बुद्धिमत्ता प्रयोगशाला की स्थापना की भी घोषणा की। भारत के मिलिट्री कॉलेज ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस इंजीनियरिंग और वियतनाम की टेली कम्युनिकेशंस यूनिवर्सिटी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी के क्षेत्रमें एक समझौता किया है, जो दोनों देशों केबीच उन्नत व्यापक रणनीतिक साझेदारी में एक और महत्वपूर्ण अध्याय को चिन्हित करता है।
राजनाथ सिंह ने वियतनाम के महासचिव और राष्ट्रपति तो लाम से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत के राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री की ओर से उन्हें हार्दिक शुभकामनाएं दीं और रक्षा सुरक्षा, व्यापार निवेश, समुद्री सहयोग, संपर्क, डिजिटल परिवर्तन और जन समुदाय सहित विभिन्न क्षेत्रोंमें द्विपक्षीय सहयोग को और गहरा करने केलिए भारत की प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों नेताओं ने साझा सभ्यतागत संबंधों, आपसी विश्वास और समान रणनीतिक हितों पर भारत और वियतनाम केबीच मजबूत और अटूट मित्रता की पुष्टि की। अपनी भारत यात्रा को याद करते हुए वियतनाम के राष्ट्रपति ने वियतनाम के विकास एवं रणनीतिक प्राथमिकताओं में भारत की बड़ी भूमिका को स्वीकार किया। उन्होंने दोनों देशों केबीच व्यापक साझेदारी के प्रमुख स्तंभ के रूपमें बढ़ते रक्षा सहयोग का स्वागत किया और विश्वास व्यक्त कियाकि आनेवाले वर्ष में द्विपक्षीय संबंध और मजबूत होंगे। राजनाथ सिंह ने वियतनाम के संस्थापक पिता और पूर्व राष्ट्रपति हो ची मिन्ह की 136वीं जयंती पर उनके मकबरे पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पितकर अपने कार्यक्रमों की शुरुआत की। राष्ट्रपति हो ची मिन्ह ने भारत-वियतनाम की मजबूत मित्रता की आधारशिला रखी थी।

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