ऑस्ट्रेलिया में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का गर्मजोशीभरा स्वागत!
आतंकवाद के सभी रूपों और हिंसक उग्रवाद की स्पष्ट निंदास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Thursday 9 July 2026 05:14:36 PM
मेलबर्न। भारत और ऑस्ट्रेलिया में सहयोग के शिखर समझौते हुए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के निमंत्रण पर तीसरे ऑस्ट्रेलिया-भारत वार्षिक शिखर सम्मेलन केलिए 8 से 10 जुलाई 2026 तक ऑस्ट्रेलिया दौरे पर हैं। यह शिखर सम्मेलन मेलबर्न नार्म में हो रहा है। ऑस्ट्रेलिया-भारत में घनिष्ठ मित्रता, ऐतिहासिक संबंधों, जन-जन केबीच संपर्कों, साझा रणनीतिक हितों और एकदूसरे केलिए आपसी सम्मान को याद करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने वैश्विक वातावरण में चुनौतियों का समाधान करने और परस्पर लाभकारी सहयोग के नए क्षेत्रों का पता लगाने की व्यापक रणनीतिक साझेदारी के विस्तार की पुष्टि की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गवर्नमेंट हाउस पहुंचने पर एंथनी अल्बनीज़ ने उनका गर्मजोशी से स्वागत और अभिवादन किया। पहले दोनों नेताओं ने बातचीत की, उसके बाद प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई। उन्होंने भारत ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के छह साल सफलतापूर्वक पूरे होने पर गर्व किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने द्विपक्षीय संबंधों के सभी क्षेत्रों में हुई अहम प्रगति की समीक्षा की और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में सहयोग को औरभी आगे बढ़ाने के तरीकों पर चर्चा की। इन क्षेत्रों में व्यापार और निवेश, रक्षा और सुरक्षा, महत्वपूर्ण खनिज, साइबर और उभरती प्रौद्योगिकियां, अंतरिक्ष, नागरिक परमाणु ऊर्जा, स्वच्छ ऊर्जा, शिक्षा और लोगों केबीच आपसी संबंध शामिल हैं। दोनों प्रधानमंत्रियों ने बढ़ती आर्थिक साझेदारी पर ध्यान दिया और एक महत्वाकांक्षी, संतुलित और दोनों केलिए फायदेमंद व्यापक आर्थिक सहयोग समझौते को जल्द से जल्द अंतिम रूप देने के अपने संकल्प को दोहराया। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया-भारत सीईओ फोरम के नतीजों और 'आर्थिक व्यापार रोडमैप' कार्यक्रम का स्वागत किया और दोनों देशों के व्यवसायों को प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में निवेश के नए मौकों को तलाशने केलिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने शिक्षा क्षेत्र में सहयोग के लगातार विस्तार पर जोर दिया और भारत में ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती मौजूदगी एवं भविष्य केलिए तैयार वर्कफोर्स बनाने, इनोवेशन को बढ़ावा देने, संबंधों को मजबूत करने में शैक्षिक साझेदारियों के योगदान पर संतोष व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने ऑस्ट्रेलिया में भारतीय समुदाय की अहम भूमिका और उनमें एक जीवंत सेतु के रूपमें काम करने की सराहना की। उन्होंने आपसी समझ को और गहरा करने वाले सांस्कृतिक आदान-प्रदान पर भी ध्यान दिया और ऑस्ट्रेलियाई संस्थानों केपास मौजूद अनेक सांस्कृतिक कलाकृतियों की भारत को स्वेच्छा से वापसी का स्वागत किया। तमिलनाडु मूल की ये कलाकृतियां हैं जिनमें पवित्र नंदी की पत्थर की मूर्ति, भद्रकाली की छवि वाला धातु का त्रिशूल और पत्थर से बनी छह सिरों वाली कार्तिकेय की मूर्ति प्रमुख है, जो भारत वापस लाई जाएंगी। दोनों प्रधानमंत्रियों ने कई तरह की इंडिया-ऑस्ट्रेलिया कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को और गहरा करने का अपना कमिटमेंट दोहराया। उन्होंने रीजनल और ग्लोबल डेवलपमेंट पर भी अपने विचार साझा किए और एक फ्री, ओपन और खुशहाल हिंद-प्रशांत का सपना दोहराया। ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ और नरेंद्र मोदी ने यह पुष्टि कीकि रक्षा और सुरक्षा सहयोग तेजीसे जटिल होते रणनीतिक वातावरण में साझेदारी की आधारशिला है।
भारत ऑस्ट्रेलिया प्रधानमंत्रियों ने रक्षा और सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणापत्र को आकार दिया, जो द्विपक्षीय रक्षा और सुरक्षा संबंधों की गहराई और महत्वाकांक्षा में एक कदम के बदलाव और क्षेत्रीय ताकत एवं सुरक्षा में योगदान को दर्शाता है। भारत और ऑस्ट्रेलिया ने समुद्री सुरक्षा, असैनिक नाभिकीय ऊर्जा, कौशल विकास, नई प्रौद्योगिकी, विज्ञान और प्रौद्योगिकी और फिल्म निर्माण के क्षेत्रमें समझौते को अंतिम रूप दिया। उन्होंने रक्षा और सुरक्षा, ऊर्जा सुरक्षा, शिक्षा, सांस्कृतिक विरासतों की वापसी, सौर ऊर्जा, पारंपरिक ज्ञान और शिक्षा के क्षेत्रमें द्विपक्षीय दस्तावेज़ पर भी हस्ताक्षर किए। दोनों ने आतंकवाद और आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों केलिए अनुकूल हिंसक उग्रवाद की स्पष्ट रूपसे निंदा की। उन्होंने व्यापक और निरंतर आतंकवाद के खतरे का मुकाबला करने वाले सभी देशों के आपस में सहयोग पर जोर दिया और संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद 1267 प्रतिबंध समिति द्वारा सूचीबद्ध आतंकवादियों, उनके प्रॉक्सी, सहयोगियों, प्रायोजकों और फाइनेंसरों सहित विश्वस्तर पर प्रतिबंधित आतंकवादियों और आतंकवादी संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई का आह्वान किया।
नरेंद्र मोदी एवं एंथनी अल्बनीज़ ने आतंकवाद से निपटने की चुनौतियों का प्रभावी ढंग से मुकाबला करने की आवश्यकता को स्वीकार किया। उन्होंने आतंकवादी खतरों पर सूचना साझा करने, ऑनलाइन कट्टरपंथ, आतंकवाद और हिंसक उग्रवाद एवं आतंकवादी उद्देश्यों केलिए नई और उभरती प्रौद्योगिकी के उपयोग का मुकाबला करने, आतंकवाद के वित्तपोषण, महत्वपूर्ण इन्फ्रास्ट्रक्चर और समुद्री क्षेत्र के खतरों सहित कट्टरपंथ का मुकाबला करने केलिए सहयोग बढ़ाने के अवसरों का पता लगाने की प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने पहलगाम और बोंडी बीच पर किए गए भयानक आतंकवादी हमलों की घोर निंदा दोहराई। उन्होंने कहाकि आम लोग इनके गठजोड़ के शिकार हैं। उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के जीवंत, बहुसांस्कृतिक समाज में भारतीय ऑस्ट्रेलियाई समुदाय की महत्वपूर्ण भूमिका को महत्व दिया और सेंटर फॉर ऑस्ट्रेलिया-इंडिया रिलेशंस के मैत्री अनुदान केलिए 10 मिलियन डॉलर की घोषणा का स्वागत किया। उन्होंने विशेष रूपसे ऑस्ट्रेलियाई संसद में पार्लियामेंट्री फ्रेंड्स ऑफ इंडिया ग्रुप के समान, भारत की लोकसभा में ऑस्ट्रेलिया केसाथ एक संसदीय मैत्री समूह की स्थापना की भी सराहना की। उन्होंने इस बात पर सहमति व्यक्त कीकि संसद सहित लोकतांत्रिक संस्थानों में सहयोग जारी रहना चाहिए।