भोपाल में हुई छायाचित्र प्रदर्शनी और स्लोगन लेखन प्रतियोगिताएं
गौरैया के अनुकूल वातावरण और जीवन संरक्षण का आह्वानस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 20 March 2026 05:40:55 PM
भोपाल/ नई दिल्ली। विश्व गौरैया दिवस पर आज राजधानी दिल्ली सहित देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए गए, जिनमें गौरैया के अनुकूल वातावरण निर्मित करने एवं उनके जीवन संरक्षण का आह्वान किया गया। गौरतलब हैकि गौरैया प्रत्येक घर आंगन स्थान की शोभा और परिवार के सदस्य की मान्यता है। राष्ट्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय नई दिल्ली के क्षेत्रीय प्राकृतिक विज्ञान संग्रहालय भोपाल, भोपाल बर्ड्स कंजर्वेशन सोसाइटी, मध्यप्रदेश राज्य जैवविविधता बोर्ड एवं व्हीएनएस नेचर सेवियर के संयुक्त तत्वावधान में जनसामान्य को गौरैया संरक्षण केप्रति जागरुक किया गया। नेशनल सेंटर फॉर ह्यूमन सेटलमेंट्स एंड एनवायरमेंट (एनसीएचएसई) के महानिदेशक डॉ प्रदीप नंदी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि थे।
‘घरेलू गौरैया का जीवन’ विषय पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का डॉ प्रदीप नंदी ने उद्घाटन किया। प्रदर्शनी में देशभर के 24 फोटोग्राफरों से प्राप्त 36 छायाचित्र प्रदर्शित किए गए, जिनमें गौरैया के जीवन के विभिन्न पहलुओं जैसे बच्चों की देखभाल, नीड़ निर्माण, भोजन की तलाश, प्रजनन एवं संरक्षण प्रयासों को दर्शाया गया है। विश्व गौरैया दिवस पर स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में अर्चित बनवडीकर ने प्रथम, प्रीति अत्रे ने द्वितीय एवं अनामिका मिश्रा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। दीपक यादव एवं सुशील कुमार चौरे को प्रोत्साहन पुरस्कार प्रदान किए गए।
गौरैया दिवस कार्यक्रम में डॉ संगीता राजगीर ने गौरैया संरक्षण विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने कहाकि तीव्र शहरीकरण एवं पक्के मकानों के निर्माण के कारण गौरैया के प्राकृतिक आवास तेजीसे समाप्त हो रहे हैं, जिससे उनके लिए घोंसला बनाना एवं प्रजनन करना कठिन होता जा रहा है। उन्होंने जनसामान्य से अपने घर में गौरैया के अनुकूल वातावरण विकसित करने एवं उनके संरक्षण में सहयोग करने का आह्वान किया। वक्ताओं ने इस अवसर पर गौरैया और उसके जनसामान्य में घुलने मिलने केबारे में विचार व्यक्त किए। देशभर में हुए गौरैया दिवस कार्यक्रम में एक ही अपील की गईकि गौरैया को अपने यहां उपयुक्त वातावरण दें और उसका संरक्षण करें।