कृषि शिक्षा को तकनीकी प्रशिक्षण और उद्योग उन्मुख बनाएं-कृषि मंत्री
कृषि मंत्री ने पोर्टल के जरिए कृषि विद्यार्थियों को जारी की स्कॉलरशिपस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 11 August 2026 12:51:17 PM
पूसा (नई दिल्ली)। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आईसीएआर-आईएआरआई पूसा दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल के जरिए देशभर के कृषि विद्यार्थियों की स्कॉलरशिप धनराशि जारी की। इस पहल केतहत 6000 से अधिक विद्यार्थियों को कुल 21.35 करोड़ रुपए की धनराशि सीधे डीबीटी के माध्यम से दी गई। कृषि मंत्री ने कहाकि स्कॉलरशिप केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि कृषि शिक्षा को अधिक सशक्त, व्यावहारिक और अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहाकि अब डीबीटी व्यवस्था से विद्यार्थियों को समय पर स्कॉलरशिप मिलेगी और स्कॉलरशिप मिलने की पारंपरिक देरी की समस्या खत्म होगी।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए कहाकि कृषि शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग बेहद जरूरी है, क्योंकि केवल कक्षा आधारित पढ़ाई से अच्छे किसान, वैज्ञानिक या कृषि उद्यमी नहीं बन सकते। उन्होंने छात्रों से सुझावों और सुधारात्मक विचारों को साझा करने की अपील भी की। कृषि मंत्री ने कहाकि सरकार कृषि क्षेत्रमें फूड सिक्योरिटी, न्यूट्रिशन और किसान आय सुरक्षा को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने आईसीएआर के वैज्ञानिकों के योगदान की सराहना करते हुए कहाकि उनके शोध और किसानों के परिश्रम से देश के अन्न भंडार मजबूत हुए हैं। उन्होंने युवाओं को करियर केसाथ-साथ बड़े लक्ष्य तय करने और देश केलिए कुछ सार्थक करने की प्रेरणा दी। कृषि मंत्री ने कृषि विद्यार्थियों से कहाकि वे केवल रोज़गार तक सीमित न रहें, बल्कि नवाचार, स्टार्टअप और अनुसंधान में भी अग्रणी भूमिका निभाएं। शिवराज सिंह ने कहाकि एनएसपी-डीबीटी प्रणाली से अब स्कॉलरशिप वितरण अधिक पारदर्शी, तेज और निर्बाध होगी, इससे विद्यार्थियों को समय पर वित्तीय सहायता मिलेगी और शिक्षा पर उनका ध्यान अधिक केंद्रित रहेगा।
कृषि मंत्री शिवराज सिंह ने इस बात पर जोर दियाकि कृषि शिक्षा को तकनीक, प्रशिक्षण और उद्योग उन्मुखता केसाथ जोड़कर भविष्य की चुनौतियों का बेहतर समाधान निकालें। शिवराज सिंह चौहान ने हरियाली अमावस्या पर देशभर के आईसीएआर संस्थानों में कृषि विद्यार्थियों से पौधारोपण करने की भी अपील की। उन्होंने कहाकि हरित पहलें कृषि और पर्यावरण दोनों केलिए सामूहिक जिम्मेदारी का हिस्सा हैं। इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी, आईसीएआर के डीजी डॉ एमएल जाट, आईसीएआर के सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, डीडीजी डॉ यशपाल सिंह मलिक, आईएआरआई के निदेशक डॉ सी श्रीनिवास राव, वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और छात्र बड़ी संख्या में उपस्थित थे।