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पंजाब में नशा गंभीर समस्या व चुनौती-राज्यपाल

छत्तीसगढ़ का मीडिया प्रतिनिधिमंडल पंजाब के राज्यपाल से मिला

पत्र सूचना कार्यालय रायपुर की ओर से मीडिया अध्ययन यात्रा

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 27 March 2026 01:12:03 PM

chhattisgarh media delegation meets punjab governor

चंडीगढ़। छत्तीसगढ़ के 14 सदस्यीय मीडिया प्रतिनिधिमंडल ने पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से भेंट की। पत्र सूचना कार्यालय रायपुर की अंतर्राज्यीय अध्ययन यात्रा के अंतर्गत यह प्रतिनिधिमंडल पंजाब प्रवास पर है। राज्यपाल ने पत्रकारों से संवाद करते हुए राज्य में नशामुक्ति अभियान, सीमापार तस्करी की चुनौतियों और पंजाब सरकार के प्रयासों की जानकारी दी। राज्यपाल ने पत्रकारों से बस्तर क्षेत्रकी नक्सल प्रभावित स्थिति के बारेमें भी विशेष रुचि लेकर उनसे जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नक्सल प्रभावित क्षेत्रोंमें सामाजिक परिस्थितियों, विकास कार्यों तथा सुरक्षा व्यवस्था की वर्तमान स्थिति पर प्रश्न किए। उन्होंने यहभी जानने का प्रयास कियाकि नक्सल समर्पण केबाद पूर्व उग्रवादियों के परिवारों और परिजनों को मुख्यधारा में शामिल करने की प्रक्रिया किस प्रकार आगे बढ़ रही है और समाज में उन्हें किस तरह स्वीकार किया जा रहा है।
पत्रकारों ने राज्यपाल को जानकारी दीकि बस्तर क्षेत्रमें सुरक्षा बलों और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से स्थिति में लगातार सुधार हो रहा है तथा विकास कार्यों के विस्तार केसाथ शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच भी बेहतर हो रही है। उन्होंने बतायाकि नक्सल समर्पण करनेवाले व्यक्तियों और उनके परिवारों को पुनर्वास योजनाओं से समाज की मुख्यधारा में लाने के प्रयास किए जा रहे हैं, इससे उनमें विश्वास और स्थायित्व की भावना विकसित हो रही है। राज्यपाल ने कहाकि किसीभी क्षेत्रमें स्थायी शांति और विकास केलिए केवल सुरक्षा उपाय पर्याप्त नहीं होते, बल्कि सामाजिक समावेशन और पुनर्वास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने कहाकि प्रभावित क्षेत्रों में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल हो रही है, यह एक सकारात्मक संकेत है। राज्यपाल ने पंजाब में नशामुक्ति के व्यापक अभियान की भी जानकारी दी। उन्होंने कहाकि राज्य में नशा और नशीले पदार्थों की समस्या एक गंभीर चुनौती बनी हुई है, इससे निपटने केलिए सरकार बहुस्तरीय रणनीति केतहत कार्य कर रही है। उन्होंने बतायाकि सीमापार से नशीले पदार्थों और अवैध शस्त्रों की तस्करी पर नियंत्रण केलिए सुरक्षा एजेंसियां निरंतर प्रयासरत हैं।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने विशेष रूपसे उल्लेख कियाकि ड्रग माफिया तस्करी केलिए आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर रहा है, जिसमें ड्रोन का प्रयोग तेजीसे बढ़ा है। उन्होंने कहाकि पहले बड़े ड्रोन का इस्तेमाल किया जाता था, जिन्हें काफी हदतक निष्क्रिय कर दिया गया है, लेकिन अब छोटे और अत्याधुनिक ड्रोन एक नई चुनौती बनकर उभरे हैं, ये ड्रोन आवाज़ तो करते हैं, लेकिन आसानी से दिखाई नहीं देते, जिससे इनका पता लगाना कठिन हो जाता है। राज्यपाल ने कहाकि इन चुनौतियों से निपटने केलिए सरकार तकनीकी रूपसे अपने तंत्र को सशक्त बना रही है और निगरानी एवं खुफिया व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने कहाकि राज्य में ड्रग तस्करी ने दुर्भाग्यवश एक संगठित व्यवसाय का रूप ले लिया है और इसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बतायाकि अबतक लगभग 31 हजार एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और बड़ी संख्या में आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, दो बड़े ड्रग माफिया सरगनाओं को भी गिरफ्तार किया गया है, जो इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने पंजाब की स्वास्थ्य सेवाओं की सराहना की और कहाकि राज्य में सरकारी एवं निजी दोनों स्तरों पर चिकित्सा सुविधाएं सुदृढ़ और संतोषजनक हैं। उन्होंने कहाकि नशामुक्ति अभियान में स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है, इनके तहत उपचार, काउंसलिंग और पुनर्वास की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है। गौरतलब हैकि पत्र सूचना कार्यालय रायपुर में यह मीडिया अध्ययन यात्रा देश के विभिन्न राज्यों में होरहे विकास कार्यों, प्रशासनिक प्रयासों और सामाजिक अभियानों को समझने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। यह अध्ययन यात्रा विचारों के आदान प्रदान का एक सशक्त मंच साबित हुई है, इससे मीडिया और प्रशासन केबीच संवाद और अधिक मजबूत हुआ है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मीडिया प्रतिनिधिमंडल की ओरसे राज्यपाल को छत्तीसगढ़ की पारंपरिक पहचान का प्रतीक गमछा और बस्तर कला से निर्मित स्मृतिचिन्ह भेंट किया।

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