यूएन सुरक्षा परिषद में भारत की उम्मीदवारी को केन्या का समर्थन
भारत और केन्या के बीच घनिष्ठ संसदीय संबंधों पर वृहद चर्चास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Friday 14 August 2026 01:29:48 PM
नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से आज संसद भवन में केन्या की नेशनल असेंबली के स्पीकर डॉ मोसेस एम वेटंगुला ईजीएच एमपी के नेतृत्व में भारत की द्विपक्षीय यात्रा पर आए केन्याई संसदीय प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की। उपराष्ट्रपति ने प्रतिनिधिमंडल से बातचीत में भारत केन्या केबीच घनिष्ठ संसदीय संबंधों पर प्रकाश डाला। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल से तकनीकी समाधानों और डिजिटल तकनीक के क्षेत्रमें भारत के अनुभव साझा किए, जिसमें कागज़रहित संसद की दिशामें डिजिटल तकनीक का उपयोग भी शामिल है। उन्होंने केन्या के संसदीय मित्रता समूह में भारतीय मूल के सांसद की मौजूदगी का उल्लेख किया और केन्या की नेशनल असेंबली परिसर में महात्मा गांधी की प्रतिमा लगाने के प्रस्ताव को सराहना केसाथ याद किया।
सभापति सीपी राधाकृष्णन ने ज़िक्र कियाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2016 में केन्या का दौरा किया था और उसके बाद 2023 में केन्या के राष्ट्रपति विलियम रुटो ने भारत का दौरा किया था। केन्या केसाथ भारत की विकास साझेदारी उन्होंने बतायाकि अनुदान सहायता के रूपमें कई परियोजनाएं पूरी की गई हैं, इनमें नैरोबी विश्वविद्यालय की महात्मा गांधी ग्रेजुएट लाइब्रेरी का नवीनीकरण और मतोंग्वे में केन्याई नौसेना बेस पर सीटी स्कैन से जुड़ी सुविधाओं का निर्माण शामिल है। उन्होंने इबोला वायरस के प्रकोप के दौरान भारत की मदद को भी याद किया, जब भारत ने 4.5 टन चिकित्सा सामग्री की पहली खेप पहुंचाई थी। उपराष्ट्रपति ने केन्या में क्षमता निर्माण केलिए भारत के लगातार समर्थन पर ज़ोर दिया। उन्होंने बतायाकि भारत सरकार लगभग 400 छात्रवृत्ति देती है, जिसमें अलग-अलग सरकारी मंत्रालयों केलिए प्रशिक्षण पाठ्यक्रम भी शामिल हैं। उन्होंने बतायाकि केन्या के 20 राजनयिक भारत में क्षमता विकास की ट्रेनिंग ले रहे हैं। उन्होंने कहाकि दीर्घावधि पाठ्यक्रमों केलिए आईसीसीआर छात्रवृत्ति की संख्या सालाना 80 से बढ़ाकर 100 कर दी गई है।
उपराष्ट्रपति ने केन्या में डिजीलॉकर पायलट प्रोजेक्ट पर हुए समझौते का भी ज़िक्र किया, जिसपर नई दिल्ली में एआई इम्पैक्ट समिट के दौरान हस्ताक्षर किए गए थे। उन्होंने बतायाकि भारत और केन्या की टीमें केन्या केलिए गति शक्ति प्रोजेक्ट पर काम कर रही हैं। उपराष्ट्रपति ने 2028-29 के कार्यकाल केलिए संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद में अस्थायी सीट केलिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने पर केन्या का धन्यवाद किया। उन्होंने संयुक्तराष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थायी सदस्यता केलिए केन्या का समर्थन मांगा। दोनों देशों केबीच ऐतिहासिक संबंधों पर उपराष्ट्रपति ने कहाकि भारत और स्वाहिली तट केबीच एक-दूसरे के फायदे केलिए व्यापार के बेहतर रास्ते थे। उन्होंने यह उम्मीद जताईकि केन्या अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन और अंतर्राष्ट्रीय बिग कैट अलायंस में शामिल होगा। उपराष्ट्रपति ने भारत और केन्या केबीच सदियों पुराने लोगों के आपसी संबंधों का भी ज़िक्र किया और कहाकि उन्हें यह जानकर खुशी हुईकि भारतीय मूल के लोगों को केन्या की 44वीं जनजाति के तौर पर मान्यता दी गई है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भारत आने केलिए केन्या के संसदीय प्रतिनिधिमंडल का धन्यवाद किया और उनकी यात्रा सुखद और लाभप्रद रहने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भरोसा जतायाकि उनकी इस यात्रा से संसदीय सहयोग और गहरा होगा और भारत तथा केन्या केबीच व्यापक साझेदारी को मज़बूत करने में मदद मिलेगी। दोनों देशों के प्रतिनिधिमंडल ने दोनों देशों केबीच लोगों के आपसी ऐतिहासिक संबंधों पर विचार विमर्श किया, द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। इसमें विकास साझेदारी, क्षमता निर्माण, डिजिटल टेक्नोलॉजी में सहयोग और अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में मिलकर काम करना प्रमुख रूपसे शामिल था।