यह समस्या पूरे इलाके की है जिस पर बिजली विभाग के अधिकारियों ने कोई ध्यान नहीं दिया और टरकाते रहे। डीएम बुलंदशहर शशि भूषण लाल सुशील के पास पहुंचे तो वह भी बोदे और असहाय ही साबित हुए जिसके बाद गांव के लोगों को आंदोलन का रास्ता अख्तियार करना पड़ा। ये अधिकारी श्रीराम बंसल को भूख हड़ताल से मर जाने देते यदि उत्तर प्रदेश की चक्रवर्ती मुख्यमंत्री मायावती का बुलंदशहर में औचक निरीक्षण...
नौकरशाही को उसका धर्म बताना या उनके कर्त्तव्यों और कार्यप्रणाली पर टीका टिप्पणी करना या सलाह देना उनके 'ईगो' को सीधे चोट पहुंचाना समझा जाता है। ये अपने स्वार्थ या किसी दबाव में ही अक्सर काम करते देखे जाते हैं। यही कार्य प्रणाली आज इनके लिए मुसीबत बन गई है। वास्तव में उत्तर प्रदेश में नौकरशाहों की गुलामों से भी बदतर स्थिति...

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