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वंदे मातरम् का अपमान देश बर्दाश्त नहीं करेगा-शाह

अटलजी की पुण्यतिथि पर चित्तौड़गढ़ में उनकी भव्य प्रतिमा का अनावरण

राजस्थान में विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Sunday 16 August 2026 06:17:02 PM

atal ji's statue unveiled in chittorgarh

चित्तौड़गढ़। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा हैकि 80वें स्वतंत्रता दिवस पर हरबार की तरह देशभर में भव्य आयोजन हुए, लेकिन इनमें एक बड़ा परिवर्तन हुआकि आजादी के 80 साल बाद ऐतिहासिक लालकिले की प्राचीर और देशभर में हुए स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रमों में पहलीबार ‘वंदे मातरम्’ का गान हुआ। उन्होंने कहाकि स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय की अमर कृति के दो शब्द ‘वंदे मातरम्’ बोलकर हजारों-लाखों लोग फांसी के फंदे पर चढ़ गए थे, गोलियां और लाठियां खाई थीं, कई साल जेल में रहे। अमित शाह ने कहाकि वोट बैंक के लालच में विपक्षी पार्टी ने ‘वंदे मातरम’ को भुला दिया था, लेकिन ‘वंदे मातरम्’ की रचना के 150 साल पूरे होने पर लालकिले की प्राचीर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘वंदे मातरम्’ को नई आयु दी है। अमित शाह ने रोषपूर्ण होकर जिक्र कियाकि मुख्य विपक्षी पार्टी यानी कांग्रेस के मुख्यालय पर स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में पार्टी के प्रमुख नेताओं ने राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन को बीच में रोकने को कहकर उसका अपमान किया है और देश वंदे मातरम् का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि 80 साल बाद बंकिम बाबू के अमर मंत्र और अमर गान को फिरसे सम्मान प्राप्त होना विपक्ष को रास नहीं आ रहा है। उन्होंने विपक्षी पार्टी के प्रमुख नेताओं से कहाकि देश की 140 करोड़ जनता आपको देख रही है, आपके द्वारा किया गया यह पाप देश की जनता कभी माफ नहीं करेगी। अमित शाह ने कहाकि कोई स्वप्न में भी कैसे सोच सकता हैकि ‘वंदे मातरम्’ का गान अधूरा छोड़ दिया जाए। गृहमंत्री ने ये बातें आज देश के प्रधानमंत्री रहे अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि पर चित्तौड़गढ़ में उनकी भव्य प्रतिमा के अनावरण और राजस्थान सरकार के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं शिलान्यास केबाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहीं। गृहमंत्री ने कहाकि अटल बिहारी वाजपेयी बाल्यकाल से ही राष्ट्रभक्ति के पथ पर चले, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रचारक बने, जनसंघ के कार्यकर्ता बने और सिर्फ 33 साल की आयु में बलरामपुर से सांसद चुने गए। उन्होंने कहाकि अटलजी चार दशक तक विपक्ष में रहे, मगर विचार राष्ट्रभक्ति का रहा, राष्ट्र प्रथम का रहा और विचार के आधार पर ही उनका जीवन चला। वे जेल भी गए, लाठियां भी खाईं, सत्तारूढ़ पार्टी के अत्याचारों को भी सहा, मगर कभी सिद्धांत नहीं छोड़ा। अमित शाह ने कहाकि जब अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बने तो वे देश के पहले ऐसे प्रधानमंत्री थे, जो कभी मुख्य विपक्षी पार्टी के सदस्य नहीं रहे थे।
गृहमंत्री अमित शाह ने कहाकि अटलजी ने कई बड़े फैसले किए, विश्व के दबाव के सामने बिना झुके भारत को परमाणु शक्ति बनाने का अनुकरणीय कार्य किया, हर गांव को सड़क से जोड़ने का काम किया, स्वर्णिम चतुर्भुज योजना से नेशनल हाईवे बनाए और ऐसी कई अनोखी पहल की। अमित शाह ने कहाकि अटलजी ने 6 साल के अपने अल्प कार्यकाल में सबसे बड़ा काम जनजातीय कार्य मंत्रालय की स्थापना का किया। अटलजी से पहले इस देश की जनजातियों केलिए कोई अलग मंत्रालय नहीं था, पहलीबार जनजातीय कार्य मंत्रालय गठित किया और उसका परिणाम हैकि आज एक ग़रीब आदिवासी परिवार की बेटी द्रौपदी मुर्मू राष्ट्रपति के रूपमें देश के राष्ट्रपति भवन को शोभायमान कर रही हैं। अमित शाह ने कहाकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमेशा आदिवासी कल्याण को आगे बढ़ाया, अनुसूचित जनजाति कंपोनेंट का बजट बढ़ाकर 1,25,000 करोड़ रुपये तक किया। भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिन को ‘जनजातीय गौरव दिवस’ के रूपमें मनाने की शुरुआत की। छत्तीसगढ़, ओडिशा और अरुणाचल प्रदेश में आदिवासी मुख्यमंत्री बनाए। दस आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों का संग्रहालय बनाया और 722 एकलव्य विद्यापीठ खोले, जिसकी शुरुआत अटलजी ने की थी।
गृहमंत्री ने कहाकि अटलजी पत्रकार बने तो कलम से राष्ट्रवाद को आगे बढ़ाया। कवि बने तो शब्दों से राष्ट्रभक्ति को आगे बढ़ाया। प्रधानमंत्री बने तो राष्ट्र की सुरक्षा और सुशासन को आगे बढ़ाया। ना सत्ता में रहते सिद्धांत छोड़ा, ना विपक्ष में रहते ही सिद्धांत छोड़ा, ऐसे विरले नेता कभी-कभार ही जन्म लेते हैं, इसीलिए अटलजी को हमेशा ‘अजातशत्रु’ के तौर पर जाना जाता है। गृहमंत्री ने कहाकि विपक्षी पार्टी ने जो काम 70 साल में किया, उससे छह गुना काम मोदीजी ने 8 साल में किया है, यही उनकी विशेषता है। अमित शाह ने कहाकि राजस्थान की भजनलाल शर्मा सरकार ने अपने वादे पूरी करने की दिशा में काफी तेजी से काम किए हैं। उन्होंने कहाकि राजस्थान को पानी की कमी केलिए जाना जाता था, लेकिन भजन लालजी ने तीन बड़े समझौते करके आधे राजस्थान की प्यास बुझाने का काम किया है। अमित शाह ने कहाकि इन योजनाओं से करोड़ों लोगों की प्यास बुझाने का काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘राइजिंग राजस्थान’ कार्यक्रम में 35 लाख करोड़ रुपये का निवेश आया है, 36 नई पॉलिसी बनी हैं, रोज़गार मेलों में 1,78,000 नौकरियां दी गई हैं और 450 रुपये से भी कम में गैस सिलिंडर देने का काम किया गया है।
अमित शाह ने कहाकि केंद्र सरकार की 5 लाख रुपये तकके मुफ़्त इलाज की सुविधा में बढ़ोतरी करके भजन लाल सरकार ने 45 लाख लोगों को प्रधानमंत्री-मुख्यमंत्री आयुष आरोग्य योजना का लाभ दिया है, लाडो प्रोत्साहन योजना दी है, राजस्थान को हरियाली से परिपूर्ण करने का अभियान चलाया है। अमित शाह ने कहाकि राजस्थान में विपक्ष के प्रमुख नेता आपस में लड़ते रहते हैं, जबकि भाजपा के नेता जनता से मिले आशीर्वाद का मान रखते हुए जनता की सेवा करती है। उन्होंने कहाकि नरेंद्र मोदी और भजन लाल शर्मा के कार्यकाल में राजस्थान बहुत आगे बढ़ने वाला है। गौरतलब हैकि डेढ़ करोड़ रुपये से अधिक की लागत से अटल बिहारी वाजपेयी की 21 फुट ऊंची प्रतिमा स्थापित की गई है और 15 जिलों में 5755 करोड़ रुपये के 944 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि पूजन हुआ है। इस अवसर पर राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा और गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

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