सिंगापुर में इंवेस्टमेंट रोड शो और बिजनेस लीडर्स संवाद कार्यक्रम
योगी आदित्यनाथ ने निवेश के लिए सिंगापुर को आमंत्रित कियास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Wednesday 25 February 2026 05:06:17 PM
सिंगापुर/ लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सिंगापुर में बिजनेस फेडरेशन सिंगापुर के उत्तर प्रदेश इंवेस्टमेंट रोडशो के ‘बिजनेस लीडर्स संवाद’ कार्यक्रम में बिजनेस लीडर्स को उत्तर प्रदेश में निवेश केलिए आमंत्रित किया है। योगी आदित्यनाथ ने इस अवसर पर कहाकि उत्तर प्रदेश में निवेश का सुरक्षित वातावरण है, बिजनेस की अपार संभावनाएं हैं। मुख्यमंत्री ने सिंगापुर के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, उप प्रधानमंत्री, गृहमंत्री, ऊर्जा मंत्री और उद्यमियों केसाथ परस्पर विकास की संभावनाओं पर विचार विमर्श किया। बिजनेस प्रतिनिधिमंडल केसाथ उन्होंने कई सेंटर का निरीक्षण किया, टेमासेक, जीआईसी, यूएससी, जीएसएस ग्रीन, सैप कोर्स, ब्लैक स्टोन जैसी संस्थाओं के चेयरमैन और सीईओ केसाथ सार्थक चर्चा भी की। मुख्यमंत्री ने जिक्र कियाकि नए और आधुनिक भारत के शिल्पी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में बीते 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश के पोटेंशियल को परफॉर्मेंस में बदलने का कार्य किया गया है, यहां हर इंडस्ट्री लीडर उत्तर प्रदेश को भारत के ड्रीम डेस्टिनेशन के रूपमें देख रहा है और यूपी भारत की इकोनॉमी के ग्रोथ इंजन के रूपमें कार्य कर रहा है, यहां आनेवाले सभी निवेश सुरक्षित हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहाकि उत्तर प्रदेश सरकार ने इन 9 वर्ष में राज्य में सुरक्षा केसाथ स्केल को स्किल एवं स्पीड केसाथ जोड़ा है और यूपी टेक्नोलॉजी व ट्रस्ट का प्रदेश ही नहीं, बल्कि भारत में ट्रांसफॉर्मेशन को बढ़ाने वाला प्रदेश है। मुख्यमंत्री ने कहाकि प्रदेश में 34 से अधिक सेक्टोरल पॉलिसी हैं, सुरक्षा का बेहतरीन वातावरण है, इन सभी केबीच हमने उत्तर प्रदेश में वर्ल्ड क्लास इंफ्रास्ट्रक्चर भी उपलब्ध कराया है। उन्होंने कहाकि औद्योगीकरण केसाथ सर्विस सेक्टर में भी अनंत संभावनाओं को प्रदेश में प्रभावी ढंग से लागू किया गया है। उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश में बड़ा इंवेस्टमेंट करना आसान है, क्योंकि यहां प्रशिक्षित एवं कुशल मैनपावर उपलब्ध है, प्रदेश में 75 हजार एकड़ लैंडबैंक एक्सप्रेसवे एयरपोर्ट डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के आसपास उपलब्ध है, यह लैंडबैंक इंवेस्टमेंट, इंडस्ट्रियलाइजेशन, लॉजिस्टिक्स तथा सर्विस सेक्टर को स्थापित करने में मदद करेगा। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि किसीभी इंडस्ट्री केलिए जो आधार चाहिए, वह एमएसएमई सेक्टर होता है, यह सेक्टर उत्तर प्रदेश में पहले से मौजूद है। उन्होंने कहाकि प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई यूनिट संचालित हैं, इन यूनिट्स ने 3 करोड़ से अधिक लोगों को रोज़गार से जोड़ रखा है। उन्होंने कहाकि भारत और सिंगापुर केबीच रणनीतिक साझेदारी के फोकस सेक्टर डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फिनटेक, स्मार्ट नेशन टू सेमीकंडक्टर, ग्रीन शिपिंग कॉरिडोर हैं और भारत में सर्वाधिक एफडीआई सिंगापुर करता है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहाकि उत्तर प्रदेश ने ‘लैंड ऑफ पोटेंशियल से लैंड ऑफ परफॉर्मेंस’ की सफल यात्रा सबके सामने है। उन्होंने कहाकि इन 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश की जीएसडीपी 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये होने जा रही है, दुनिया में किसीभी स्थान पर ऐसा देखने को नहीं मिला होगाकि कोई राज्य अपनी अर्थव्यवस्था को 9 वर्ष में लगभग तीन गुना बढ़ाने में सफल हुआ हो। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि उत्तर प्रदेश भारत की अर्थव्यवस्था में 9.5 प्रतिशत का योगदान दे रहा है, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में उत्तर प्रदेश भारत में टॉप अचीवर स्टेट है, भारत में डी-रेगुलेशन रैंकिंग में फर्स्ट रैंक उत्तर प्रदेश की है। मुख्यमंत्री ने कहाकि उत्तर प्रदेश रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बनकर उभरा है, आज यहां ट्रिपल एस-‘सेफ्टी, स्टेबिलिटी और स्पीड’ है, 3 से 4 वर्ष में उत्तर प्रदेश अपने आपको 1 ट्रिलियन डॉलर की इकोनॉमी के रूपमें स्थापित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहाकि भारत में सबसे ज्यादा फूड ग्रेन का उत्पादन करने वाला राज्य उत्तर प्रदेश है, उत्तर प्रदेश 21 प्रतिशत से अधिक फूड ग्रेन का उत्पादन करता है। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि उत्तर प्रदेश ने अपने आपको भारत के फूड बास्केट के रूपमें स्थापित किया है, फूड प्रोसेसिंग और वैल्यू एडिशन से सम्बंधित अभियान केलिए उत्तर प्रदेश इंवेस्टमेंट केलिए प्रत्येक निवेशक को आमंत्रित करता है। मुख्यमंत्री ने कहाकि भारत के कुल एक्सप्रेस-वे का 55 प्रतिशत उत्तर प्रदेश में है, रेलवे का लगभग 16 हजार किलोमीटर का सबसे बड़ा नेटवर्क भी उत्तर प्रदेश में है, उत्तर प्रदेश के 7 शहरों में मेट्रो का संचालन किया जारहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहाकि उत्तर प्रदेश में 16 डोमेस्टिक एयरपोर्ट्स और 4 इंटरनेशनल एयरपोर्ट्स संचालित हैं, 5वां इंटरनेशनल एयरपोर्ट नोएडा के जेवर में बन रहा है, जिसे हम बहुत शीघ्र ही राष्ट्र को समर्पित करने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने कहाकि नोएडा एयरपोर्ट में ही कार्गों और एमआरओ की सुविधा विकसित करने की दृष्टि से हमने सिंगापुर का भ्रमण किया है, जेवर एयरपोर्ट केपास हमने सिंगापुर सिटी केलिए भी एक डेडिकेटेड प्लान को प्रस्तुत किया है, हमने लैंड की व्यवस्था की है, एक्सप्रेस-वे, हाईवे पर हमने 27 इंडस्ट्रियल क्लस्टर को डेवलप करने की कार्यवाही को आगे बढ़ाया है। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि उत्तर प्रदेश केपास सबसे अच्छा जल संसाधन, नदियों को वॉटर-वे के रूपमें भी बढ़ाया गया है, भारत का पहला वॉटर-वे वाराणसी से हल्दिया केबीच में संचालित हो चुका है, इसपर मल्टीमोडल विलेज की स्थापना करने की कार्यवाही तेजी केसाथ आगे बढ़ी है। मुख्यमंत्री ने कहाकि उत्तर प्रदेश में भारत के 55 प्रतिशत मोबाइल व 60 प्रतिशत इलेक्ट्रॉनिक कम्पोनेंट की मैन्युफैक्चरिंग होती है। उन्होंने कहाकि उत्तर प्रदेश में निवेशकों को निवेश मित्र व निवेश सारथी नामक सिंगल विंडो क्लीयरेंस की सुविधा उपलब्ध है। उन्होंने कहाकि उद्यमी मित्र के जरिए सफलतापूर्वक इंवेस्टमेंट केबाद इंसेंटिव वितरण कार्य ऑनलाइन होता है, जिसमें डीबीटी से इंवेस्टर्स के बैंक खाते में पैसा सीधे चला जाता है, टाइम बाउंड क्लीयरेंस व ट्रांसपैरेंट लैंड अलॉटमेंट की व्यवस्था उत्तर प्रदेश में है।
योगी आदित्यनाथ ने कहाकि उत्तर प्रदेश में एफडीआई व फॉर्च्युन 500 कम्पनियों केलिए भी एक डेडिकेटेड पॉलिसी उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री ने कहाकि उत्तर प्रदेश की 25 करोड़ आबादी में से 56 फीसदी आबादी कामकाजी है, लेबर रिफॉर्म, एजुकेशन, हेल्थ, स्किल डेवलपमेण्ट, एमएसएमई, ओडीओपी, स्टार्टअप में उत्तर प्रदेश की ताकत हम सबको आगे बढ़ा रही है। योगी आदित्यनाथ ने कहाकि इसीका परिणाम हैकि 9 वर्ष में उत्तर प्रदेश ने अपने एक्सपोर्ट को ढाई गुना से अधिक बढ़ाने में सफलता प्राप्त की है। इस दौरान उत्तर प्रदेश के वित्त और संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता ‘नन्दी’, सलाहकार मुख्यमंत्री अवनीश कुमार अवस्थी, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, सिंगापुर में भारत के उच्चायुक्त डॉ शिल्पक अम्बुले, सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन के वाइस चेयरमैन प्रसून मुखर्जी और गणमान्य महानुभाव उपस्थित थे।