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प्रधानमंत्री ने की हिमंता सरमा की जोरदार तारीफ

असम की ₹19,4800 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण

पीएम किसान निधि के 18000 करोड़ भी किसानों के खातों में पहुंचे

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Saturday 14 March 2026 01:56:29 PM

pm narendra modi inauguration of development projects in assam

गुवाहाटी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा हैकि माँ कामाख्या के आशीर्वाद से असम को कई तरह की विकास परियोजनाएं मिली हैं, ऐसी परियोजनाएं जिनका मकसद असम को ऊर्जा क्षेत्रमें आत्मनिर्भर बनाना है, ऐसी परियोजनाएं जो असम आनेजाने वाले लोगों की सुविधा बढ़ाती हैं। नरेंद्र मोदी ने कहा हैकि असम पूर्वोत्तर भारत के भविष्य का एक विकासोन्मुख मॉडल है, असम पूर्वोत्तर भारत के 'अष्टलक्ष्मी' राज्यों के भविष्य केलिए आदर्श और समूचे पूर्वोत्तर को नई गति प्रदान कर रहा है। प्रधानमंत्री ने हर युवा और हर परिवार से आग्रह किया हैकि वे 'विकसित असम' केलिए मिलकर काम करें, ताकि असम देश में आदर्श राज्य बने। यह कहते हुए प्रधानमंत्री ने गुवाहाटी में लगभग ₹19,4800 करोड़ की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। प्रधानमंत्री ने एक विशाल जनसभा में किसानों, चाय बागानों में कामगार श्रमिकों का अभिवादन किया और नवरात्र से पहले मां कामाख्या की पवित्र भूमि पर आने को अपना सौभाग्य बताया। प्रधानमंत्री ने कहाकि यह देशभर के किसानों और असम के चाय बागानों में कामगार श्रमिकों केलिए बहुत ही महत्वपूर्ण दिन है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पीएम किसान सम्मान निधि योजना केतहत ₹18000 करोड़ से अधिक धनराशि देश के करोड़ों किसानों के खातों में अंतरित की और असम के चाय बागानों से जुड़े कई परिवारों को ज़मीन के पट्टे भी दिए। नरेंद्र मोदी ने इस योजना को सचमुच असाधारण बताया। उन्होंने याद दिलायाकि ये वही किसान भाई-बहन हैं, जिनमें से ज़्यादातर लोगों केपास 2014 से पहले न तो मोबाइल फ़ोन था और न ही बैंक खाता। प्रधानमंत्री ने बतायाकि अबतक ऐसे करोड़ों किसानों के खातों में ₹4.25 लाख करोड़ से ज़्यादा जमा किए जा चुके हैं, अकेले असम में ही लगभग 19 लाख किसानों को अबतक लगभग ₹8,000 करोड़ मिल चुके हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि यह कुछ ऐसा है, जिसकी बराबरी दुनिया के विकसित देशभी नहीं कर सकते, एक क्लिक से पैसा सीधे करोड़ों किसानों तक पहुंच जाता है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि सम्मान निधि योजना देश के छोटे किसानों केलिए सामाजिक सुरक्षा का माध्यम बन गई है, सरकार केलिए किसानों के कल्याण से ज़्यादा ज़रूरी कुछभी नहीं है। उन्होंने कहाकि दस वर्ष में किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य के रूपमें ₹20 लाख करोड़ से ज़्यादा मिले हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि चाहे एमएसपी हो, सस्ते ऋण हों, फ़सल बीमा हो या पीएम किसान सम्मान निधि किसानों केलिए बहुत बड़ा सहारा हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि सरकार ने इस बातका विशेष ध्यान रखा हैकि अंतर्राष्ट्रीय संकटों का असर खेती बाड़ी और कृषि पर न पड़े। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि बीते एक दशक में सरकार ने आत्मनिर्भरता में बहुत बड़ी पहल की है, बाहरी संकटों से कृषि को बचाने केलिए आत्मनिर्भरता को बढ़ावा दिया गया है। उन्होंने कहाकि आज़ाद भारत में यह बार-बार देखा गया हैकि दुनिया के दूसरे हिस्सों में होनेवाले युद्ध और सप्लाई चेन में रुकावटों के कारण भारतीय किसानों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था, कभी उर्वरक महंगे हो जाते थे तो कभी डीज़ल और ऊर्जा की कीमतें आसमान छूने लगती थीं। प्रधानमंत्री ने कहाकि सरकार का विज़न खेती को नई प्रौद्योगिकी से जोड़ना है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि इसी उद्देश्य से सरकार ने 'हर बूंद ज़्यादा फ़सल' की नीति अपनाई और किसानों तक ड्रिप व स्प्रिंकलर सिस्टम जैसी माइक्रो-इरिगेशन टेक्नोलॉजी पहुंचाई, जिससे सिंचाई में सुधार हुआ है और लागत भी कम हुई है। नरेंद्र मोदी ने बतायाकि सरकार अब खेतों को सोलर पंप से जोड़कर डीज़ल पर होने वाला किसानों का खर्च कम से कम कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहाकि केंद्र सरकार की 'कुसुम योजना' ठीक इसी उद्देश्य केलिए बनाई गई है, कई किसान न सिर्फ़ सोलर पंप से सिंचाई कर रहे हैं, बल्कि बिजली भी बना रहे हैं और उससे पैसे भी कमा रहे हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि सरकार खाद और कीटनाशकों पर किसानों की निर्भरता कम करने के लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहाकि मौजूदा सरकार ने खाद फ़ैक्टरियों को फिरसे चालू किया है और किसानों को 'नैनो यूरिया' से जोड़ने केलिए कई पहल की हैं, सरकार किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने केलिए प्रोत्साहित कर रही है। उन्होंने कहाकि जब किसान बड़े पैमाने पर प्राकृतिक खेती अपनाएंगे तो मिट्टी सुरक्षित रहेगी और अन्नदाता भी वैश्विक संकटों से बचे रहेंगे। प्रधानमंत्री ने कहाकि सरकार ने भारत की रिफ़ाइनरियों के विकास और क्षमता विस्तार केलिए व्यापक काम किया है, इन वर्षों में असम की रिफ़ाइनरियों का भी विस्तार किया गया है एवं असम और समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्रमें गैस पाइपलाइन अवसंरचना में अभूतपूर्व निवेश किया जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि नुमालीगढ़-सिलिगुड़ी पाइपलाइन का उन्नयन कार्य पूरा हो चुका है और असम के गोलाघाट में दुनिया का पहला सेकंड-जेनरेशन बायो-इथेनॉल प्लांट लगाया गया है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि आज भारत ऐसा देश है, जो न सिर्फ़ अपनी ऊर्जा ज़रूरतों को पूरा कर सकता है, बल्कि दुनिया की ऊर्जा ज़रूरतों को भी पूरा कर सकता है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि एक दशक में विदेशी संसाधनों पर निर्भरता कम करने का महत्वपूर्ण कार्य किया गया है, आज देश का लगभग पूरा रेल नेटवर्क बिजली से चलने वाले मार्गों से जुड़ चुका है और 100 प्रतिशत विद्युतीकरण का लक्ष्य भी जल्दही हासिल कर लिया जाएगा, असम के रेल नेटवर्क का भी तेजीसे विद्युतीकरण हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि असम देश की नवीकरणीय ऊर्जा संबंधी प्रतिबद्धताओं को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लोअर कोपिली जलविद्युत परियोजना से न केवल असम, बल्कि समूचे पूर्वोत्तर क्षेत्र को लाभ होगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हजारों करोड़ रुपये की परियोजनाएं असम के युवाओं केलिए रोज़गार के नए अवसर उपलब्ध करा रही हैं और राज्य की समृद्धि को बढ़ावा दे रही हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि भाजपा की डबल इंजन सरकार जनसामान्य को सम्मान और सहायता प्रदान कर रही है, असम सरकार अन्याय को समाप्त करने की दिशामें काम कर रही है, जरूरतमंद परिवारों को अब उनकी अपनी ज़मीन मिल रही है और उनके लिए पक्के मकान का मार्ग भी प्रशस्त हो गया है। प्रधानमंत्री ने कहाकि चाय बागानों में रहने वाली महिलाओं को इस पहल से विशेष रूपसे बहुत अधिक लाभ होगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घोषणा कीकि प्रसिद्ध निमाती घाट और बिश्वनाथ घाट पर आधुनिक क्रूज टर्मिनल बनाने का कार्य शुरू हो गया ह और यह सिर्फ़ अवसंरचना परियोजना नहीं है, बल्कि एक ऐसा कदम है, जो असम में पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि सरकार ने पर्यटन को सिर्फ़ घूमने-फिरने तकही सीमित नहीं रखा है, बल्कि इसे रोज़गार और विकास जोड़ा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि ब्रह्मपुत्र नदी पर वॉटर टूरिज़्म का काम हो रहा है, एकबार क्रूज़ टर्मिनल बन जाने से ब्रह्मपुत्र पर क्रूज़ का संचालन और ज्यादा बढ़ेगा एवं भारत तथा दुनियाभर के पर्यटकों केलिए असम पहुंचना और भी आसान हो जाएगा। नरेंद्र मोदी ने कहाकि जैसे-जैसे क्रूज़ टूरिज़्म बढ़ेगा, स्थानीय युवाओं केलिए रोज़गार के नए अवसर उपलब्ध होंगे, कारीगरों और हस्तशिल्प का काम करने वालों को नए बाज़ार मिलेंगे और छोटे दुकानदारों, नाव चलाने वालों तथा होटल और परिवहन से जुड़े लोगों की आमदनी भी बढ़ेगी। जनसभा में असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य, मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल, राज्य सरकार के मंत्री और जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।

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