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नारी शक्ति वंदन अधिनियम का अभिनंदन!

संसद में नारी के नवभारत केलिए 16 अप्रैल को विशेष सत्र

प्रधानमंत्री के नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में उद्गार व्यक्त

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Monday 13 April 2026 04:49:37 PM

prime minister narendra modi's salute to women power

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज नारी शक्ति वंदन कार्यक्रम में नारी शक्ति का वंदन किया। थीम थी-‘पंचायत से पार्लियामेंट तक निर्णय में नारी, नवभारत की तैयारी।’ इसके लिए 16 अप्रैल को संसद का विशेष सत्र बुलाया गया है, जहां इसे देश की नारी शक्ति को समर्पित किया जाएगा। प्रधानमंत्री ने कहाकि राज्य विधानसभाओं से लेकर देश की संसद तक दशकों का इंतजार अब खत्म होने वाला है। महिला आरक्षण पर भारत 21वीं सदी के सबसे बड़े फैसलों में से एक नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित करने का फैसला लेने जा रहा है, जो नारी शक्ति को समर्पित है। इसे ऐतिहासिक बताते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि देश की संसद एक और नया इतिहास रचने के करीब है, जो अतीत की कल्पनाओं और भविष्य के संकल्पों को पूरा करेगा। उन्होंने कहाकि देश एक समतावादी भारत की कल्पना करता है, जहां सामाजिक न्याय केवल एक नारा नहीं, बल्कि कार्य संस्कृति का अभिन्न अंग है। प्रधानमंत्री ने वर्ष 2023 में नए संसद भवन में नारी शक्ति वंदन अधिनियम पारित होने का स्मरण करते हुए कहाकि इसे सर्वसम्मति से पारित किया गया था और सभी दलों ने इसपर सहमति जताई थीकि इसे हर हाल में 2029 तक लागू कर दिया जाना चाहिए।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आश्वस्त करते हुए कहाकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम को समय पर लागू कर दिया जाएगा, ताकि महिलाओं की भागीदारी से हमारे लोकतंत्र को मजबूती मिले, इसके लिए संसद के बजट सत्र का विशेष सत्र 16 अप्रैल से शुरू हो रहा है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हमारा प्रयास और प्राथमिकता हैकि यह कार्य संवाद, सहयोग और भागीदारी से पूरा किया जाए, जिससे संसद की गरिमा बढ़ेगी। इसपर महिलाओं केबीच व्याप्त राष्ट्रव्यापी उत्साह को स्वीकार करते हुए प्रधानमंत्री ने कहाकि देशभर की महिलाएं विधानसभाओं और लोकसभा तक पहुंचने की अपनी आकांक्षाओं को व्यक्त कर रही हैं, उनके सपनों को नई उड़ान मिली है और देश में सकारात्मक माहौल का निर्माण हुआ है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं से इस पूरी प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी बनाए रखने और अपने सांसदों से मिलकर अपने विचार और अपेक्षाएं साझा करने का आग्रह किया है। प्रधानमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर संविधान सभा तक महिलाओं के अनुकरणीय योगदान का जिक्र करते हुए स्वतंत्र भारत की नींव रखने में नारी शक्ति की अपार भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहाकि प्रतिनिधित्व के अवसर प्राप्त करनेवाली महिलाओं ने राष्ट्र केलिए उत्कृष्ट कार्य किए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि हमारे देश में राष्ट्रपति से लेकर वित्तमंत्री तक महिलाएं इतने महत्वपूर्ण पदों पर आसीन हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि राष्ट्रपति से लेकर प्रधानमंत्री तक जहांभी महिलाएं रही हैं, उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। प्रधानमंत्री ने पंचायती राज संस्थाओं को महिला नेतृत्व का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए कहाकि आज स्थानीय सरकारी निकायों में 14 लाख से अधिक महिलाएं सफलतापूर्वक कार्यरत हैं, लगभग 21 राज्यों में पंचायतों में उनकी भागीदारी लगभग 50 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहाकि राजनीति और सामाजिक जीवन में लाखों महिलाओं की यह सक्रिय भागीदारी दुनिया के अग्रणी नेताओं और राजनीतिक विशेषज्ञों को भी आश्चर्यचकित करती है और भारत के गौरव को बढ़ाती है। विभिन्न अध्ययनों का हवाला देते हुए प्रधानमंत्री ने बतायाकि निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से व्यवस्थाओं में संवेदनशीलता आई है, इससे जल, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण जैसे मुद्दों पर अधिक समर्पित कार्य करने को प्रोत्साहन मिला है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि जल जीवन मिशन की सफलता इसका एक उदाहरण है, जहां पंचायतस्तर पर महिलाओं की भागीदारी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
प्रधानमंत्री ने कहाकि स्थानीय निकायों और संस्थानों में वर्षों से कार्यरत लाखों महिलाओं केपास व्यापक अनुभव है और वे बड़ी भूमिकाओं केलिए तैयार और उत्सुक हैं। उन्होंने कहाकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम का कार्यांवयन महिलाओं के जीवन में एक बड़ा अवसर साबित होगा, पंचायत से संसद तक उनका सफर आसान होने वाला है। प्रधानमंत्री ने संतोष व्यक्त कियाकि उनकी सरकार ने 2014 से महिलाओं के सुगम जीवन के हर चरण केलिए योजनाएं बनाई हैं, सरकार विभिन्न योजनाओं से माता, बहनों-बेटियों की सेवा केलिए तत्पर है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि हमने कन्या भ्रूणहत्या को रोकने केलिए बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान शुरू किया, मातृ वंदन योजना केतहत गर्भावस्था के दौरान उचित पोषण केलिए 5000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की और बेटियों की शिक्षा को समर्थन देने केलिए उच्च ब्याज वाली सुकन्या समृद्धि योजना शुरू की। प्रधानमंत्री ने समय पर टीकाकरण केलिए मिशन इंद्रधनुष, स्वच्छ भारत अभियान केतहत शौचालय, लगभग मुफ्त सैनिटरी नैपकिन, खेल इंडिया योजना केतहत वित्तीय सहायता और सैनिक विद्यालयों और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के द्वार खोलने का उल्लेख किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहाकि उज्ज्वला योजना ने करोड़ों गैस कनेक्शन प्रदान किए, हर घर नल से जल अभियान ने घरों तक पानी पहुंचाया, मुफ्त राशन योजना ने खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित की और आयुष्मान योजना ने 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया। प्रधानमंत्री ने कहाकि जन औषधि केंद्रों में दवाओं पर 80 प्रतिशत तक की छूट सहित इन पहलों से मुख्य रूपसे हमारी बहनों और बेटियों को लाभ हुआ है। महिलाओं के सशक्तिकरण केलिए उनकी आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की आवश्यकता पर प्रधानमंत्री ने कहाकि हर निर्णय और योजना में इस पहलू को प्राथमिकता दी गई है, पहले पारिवारिक संपत्ति मुख्य रूपसे पुरुषों के नाम पर पंजीकृत होती थी, लेकिन पीएम आवास योजना केतहत घरों को प्राथमिकता के आधार पर महिलाओं के नाम पर पंजीकृत किया गया है। नरेंद्र मोदी ने कहाकि बीते 11 वर्ष में 3 करोड़ से अधिक महिलाओं को इस निर्णय से लाभ हुआ है और वे अपने घरों की मालिक बन गई हैं, जिससे वे आर्थिक रूपसे सशक्त हुई हैं। प्रधानमंत्री ने याद दिलायाकि 2014 में करोड़ों महिलाओं ने कभी बैंक का दरवाजा भी नहीं देखा था, जनधन योजना ने 32 करोड़ से अधिक महिलाओं केलिए बैंक खाते खोले। प्रधानमंत्री ने कहाकि आज हमारी बेटियां नए व्यवसायों में अपनी पहचान बना रही हैं और मुद्रा योजना के तहत लिए गए ऋणों में से 60 प्रतिशत से अधिक महिलाओं ने लिए हैं।
स्टार्टअप क्रांति में महिला नेतृत्व पर प्रधानमंत्री ने बतायाकि पंजीकृत स्टार्टअप्स में से 45 प्रतिशत से अधिक में कम से कम एक महिला निदेशक के रूपमें कार्यरत है। उन्होंने कहाकि यह सुनिश्चित करने केलिए कि करियर प्रभावित न हों, मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया गया है। उन्होंने कहाकि वर्षों पहले शुरू किए गए स्किल इंडिया मिशन के परिणाम अब हजारों ड्रोन दीदियों से दिखाई दे रहे हैं, जो प्रौद्योगिकी के माध्यम से आधुनिक खेती सिखाकर कृषि में क्रांति ला रही हैं। प्रधानमंत्री ने बतायाकि इन 11 वर्ष में लगभग 10 करोड़ महिलाएं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी हैं, सरकार ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़ी 6 करोड़ बहनों को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है, जिनमें से 3 करोड़ से अधिक महिलाएं यह दर्जा हासिल कर चुकी हैं। प्रधानमंत्री ने कहाकि ये महिलाएं 'वोकल फॉर लोकल' की ब्रांड एंबेसडर बन रही हैं, महिला नेतृत्व वाली विकास दृष्टि ने पुरानी सोच को चुनौती दी है, महिलाएं आज उन क्षेत्रोंमें भी ऊंचाइयों को छू रही हैं, जिन्हें कभी पुरुषों का गढ़ माना जाता था, आज भारतीय बेटियां लड़ाकू पायलट बन रही हैं और आसमान को छू रही हैं। नरेंद्र मोदी ने कहाकि दुनिया के किसीभी देश की तुलना में भारत में महिला पायलटों का प्रतिशत सबसे अधिक है।
प्रधानमंत्री ने कहाकि 2014 की तुलना में बेटियों के पीएचडी नामांकन में दोगुनी वृद्धि हुई है, उच्च शिक्षा और अनुसंधान में लगभग आधी भागीदारी महिलाओं की है, गणित विज्ञान शिक्षा में बेटियों की संख्या लगभग 43 प्रतिशत तक पहुंच गई है। प्रधानमंत्री ने कहाकि ये उपलब्धियां बेटियों केलिए अवसरों के बदलते परिदृश्य को दर्शाती हैं। उन्होंने कहाकि महिलाओं की सुरक्षा समाज केलिए एक बड़ी चुनौती है और सरकार ने इस दिशा में ठोस कदम उठाए हैं, न्याय व्यवस्था को अधिक संवेदनशील बनाने और निर्णय प्रक्रिया में तेजी लाने केलिए कानूनी सुधार किए गए हैं और त्वरित विशेष न्यायालय स्थापित किए गए हैं। नरेंद्र मोदी ने बतायाकि भारतीय न्याय संहिता में महिलाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है, जिससे किसीभी स्थान से ई-एफआईआर या जीरो-एफआईआर दर्ज की जा सकती है और पीड़ितों के बयान ऑडियो वीडियो से रिकॉर्ड करने का प्रावधान है। प्रधानमंत्री ने देश की हर मां, बहन और बेटी को आश्वस्त कियाकि राष्ट्र उनकी आकांक्षाओं को समझता है और उनके सपनों को साकार करने केलिए हर आवश्यक कदम उठा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहाकि हमें सामूहिक रूपसे नारी शक्ति को नई ऊर्जा प्रदान करनी चाहिए और उनके लिए अवसरों का विस्तार करना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने महिलाओं से आग्रह कियाकि वे नारी शक्ति वंदन अधिनियम की चर्चा को व्यक्तिगत मुलाकातों और सोशल मीडिया से देश के हर गांव तक पहुंचाएं। उन्होंने कहाकि देश को इस महत्वपूर्ण निर्णय के बारेमें हर महिला को जागरुक करना होगा, ताकि वे इसकी ताकत को समझ सकें, अपनी भूमिका को जान सकें और यह सपना देख सकेंकि आने वाले समय में वे राज्यों से लेकर देश की संसद तक अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकेंगी। प्रधानमंत्री ने कहाकि आइए हमसब मिलकर यह संकल्प लें कि नारी शक्ति को उनके अधिकार प्राप्त हों और वे निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूर्ण भागीदार बनें, यही उनके उज्ज्वल भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है। गौरतलब हैकि सितंबर 2023 में संसद ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पारित किया था, जो विधायी निकायों में महिलाओं का प्रतिनिधित्व बढ़ाने की दिशामें एक बड़ा कदम है और विकसित भारत 2047 के मुख्‍य स्तंभ के रूपमें महिला नेतृत्व वाले विकास केप्रति सरकार की निरंतर प्रतिबद्धता को प्रतिबिंबित है। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों की प्रख्यात हस्तियां, सरकार, शिक्षा जगत, विज्ञान, खेल, उद्यमिता, मीडिया, सामाजिक कार्य और संस्कृति जैसे विभिन्न क्षेत्रों की महिला प्रतिनिधि उपस्थित थीं।

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