एम्स राजकोट के 1st दीक्षांत समारोह में मेधावियों को पदक
देशभर में किफायती व विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं पर जोरस्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Tuesday 14 April 2026 12:27:23 PM
राजकोट। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने एम्स राजकोट के प्रथम दीक्षांत समारोह में मेधावियों को उपाधियां और पदक प्रदान किए। राष्ट्रपति ने इस अवसर पर कहाकि किफायती और विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने केलिए देशभर में एम्स स्थापित किए गए हैं, जो गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने, सार्वजनिक स्वास्थ्य पहलकदमियों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीतियों को तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहाकि नए स्वास्थ्य अनुसंधानों और मरीज़ों की देखभाल में एम्स की प्रतिबद्धता सराहनीय है। राष्ट्रपति ने कहाकि एम्स राजकोट एक नया संस्थान है, जिसे चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान और सेवा क्षेत्र में अभी एक लंबी यात्रा तय करनी है। उन्होंने एम्स राजकोट के नीति निर्माताओं से आग्रह कियाकि वे अपने उद्देश्यों में न केवल एम्स के मुख्य लक्ष्यों को शामिल करें, बल्कि इस क्षेत्रकी विशिष्ट स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान को प्राथमिकता दें।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि किसीभी संगठन के स्वस्थ विकास में सुशासन की महत्वपूर्ण भूमिका होती है, चिकित्सा पेशा केवल एक व्यवसाय नहीं है, यह मानवता की सेवा केप्रति एक प्रतिबद्धता भी है। उन्होंने कहाकि यह पेशा न केवल वैज्ञानिक ज्ञान की मांग करता है, बल्कि इसमें संवेदनशीलता, धैर्य और विनम्रता की भी उतनी ही आवश्यकता होती है। उन्होंने कहाकि डॉक्टर का सफ़ेद कोट बीमारी और अनिश्चितता के क्षणों में भरोसे का प्रतीक है, जो मरीज़ बीमारी और अनिश्चितता के क्षणों में उनपर करता है, इस भरोसे को बनाए रखने की ज़िम्मेदारी डॉक्टरों के कंधों पर है। राष्ट्रपति ने कहाकि देश में चिकित्सा क्षेत्रमें तकनीकी प्रगति अभूतपूर्व गति से हो रही है, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, प्रिसिजन मेडिसिन और डिजिटल स्वास्थ्य सेवाएं चिकित्साजगत के स्वरूप और संभावनाओं को तेज़ीसे बदल रही हैं। उन्होंने स्नातकों को सलाह दीकि वे इन बदलावों को अपनाने केलिए तैयार रहें। उन्होंने कहाकि नवीनतम तकनीकों को अपनाकर वे न केवल अपने ज्ञान और कौशल को बढ़ा पाएंगे, बल्कि बीमारियों का अधिक प्रभावी ढंग से इलाज भी कर पाएंगे।
द्रौपदी मुर्मु ने कहाकि हालांकि चिकित्सा में मानवीय संवेदना की भूमिका की जगह कोई और नहीं ले सकता, एक डॉक्टर के कोमल शब्द, आश्वस्त करने वाली मुस्कान और मरीज को सुनने का धैर्य, बीमारी को जल्दी ठीक करने में मदद करते हैं, जो सिर्फ दवाएं नहीं कर सकतीं। राष्ट्रपति ने कहाकि एक अच्छा डॉक्टर होना एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, हालांकि ईमानदारी, करुणा और परोपकार की भावना जैसे मानवीय मूल्यों से ओतप्रोत डॉक्टर होना इससे भी बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने कहाकि कुशल और सामाजिक रूपसे जागरुक डॉक्टरों में समाज में गहरा बदलाव लाने की शक्ति होती है। उन्होंने उन्हें सलाह दीकि वे अपनी स्थिति का रचनात्मक उपयोग करके राष्ट्रनिर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। राष्ट्रपति ने कहाकि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के लक्ष्य को प्राप्त करने केलिए नागरिकों का अच्छा स्वास्थ्य एक महत्वपूर्ण आधार है।
राष्ट्रपति ने कहाकि भारत सरकार ने अपने नागरिकों केलिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने केलिए कई कदम उठाए हैं। उन्होंने कहाकि ये प्रयास पहले से ही सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं, इन पहलों को और अधिक गति तब मिलेगी, जब सभी एकसाथ मिलकर आगे बढ़ेंगे। राष्ट्रपति ने कहाकि इस संदर्भ में एम्स जैसे राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों की भूमिका और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है, इन्हें चिकित्सा अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्रमें नए मानक स्थापित करके देश के स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र को दिशा दिखाने का दायित्व सौंपा गया है। राष्ट्रपति ने विश्वास व्यक्त कियाकि एम्स राजकोट सभी केलिए समान और सुलभ स्वास्थ्य सेवा के राष्ट्रीय लक्ष्य को साकार करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान देकर नए मानक स्थापित करेगा।