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'आधुनिकता केसाथ अपनी विरासत से भी जुड़े रहें'

केंद्रीय कर्नाटक विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले उपराष्ट्रपति

स्नातक छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान कर बधाईयां दीं

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Wednesday 22 April 2026 05:42:54 PM

vice president at the convocation of central karnataka university

कलबुर्गी (कर्नाटक)। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज कलबुर्गी में केंद्रीय कर्नाटक विश्वविद्यालय के 10वें दीक्षांत समारोह में स्नातक छात्र-छात्राओं को पदक और उपाधियां प्रदान कीं। उन्होंने स्नातकों को बधाई देते हुए उनसे आधुनिकता और वैश्विक दृष्टिकोण को अपनाते हुए भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक विरासत से जुड़े रहने का आह्वान किया। उपराष्ट्रपति ने कहाकि उनपर समाज और राष्ट्र केप्रति सार्थक योगदान देने की जिम्मेदारी है। भारत की विकास यात्रा का जिक्र करते हुए उपराष्ट्रपति ने कहाकि देश एक निर्णायक मोड़ पर खड़ा है, ‘विकसित भारत’ एक साझा राष्ट्रीय मिशन है, जिसके लिए प्रत्येक नागरिक को अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान देना होगा। उन्होंने युवाओं से नवाचार करने, ईमानदारी से नेतृत्व करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय रूपसे भाग लेने का आग्रह किया। उपराष्ट्रपति ने कहाकि आत्मनिर्भरता घरेलू क्षमताओं का दोहन करने, नवाचार को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तरपर प्रतिस्पर्धी बने रहते हुए स्थानीय उद्यमों का समर्थन करने में निहित है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि तेजीसे बदलती दुनिया में युवा स्नातकों को लगातार अपने कौशल को उन्नत करना चाहिए और उभरती प्रौद्योगिकियों और अवसरों के अनुकूल बने रहना चाहिए। उपराष्ट्रपति ने शैक्षणिक उत्कृष्टता में महिलाओं की बढ़ती भूमिका पर कहाकि देशभर के दीक्षांत समारोहों में पदक विजेताओं में महिलाओं की संख्या लगातार अधिक रहती है। उन्होंने संतोष व्यक्त कियाकि इसवर्ष विश्वविद्यालय में स्वर्ण पदक जीतने वालों में 80 प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं, यह नारी शक्ति की बढ़ती ताकत और सभी क्षेत्रोंमें समानता और नेतृत्व की दिशामें व्यापक सामाजिक परिवर्तन का प्रतिबिंब बताया। उपराष्ट्रपति ने कहाकि जहां दुनिया अपार अवसर प्रदान करती है, वहीं जलवायु परिवर्तन, तकनीकी व्यवधान और सामाजिक असमानताओं जैसी चुनौतियां भी प्रस्तुत करती है। उन्होंने छात्रों से इन चुनौतियों का साहस और रचनात्मकता केसाथ सामना करने और सफलता को केवल व्यक्तिगत उपलब्धियों से नहीं, बल्कि समाज पर पड़ने वाले सकारात्मक प्रभाव से मापने का आग्रह किया।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने छात्रों से सीपी राधाकृष्णन ने अभिभावकों, शिक्षकों और प्रशासन की सराहना करते हुए युवा प्रतिभाओं को आकार देने और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान की प्रशंसा की। उन्होंने स्नातकों से चुनौतियों का सामना करने में दृढ़ रहने, असफलताओं से सीखने और आत्मविश्वास केसाथ आगे बढ़ने का आग्रह किया। उन्होंने विद्यार्थियों को बड़े सपने देखने, जिम्मेदारी से काम करने और विकसित भारत एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में पूर्णतः योगदान देने केलिए प्रोत्साहित किया। इस अवसर पर कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत, कर्नाटक केंद्रीय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर सत्य नारायण, संकाय सदस्य, कर्मचारी, अभिभावक और विद्यार्थी उपस्थित थे।

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