शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में उमड़ा भगवाधारी जनसैलाब
भगवामय पश्चिम बंगाल में सुशासन स्थापित करने का वादास्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम
Saturday 9 May 2026 04:42:09 PM
कोलकाता। पश्चिम बंगाल में ब्रिगेड परेड मैदान पर भगवामय पश्चिम बंगाल, हिंदुत्व और राष्ट्रवाद की प्रचंड लहर, जोश और उल्लास में लहराते सैकड़ों कमल के झंडे, रबिंद्रनाथ टैगोर के गीत-संगीत की गूंज, दूरदराज से पधारे साधु संत, जय श्रीराम और सनातन का उद्घोष, आज़ादी केबाद देश को आज यह ऐतिहासिक और शुभदिन और नजारा देखने को मिला, जब देश के हिंदुत्व के प्रतीक भगवा वस्त्र धारणकर एक संस्कारवान युवा और पश्चिम बंगाल में इस्लामिक जेहादी आतताइयों से लड़ने वाले शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के पहले भाजपाई मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और सभी भाजपा एवं एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी एवं लाखों लोग पश्चिम बंगाल की सत्ता परिवर्तन के साक्षी रहे। संदेश साफ हैकि शुभेंदु अधिकारी अपनी हर जनसभा में जिस मुद्दे को बार-बार उठा रहे थे, वह सनातन और हिंदुत्व और बंगाली मानुष था, मगर ममता बनर्जी इसका इस्लामीकरण कर बांग्लादेश के हवाले कर रही थी। इनके साथ पांच मंत्रियों ने भी शपथ ली।
राइटर्स बिल्डिंग का नजारा बिल्कुल बदल गया है, यह पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री का ऑफिस है, जहां बड़े नामधारी राजनेता मुख्यमंत्री के रूपमें यहां से पश्चिम बंगाल की सरकार चला चुके हैं। पश्चिम बंगाल के चुनाव पर देश और दुनिया की नज़र थी। इसका खास कारण यह थाकि भारत के राज्य उत्तर प्रदेश केबाद पश्चिम बंगाल सर्वाधिक महत्व का राज्य है। भारतीय जनता पार्टी यहां हर बार अपनी सत्ता कायम करने का संघर्ष करती आई है। भाजपा ने कभी भी हिम्मत नहीं हारी और इसबार उसे विधानसभा चुनाव में प्रचंड सफलता हासिल की है, जिसमें उसने पंद्रह साल के टीएमसी के ममता बनर्जी के शासन को उखाड़ फेंका है। भारतीय जनता पार्टी पश्चिम बंगाल में एक तरह से बांग्लादेश से लड़ रही थी, जिसमें ममता बनर्जी बंगाल के मुख्यमंत्री का मुखौटा लगाकर बांग्लादेश के हाथों का खिलौना थी। हद यहां तक पहुंची कि बंगाली मानुष को केवल टीएमसी को ही वोट देने का आदेश था, बंगाल के सारे संसाधनों पर बांग्लादेश का कब्जा था, जिससे वहां के सारे सुख बांग्लादेशी आतताई मुस्लिम भोग रहे थे। इसबार बंगाली मानुष की अस्मिता जाग उठी और उसने एकजुट होने की हिम्मत दिखाई, जिसमें ममता बनर्जी के गढ़ ढह गए, इसका नजारा शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में दिखाई दिया। आज पश्चिम बंगाल भगवामय हो गया है, जिसका देश और भारतीय जनता पार्टी को इंतजार था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के शपथ ग्रहण समारोह में 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के पैर छूकर सम्मान दिया, जो बीजेपी के प्रारंभिक सदस्य और राष्ट्रवादी आंदोलन के सक्रिय कार्यकर्ता हैं। अमित शाह ने कहाकि आज का दिन बंगाल के लिए ऐतिहासिक है, जब बंगाल की जन आकांक्षाओं को समर्पित और भारतीय जनता पार्टी के पहले मुख्यमंत्री के रूपमें शुभेंदु अधिकारी ने शपथ ग्रहण की है। बंगाल में सुशासन, विकास और जनकल्याण का एक नया अध्याय प्रारंभ हो गया है। पश्चिम बंगाल प्रगति और समृद्धि के मार्ग पर आगे बढ़ेगा। शपथ ग्रहण के बाद पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने अपने पहले संबोधन में कहाकि बंगाल के पुनर्निर्माण का समय आ गया है, जब मैं हिंदुत्व और डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों पर आधारित सुशासन दूंगा। उन्होंने कहाकि मैं पश्चिम बंगाल की जनता का तहेदिल से धन्यवाद व्यक्त करता हूंकि उसने पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी को ज़बरदस्त समर्थन दिया है और हमारे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर अपना विश्वास जताया है। उन्होंने कहाकि यह जीत हर देशभक्त राष्ट्रवादी की जीत है, यह हर भाजपा कार्यकर्ता की जीत है। शुभेंदु अधिकारी ने कहाकि भाजपा एक विकसित, समृद्ध और सुरक्षित पश्चिम बंगाल के लिए प्रतिबद्ध है, हम अपने वादों को पूरा करने केलिए पूरी तरह से दृढ़ हैं, सभीको साथ लेकर हम एक स्वस्थ, सुंदर और उन्नत बंगाल का निर्माण करेंगे।
शुभेंदु अधिकारी ने मीडिया में कहाकि जो लोग अभीभी चुनाव परिणामों पर चर्चा कर रहे हैं, उन्हें सद्बुद्धि प्राप्त हो, पश्चिम बंगाल को बहुत नुकसान पहुंचा है, शिक्षा का ह्रास हुआ है, संस्कृति नष्ट हो गई है, हम बंगाल का पुनर्निर्माण करेंगे, हमारे कंधों पर एक बहुत बड़ी ज़िम्मेदारी। उन्होंने चुनाव आयोग, सरकारी कर्मचारियों, केंद्रीय बलों और राज्य तथा कोलकाता पुलिस बलों के सदस्यों का विशेष आभार व्यक्त किया, जिन्होंने विधानसभा चुनाव की इस लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सुचारू रूपसे और सफलतापूर्वक संपन्न कराया है। शुभेंदु अधिकारी के शपथ ग्रहण में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन, गृहमंत्री अमित शाह, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य एवं ब्रजेश पाठक, रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़नवीस, डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री एन चंद्रबाबू नायडु, बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, भाजपानेत्री स्मृति इरानी, केंद्रीय एवं भाजपा और एनडीए शासित राज्यों के कैबिनेट मंत्री आदि की मौजूदगी उल्लेखनीय है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की हिंसा में शहीद हुए हिंदुओं को श्रद्धांजलि दी और इस हिंसा के पीड़ितों एवं उनके परिजनों से मुलाकात की।