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भारत से यूएई की एक बड़ी ऊर्जा साझेदारी!

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की

भारत यूएई के बीच औरभी कई द्विपक्षीय रणनीतिक समझौते

स्वतंत्र आवाज़ डॉट कॉम

Friday 15 May 2026 05:16:17 PM

strategic agreements between india and uae

अबुधाबी। भारत में संयुक्त अरब अमीरात एक बड़ा ऊर्जा साझेदार है। विश्वभर में ऊर्जा स्रोतों पर गहराते संकट केबीच ऊर्जा विकल्पों और समाधानों की पहल करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से अपनी पांच देशों की यात्रा की शुरुआत संयुक्त अरब अमीरात से की। अबुधाबी हवाई अड्डे पहुंचने पर यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने उनका स्वागत पारंपरिक रूपसे गार्ड ऑफ ऑनर केसाथ किया। गौरतलब हैकि संयुक्त अरब अमीरात के यहां बड़े पैमाने पर ऊर्जा स्रोतों का नुकसान हुआ है। दोनों राजनेताओं केबीच महत्वपूर्ण बैठक हुई, जिसमें सर्वप्रथम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की और यूएई के नेतृत्व एवं जनता केप्रति भारत की एकजुटता को दोहराया। प्रधानमंत्री ने ईरान केबीच होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित पारगमन और निर्बाध नौवहन सुनिश्चित करने के पक्ष में भारत की स्पष्ट स्थिति से भी उन्हें अवगत कराया, जो क्षेत्रीय शांति और स्थिरता केसाथ ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा केलिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। दोनों राजनेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा की और ऊर्जा, व्यापार, निवेश, रक्षा, सुरक्षा, फिनटेक, अवसंरचना, शिक्षा, संस्कृति और जन संबंधों जैसे क्षेत्रोंमें व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सुदृढ़ीकरण का स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने भारत-यूएई व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते की सफलता को स्वीकार किया, जिसके कारण द्विपक्षीय व्यापार ने नई ऊंचाइयों को छुआ है। प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति ने जीवंत और बढ़ते द्विपक्षीय ऊर्जा साझेदारी की सराहना की, जिसमें कच्चे तेल, एलएनजी और एलपीजी आपूर्ति सहित भारत की ऊर्जा सुरक्षा में यूएई की बड़ी भूमिका है। दोनों राजनेताओं ने व्यापक ऊर्जा साझेदारी केलिए नई पहलों को बढ़ावा देने पर सहमति व्यक्त की। उन्होंने भारतीय सामरिक पेट्रोलियम भंडार लिमिटेड और अबूधाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी केबीच रणनीतिक सहयोग समझौते का स्वागत किया, जिसके तहत भारत के सामरिक पेट्रोलियम भंडार में यूएई की हिस्सेदारी को 30 मिलियन बैरल तक बढ़ाया जाएगा और भारत में सामरिक गैस भंडार स्थापित करने केलिए मिलकर काम किया जाएगा। उन्होंने दीर्घकालिक एलपीजी आपूर्ति केलिए भारतीय तेल लिमिटेड कंपनी और अबूधाबी राष्ट्रीय तेल कंपनी केबीच समझौते का भी स्वागत किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने यूएई कंपनियों के भारत में 5 अरब अमेरिकी डॉलर के निवेश की घोषणा का स्वागत किया, इसमें अमीरात न्यू डेवलपमेंट बैंक बैंक ऑफ इंडिया में 3 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश, अबूधाबी इन्वेस्टमेंट अथॉरिटी नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इन्वेस्टमेंट फंड ऑफ इंडिया केसाथ भारत में प्राथमिकता वाली अवसंरचना परियोजनाओं में 1 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश और इंटरनेशनल होल्डिंग कंपनी भारत की सम्मान कैपिटल में 1 अरब अमेरिकी डॉलर का निवेश करेगी। ये निवेश भारत के विकास केप्रति यूएई की निरंतर और दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हैं, साथही द्विपक्षीय रणनीतिक निवेश साझेदारी को भी मजबूत करते हैं। नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति ने व्यापक रणनीतिक साझेदारी के महत्वपूर्ण स्तंभ के रूपमें स्थिर और मजबूत द्विपक्षीय रक्षा सहयोग को स्वीकार किया। उन्होंने दोनों देशों केबीच रणनीतिक रक्षा साझेदारी के ढांचे पर हस्ताक्षर का स्वागत किया, इसके तहत दोनों पक्ष रक्षा औद्योगिक सहयोग और नवाचार एवं उन्नत प्रौद्योगिकी, प्रशिक्षण, अभ्यास, समुद्री सुरक्षा, साइबर रक्षा, सुरक्षित संचार और सूचना आदान प्रदान के क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करने पर सहमत हुए हैं।
नरेंद्र मोदी और यूएई के राष्ट्रपति इस दौरान द्विपक्षीय सहयोग को औरभी मजबूत करने वाले समझौतों के आदान प्रदान के साक्षी बने। ये हैं-भारत सरकार की समुद्री विकास निधि योजना केतहत वाडीनार में अपतटीय निर्माण सहित जहाज मरम्मत क्लस्टर स्थापित करने केलिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड और ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दुबई केबीच समझौता, जहाज मरम्मत में कौशल विकास केलिए कोचीन शिपयार्ड लिमिटेड, ड्राईडॉक्स वर्ल्ड दुबई और सेंटर ऑफ एक्सीलेंस इन मैरीटाइम एंड शिपबिल्डिंग केबीच त्रिपक्षीय समझौता, जो कुशल समुद्री कार्यबल को जुटाने, प्रशिक्षित करने और रोज़गार देने केलिए एक ढांचा स्थापित करता है, भारतीय समुद्री कार्यबल की क्षमताओं को बढ़ाता है और भारत को कुशल जहाज निर्माण और जहाज मरम्मत पेशेवरों के केंद्र के रूपमें स्थापित करता है। भारत की सीडीएसी और संयुक्त अरब अमीरात की जी-42 केबीच साझेदारी में 8 एक्सफ़्लॉप सुपर कंप्यूट क्लस्टर स्थापित करने केलिए टर्म शीट पर चर्चा हुई। दोनों राजनेताओं ने मास्टर एप्लीकेशन फॉर इंटरनेशनल ट्रेड एंड रेगुलेटरी इंटरफेस का उपयोग करके वर्चुअल ट्रेड कॉरिडोर के संचालन का स्वागत किया, यह डिजिटल ढांचा दोनों पक्षों के सीमा शुल्क और बंदरगाह अधिकारियों को जोड़ता है, माल की आवाजाही को सुव्यवस्थित करेगा और लागत एवं पारगमन समय दोनों को कम करेगा, जिससे अधिक कुशल व्यापार प्रवाह संभव होगा। प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान को उनके हार्दिक स्वागत और आतिथ्य सत्कार केलिए धन्यवाद दिया और उन्हें शीघ्र ही भारत आने का निमंत्रण भी दिया।

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