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'एम्स रायपुर छत्तीसगढ़ में विकास का साक्षी'

एम्स के दीक्षांत समारोह में स्नातक मेधावियों को डिग्री व पदक प्रदान

उपराष्ट्रपति ने स्नातकों को दी गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं की ज़िम्मेदारी

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Wednesday 2 September 2026 04:13:21 PM

aiims convocation ceremony

रायपुर। उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) रायपुर के तीसरे दीक्षांत समारोह में स्नातकों का लोगों के स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन की रक्षा केप्रति अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा एवं समर्पण केसाथ निभाने का आह्वान किया है। उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से कहाकि यह दीक्षांत समारोह केवल उत्सव का क्षण नहीं है, बल्कि जिम्मेदारी का भी अवसर है। उन्होंने कहाकि आज उनको डिग्रियां मिली हैं और कल उनको इससे कहीं अधिक मूल्यवान जिम्मेदारी सौंपी जाएगी-‘भारत की जनता का स्वास्थ्य, विश्वास और जीवन।’ उपराष्ट्रपति ने कहाकि 2012 में स्थापना केबाद से एम्स रायपुर ने मध्य भारत में स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान से जुड़ी क्षेत्रीय असमानताओं को कम करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने एम्स रायपुर को छत्तीसगढ़ में विकास का साक्षी बताते हुए कहाकि बेहद कम समय में यह संस्थान छत्तीसगढ़ सहित पड़ोसी राज्यों केलिए एक प्रमुख तृतीयक स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूपमें स्थापित हुआ है और ग्रामीण व आदिवासी समुदायों तकभी गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं पहुंचा रहा है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में दशकों से चली आ रही चुनौतियों का जिक्र करते हुए कहाकि कठिन भौगोलिक स्थिति, आवागमन की खराब सुविधा और वामपंथी उग्रवाद ने विकास में गंभीर बाधाएं खड़ी कीं, कई दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों में भय और हिंसा ने सड़कों, स्कूलों और अस्पतालों के विकास को बाधित कर दिया, जिससे समुदायों को आवश्यक सेवाओं तक पहुंचने में दूरी और अभाव का सामना करना पड़ता था। उपराष्ट्रपति ने कहाकि छत्तीसगढ़ आज अपने अतीत के अंधकार से निकलकर समृद्धि, विकास और प्रगति के नए युग की ओर अग्रसर है। सीपी राधाकृष्णन ने इस परिवर्तन का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्णायक नेतृत्व, गृहमंत्री अमित शाह के रणनीतिक संकल्प और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के प्रतिबद्ध नेतृत्व को दिया।
सीपी राधाकृष्णन ने कहाकि दशकों से चले आ रहे नक्सली खतरे का अंत हो गया है और जिन क्षेत्रों को कभी हिंसा केलिए जाना जाता था, उन्हें अब सड़कों, स्कूलों, अस्पतालों, कनेक्टिविटी, निवेश और अवसरों केलिए जाना जाने लगा है। उन्होंने कहाकि यह परिवर्तन इस बातका एक सशक्त उदाहरण हैकि मजबूत राजनीतिक इच्छाशक्ति, दृढ़ सुरक्षा नीति और विकासोन्मुखी शासन कितना बड़ा बदलाव ला सकते हैं। उपराष्ट्रपति ने एम्स रायपुर को नए छत्तीसगढ़ के बेहतरीन प्रतीकों में से एक बताया, जो भय अभाव के युग से शांति, प्रगति और संभावनाओं की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने उन्नत स्वास्थ्य सेवा और प्रत्यारोपण के क्षेत्रमें एम्स की उपलब्धियां सराहीं। उन्होंने छत्तीसगढ़ में किए गए पहले किडनी प्रत्यारोपण में 95 प्रतिशत से अधिक सफलता दर, कॉर्नियल प्रत्यारोपण और कान प्रत्यारोपण का उल्लेख किया, जो यह दर्शाती हैंकि इस क्षेत्रमें उन्नत चिकित्सा कितनी तेजीसे सुलभ हो रही है। उन्होंने कहाकि हृदय प्रत्यारोपण कार्यक्रम की मंजूरी एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विकसित भारत के राष्ट्रीय विजन को प्राप्त करने केलिए संतुलित विकास के महत्व पर बल देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहाकि यह दृष्टिकोण तभी साकार हो सकता है, जब प्रत्येक राज्य, जिला और गांव का विकास हो। उन्होंने कहाकि उच्चशिक्षा तक पहुंच विकसित भारत की परिकल्पना का मूल आधार है। उन्होंने इन बारह वर्ष के दौरान उच्चशिक्षा के विस्तार पर प्रकाश डाला। उन्होंने उच्चशिक्षा में महिलाओं की भागीदारी में हुई उल्लेखनीय वृद्धि का उल्लेख किया, वर्ष 2014-15 में महिला नामांकन जहां 1.57 करोड़ था, 2023-24 में यह बढ़कर 2.24 करोड़ हो गया, जो 42.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है। एम्स रायपुर के दीक्षांत समारोह में भी 376 महिलाओं और 313 पुरुषों को डिग्री मिली है। सीपी राधाकृष्णन ने स्नातकों से हमेशा दृढ़ता से नशीली दवाओं को न कहने और एक ऐसे भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया, जहां प्रौद्योगिकी सभी नागरिकों तक पहुंचे और प्रत्येक युवा भारतीय एक बेहतर भविष्य की आकांक्षा कर सके।
उपराष्ट्रपति ने स्नातकों से कहाकि उनका ज्ञान स्वास्थ्य प्रदान करे, शोध नवाचार लाए और सेवाएं प्रेरणा दें। उन्होंने एम्स रायपुर को नैदानिक उत्कृष्टता, वैज्ञानिक नवाचार, जन स्वास्थ्य और करुणापूर्ण सेवा में निरंतर सफलता की कामना की। उन्होंने उम्मीद जताईकि छत्तीसगढ़ का रूपांतरण 2047 तक विकसित भारत की दिशामें एक महत्वपूर्ण अध्याय बनेगा। उपराष्ट्रपति ने मेधावियों को स्वर्ण पदक और प्रमाणपत्र प्रदान किए। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका, केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं रसायन एवं उर्वरक राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल, छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, रायपुर के सांसद बृजमोहन अग्रवाल, एम्स रायपुर के अध्यक्ष प्रोफेसर संजीव हांडा और एम्स रायपुर के कार्यकारी निदेशक सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल अशोक जिंदल उपस्थित थे।

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